Betul News: सांभर का मांस बरामद, 5 आरोपी गिरफ्तार, सिर और अंगों का रहस्य अब भी बरकरार

Betul News: Sambar meat recovered, 5 accused arrested, mystery of head and organs still remains

वन विभाग ने पीठ थपथपाई पर आधा सच आया सामने, शिकार की असली कहानी अब भी अधूरी

Betul News: बैतूल। वनवृत के उत्तर वनमंडल के बैतूल परिक्षेत्र में बीते दिनों बड़ी कार्रवाई करते सांभर के शिकार के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से सांभर का पका हुआ मांस बरामद कर बकायदा गंजियों में रखे मांस के साथ फोटो सेशन करवाकर अधिकारियों ने इसे अपनी बड़ी सफलता करार दिया और पीठ भी थपथपाई।

इस कार्रवाई में कई सवाल ऐसे हैं, जिनका जवाब अभी तक सामने नहीं आया है। सबसे बड़ा सवाल यह कि जब पका हुआ मांस बरामद हुआ तो फिर सांभर का सिर, खाल और अन्य अंग कहां गए? यदि इन अंगों को भी बरामद करने में अधिकारियों ने सफलता हासिल की है तो इसका उल्लेख प्रेस नोट आदि में क्यों नहीं किया गया? हालांकि रेंज अफसर अवशेषों को बरामद करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि अवशेषो की बरामदगी अभी तक नहीं हो पाई है। वैसे भी उत्तर वन मण्डल का बैतूल परिक्षेत्र जंगली जानवरों के शिकार के लिए चर्चित है। पूर्व में भी यहां शेर के शिकार की घटना हो चुकी हैं।

साम्भर के मांस के प्रमाणीकरण पर संदेह

वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत सांभर संरक्षित प्रजाति है और इसके शिकार पर सख्त प्रतिबंध है। ऐसे मामलों में आमतौर पर पूरा शव बरामद होता है, ताकि यह साबित हो सके कि शिकार किस जानवर का किया गया है, लेकिन इस मामले में अधिकारियों ने केवल पके मांस की ही बरामदगी की है। इसे लेकर अधिकारियों का दावा है कि बरामद मांस सांभर का है, लेकिन सवाल यह है कि बिना सिर और अन्य अंगों के बरामदगी हुए बिना यह कैसे प्रमाणित होगा? यही वजह है कि अब विभाग की कार्यवाही पर संदेह के बादल मंडराने लगे हैं।

आधा सच बताकर कहीं गुमराह तो नहीं किया जा रहा?

इस गम्भीर मामले को लेकर कुछ स्थानीय लोगो से चर्चा की गई, लेकिन पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मामला केवल आधा सच ही उजागर कर रहा है। अगर सच में सांभर का शिकार हुआ तो उसके सींग, खाल और हड्डियां किसके पास हैं? इन्हें बरामद क्यों नहीं किया जा सका,क्याआरोपियों द्वारा इन्हें किसी अन्य गिरोह को बेचा गया है ? या फिर सबूत मिटाने के लिए नष्ट कर दिया गया? यह सवाल विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं। वन विभाग ने पांच आरोपियों की गिरफ्तारी को अपनी उपलब्धि बताई है, लेकिन जांच की गहराई अब तक सामने नहीं आई है। जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि,आरोपियों से सख्ती से पूछताछ करने की बजाय मामले को जल्दबाजी में निपटा दिया गया है।

यही कारण है कि ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों में असंतोष पनप रहा है। उनका मानना है कि केवल आधा सच दिखाकर जनता और मीडिया दोनो को गुमराह किया जा रहा है। कुल मिलाकर जंगलों में लगातार बढ़ रहे शिकार के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी है कि विभाग पारदर्शिता के साथ काम करे। केवल मांस की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी को सफलता बताना पर्याप्त नहीं है। जब तक पूरे मामले की तह तक जाकर असली शिकार की तस्वीर उजागर नहीं होगी और सांभर के गायब अंगों का रहस्य सामने नहीं आएगा, तब तक यह कार्रवाई अधूरी और संदिग्ध ही मानी जाएगी।

इनका कहना…

सांभर के अन्य अवशेष भी बरामद कर लिए गए हैं, लेकिन इसे एक्पोज नहीं किया गया है।

अरुणेंद्र शुक्ला, परिक्षेत्र अधिकारी बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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