Betul Pashu chikitsalay : पशु चिकित्सालय में मवेशियों से अमानवीयता की हदें पार,बाहर से लानी पड़ रही दवाइयां, इंजेक्शन लगाने के भी वसूले जा रहे रुपए
Betul Pashu chikitsalay: Crossing the limits of inhumanity with cattle in veterinary hospital, medicines have to be brought from outside, money is being charged for injections


Betul Pashu chikitsalay : (बैतूल)। कोठी बाजार स्तिथ जिले का प्रमुख पशु चिकित्सालय में किस कदर मनमानी और भर्राशाही चल रही है, इसका खुलासा सीएम हेल्पलाइन और कलेक्टर से की गई शिकायत में सामने आया है। पशु चिकित्सालय में बीमार पशु तो अमानवीयता का शिकार हो ही रहे हैं, बल्कि पशुओं को अस्पताल ले जाने वाले पशुपालक और पशुप्रेमी भी अस्पताल के कर्मचारियों के तुगलकी फरमानों का शिकार हो रहे हैं।
शिकायतकर्ता अर्जुन वार्ड निवासी राहुल दलथौबिया ने आरोप लगाया है कि अस्पताल(Betul Pashu chikitsalay ) में दवाइयां बाहर से मंगवाई जाकर मोटा कमीशन लिया जा रहा है, जबकि पशुओं के इलाज के लिए शासन स्तर पर लाखों रुपयों की दवाइयां मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती हैं।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि अस्पताल में पशुओं को लगाने के लिए इंजेक्शन भी बाहर से बुलाये जा रहे हैं । यही नहीं इलाज के दौरान मृत पशु भी अमानवीयता का शिकार हो रहे हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किये जाने की मांग की है।
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अपने कमीशन के लिए लिखी जा रही महंगी दवाइयां
शिकायत करता राहुल दलथौबिया का कहना है कि, मवेशियों या बीमार जानवरों को इलाज के लिए जब अस्पताल ले जाया जाता है, तो दवाइयां अस्पताल से नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि पशुओं को लगाए जाने वाले इंजेक्शन भी बाहर से बुलवाए जाते हैं। जबकि सरकार की तरफ से मूक पशुओं के इलाज के लिए इंजेक्शन दवाइयां अस्पताल को प्रदाय कर मुफ्त उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा यह जांच का विषय है।
हद तो तब हो जाती है कि लोगों को इंजेक्शन भी बाहर खरीद कर लाना पड़ रहा है और अस्पताल में पदस्थ कम्पाउंडर को इंजेक्शन लगाने के पैसे भी देना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता का सीधा आरोप है कि महंगी दवाइयां इसलिए लिखी जा रही हैं ताकि इन कम्पनियों से मोटा कमीशन प्राप्त किया जाता रहे।
अमानवीयता का शिकार हो रहे मृत पशु
शिकायतकर्ता का आरोप है कि अपने बीमार पशुओं को लोग इसलिए अस्पताल ले जाते हैं, ताकि पशु ठीक हो सकें, लेकिन इलाज के नाम पर असप्ताल के कर्मचारी जो कुछ भी कर रहे हैं वो मानवीयता की पराकाष्ठा से बाहर है। अस्पताल में पशुओं को ठीक तरीके से इलाज मिलना तो दूर, मृत हो चुके पशु भी अमानवीयता का शिकार हो रहे हैं।
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राहुल ने बताया कि, अस्पताल में एक छोटी गाय मृत पड़ी हुई थी, उसके मुहं से फेस निकल रहा था। जब इस संबंध में कर्मचारियों से पूछा गया तो यह कहा गया कि यह हमारा काम है हम देख लेंगे। (Betul Pashu chikitsalay )अस्पताल में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है, लेकिन कर्मचारी हैं कि सिर्फ अपने फायदे का ही काम कर रहे हैं, उन्हें मूक पशुओं के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है।
शिकायतकर्ता ने सूचना के अधिकार के तहत भी जानकारियां विभाग से मांगी हैं और मांग की है कि अस्पताल(Betul Pashu chikitsalay) प्रबंधन के क्रियाकलापों की सूक्ष्मता से जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए।




