Betul Politics : भाजपा-कांग्रेस के लिए गेंमचेंजर साबित होंगे 85 हजार युवा मतदाता
Betul Politics: 85 thousand young voters will prove to be a gamechanger for BJP-Congress.

जिले में 33 हजार से अधिक और हरदा-टिमरनी-हरसूद में 51 हजार नए मतदाता बढ़े
Betul Politics : (बैतूल)। युवाओं को देश का आधार स्तंभ माना जाता है, यही वजह है कि इनके मुद्दे भुनाने में राजनैतिक पार्टियां अवसर नहीं छोड़ती है। युवा मतदाताओं को रिझाने के लिए दोनों प्रमुख पार्टी भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने घोषणा पत्र में कई संकल्प दोहराए हैं। अब इस पार्टी के संकल्प पत्र पर युवाओं की नजर जाएगी, यह तो चुनाव परिणामों के बाद स्पष्ट होगा, लेकिन संसदीय 85 हजार से अधिक नए युवा मतदाताओं पर भाजपा और कांग्रेस की नजर टिकी हुई है। कुल मिलाकर इन्हें दोनों ही पार्टी के लिए गेंमचेंजर कहे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। जिस भी पार्टी को युवाओं का अधिक समर्थन मिला, उसकी जीत तय मानी जा रही है।
युवा मतदाताओं को रिझाने के लिए हर बार चुनाव के पहले कई तरह के सब्जबाग दिखाए जाते हैं। चूंकि 18 वर्ष के होने के पहले निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची नए सिरे से बनाई जाती है। विधानसभा चुनाव में भी नई मतदाता सूची बनाकर 18 वर्ष के युवाओं का नाम जोड़ा गया था। 6 माह बाद एक बार फिर 18 वर्ष से अधिक नए मतदाताओं पर सबकी नजर टिकी हुई है। यह बात इसलिए कही जा रही है, क्योंकि पहली बार मतदान करने वाले मतदाता स्वविवेक से ऐसी पार्टी को अपना मत देते हैं जो उनके संज्ञान में हो। यानी की परिजन जिस पार्टी को परंपरागत वोट देते आए हैं, लेकिन युवा मतदाताओं की सोच बिलकुल अलग होती है। यही वजह है कि इन्हें रिझाने के लिए कांग्रेस भाजपा समेत अन्य पार्टियां कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
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संसदीय क्षेत्र में बढ़े 85125 नए मतदाता (Betul Politics)
निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर नजर दौड़ा तो इस बार संसदीय क्षेत्र की आठ विधानसभाओं में कुल 85125 नए मतदाता अपने मताधिकार का पहली बार प्रयोग करेंगे। इन नए मतदाताओं में जिले की पांच विधानसभा बैतूल , घोड़ाडोंगरी, मुलताई, आमला, भैंसदेही से 33309 नए मतदाता जुड़े हैं। इसी तरह हरद-टिमरनी और हरसूद में रिकार्ड 51816 नए मतदाता जुड़े हैं। इस लिहाज से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी की नजर नए 85 हजार से अधिक मतदाताओं पर टिकी है। कहा जा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों नए मतदाताओं को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
भाजपा ने टीम लगाई, कांग्रेस भी तैयार
सूत्र बताते हैं कि नए मतदाताओं को साधने के लिए भाजपा ने अपने मंडल अध्यक्षों समेत पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं को नए मतदाताओं को साधने के लिए उपयोगी टिप्स दी है। पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं से मिलकर उन्हें सरकार की योजनाओं बताने के लिए कहा गया है। मतदान के पहले नए मतदाताओं की सूची बनाकर इनसे संपर्क किया जा रहा है। इसके विपरित कांग्रेस भी नए मतदाताओं को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
जिसको मिला साथ, मार लेगा बाजी
राजनैतिक विश्लेषकों की माने तो अन्य मतदाताओं की अपेक्षा नवमतदाताओं के वोट चुनाव में काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। उनका मानना है कि पहली बार मतदान करने वालों का उत्साह दोगुना होता है, इसलिए 90 प्रतिशत से अधिक मतदान होने पर नवमतदाता भाग्य विधाता साबित हो सकते हैं। यदि नवमतदाताओं के वोट एक पार्टी को अधिक गए तो जीत-हार में बड़ा अंतर भी देखने को मिल सकता है। पिछले चुनाव के इतिहास पर नजर दौड़ाए तो यह स्थिति सामने आ चुकी है कि नवमतदाताओं ने जिस पार्टी को सहयोग दिया उसकी जीत की संभावना अधिक रहती है। यही वजह है कि बैतूल संसदीय क्षेत्र में 85 हजार से अधिक नवमतदाताओं पर दोनों पार्टियों की नजर टिकी हुई है।





