Betul Politics : कमलनाथ की महज एक सभा से निकले तरकस के कई तीर
Betul Politics: Many arrows from Kamal Nath's quiver in just one meeting

बैतूल के पूर्व विधायक डागा का उद्बोधन चर्चा में, असंतुष्ट खेमेे की मंच पर उपस्थिति से सभी हतप्रभ
Betul Politics :(बैतूल)। प्रदेश की राजनीति में सर्वमान्य नेता कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भले ही वर्तमान में केवल छिंदवाड़ा के विधायक मात्र है, लेकिन बैतूल की राजनीति में उनका कितना हस्तक्षेप है। यह बात कांग्रेसी भी अच्छी तरह से समझते हैं। भले ही उनकी गैरमौजूदगी में कांग्रेसी कुछ बातें ऐसी बोल जाते हैं जो पार्टी की डेडलाइन से मेल नहीं खाती है, लेकिन जब वे बैतूल जिले में रहते हैं तो पर्दे के पीछे रहने वाले नेता भी मंच पर उन्हें चेहरा दिखाने के लिए चेष्टा करते देखे जा सकते हैं। शनिवार को भी आमला के चुटकी में आयोजित सभा में जिस तरह कांग्रेस में एकजुटता का नजारा देखा गया, इससे सभी हतप्रद रह गए। अब तक रामू टेकाम के प्रचार से दूरी बनाए बैठे कांग्रेस के कुछ दिग्गज नेता मंच पर स्थान पाने में कामयाब हुए। इसके अलावा सर्वमान्य नेता की आंखों का तारा बनने के लिए कांग्रेसियों ने जिस तरह अपने उद्बोधन में अंक बढ़ाने का प्रयास किया है, इसकी भी खूब चर्चा हो रही है। बैतूल के पूर्व विधायक निलय डागा ने जिस तरह भाजपा में शामिल हुए नेताओं पर जमकर प्रहार किया है, इसके कई राजनैतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
अपने पुत्र नकुलनाथ के चुनाव से 19 अप्रैल को मतदान के बाद फ्री होते ही दिग्गज नेता कमलनाथ ने कई बार सार्वजनिक रूप से यह बात कही है कि छिंदवाड़ा के बाद उनका किसी से लगाव है तो वह बैतूल जिला है। इसे संयोग ही कहे कि रामू टेकाम के समर्थन में शनिवार को आमला ब्लॉक मेंं आयोजित आमसभा में कमलनाथ ने इस बात को फिर दोहराया। उनके उद्बोधन का पहला लब्बोलुआब भाजपा को घेरना था, इसमें वे कामयाब भी हो गए। जिस तरह उन्होंने सभा में जय जय श्रीराम के नारे लगाए, यह कांग्रेस हाईकमान के निर्देशों के विपरित थे। उन्होंने अपने आप को हिंदू होने का भी दावा किया। इसके बाद दूसरा लब्बोलुआब यह था कि हमेशा की तरह वे बैतूल के विकास के लिए कांगेे्रस को जीत दिलाने का आव्हान करते देखे गए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम को जीत दिलाने पर विकास की गारंटी उनकी होगी। यानी कहीं न कहीं छिंदवाड़ा के बाद बैतूल और यहां के कांगे्रसियों से उनका लगाव काफी करीब है, यह बात एक बार फिर साबित हो गई। उम्र के लिहाज से भले ही वे उद्गबोधन में जिले के 85 लाख किसानों का कर्ज माफी की बात कहकर बुरा फस गए, लेकिन यह बात उनकी जुबान फिसलने से निकलने की बात कही जा रही है। मसलन उन्होंने पहले जिले में 27 लाख किसानों का कर्जमाफी होने की बात कही थी। उनका वजनदार भाषण कांग्रेसियों में एक ऊर्जा का संचार कर गया। उनका मंच पर आना ही रामू के पक्ष में कांग्रेसियों को एकजुट करेगा।
प्रकरण एक: नाराज कांग्रेसी मंच पर आए (Betul Politics)
कांग्रेस की राजनीति में अब तक अस्थिरता चल रही है। इसकी बानगी हर चुनाव के पहले देखने को मिल सकती है, लेकिन दबी जुबान से कहा जा रहा है कि रामू टेकाम को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद पूर्व विधायक निलय डागा, धरमू सिंह सिरसाम, बह्मा भलावी चुनाव से पूरी तरह दूरी बनाकर चल रहे थे। चर्चा तो यह भी चल रही थी कि इन्होंने रामू को प्रत्याशी बनाए जाने के विरोध में दिल्ली तक ताल ठोंक डाली। हालांकि इसका असर दिखाई नहीं दिया, लेकिन उन्होंने अपनी नाराजगी सार्वजनिक करते हुए रामू के नामांकन भरने और प्रदेश अध्यक्ष की सभा से तक दूरी बना डाली। ऐसे में कमलनाथ की सभा में इन कांग्रेसियों के मंच पर दिखने-नहीं दिखने को लेकर भी शर्तों के साथ कई कयास लगाए जा रहे हैं। केवल बह्मा भलावी को छोड़ दे तो शेष दो पूर्व विधायक को मंच की प्रथम पंक्ति में बैठना कहीं न कहीं कमलनाथ की मौजूदगी से बदली हुई परनीति की ओर इशारा कर रही है।
प्रकरण दो: डागा के उद्बोधन से सभा में सन्नाटा
चुटकी में आयोजित आमसभा में कमलनाथ के बाद यदि किसी दूसरे वक्ता के उद्बोधन की प्रशंसा-चर्चा हो रही है तो वे बैतूल के पूर्व विधायक निलय डागा की। दरअसल उन्होंने अपने ओजस्वी उद्बोधन में जिस तरह बिना किसी का नाम लिए कहा कि जिन लोगों को कमलनाथ ने उंगली पकड़कर राजनीति की सीढ़ी पर चढ़ना सिखाया था, आज ऐसे लोग भाजपा में शामिल हो गए। यह लोग भाजपा नेताओं के पैर पड़ रहे हैं। डागा यही नहीं रूके और कहा कि कांग्रेस में जिन लोगों को मंच पर खूब सम्मान मिलता था अब वे लोग भाजपा में जाकर झाडू लगाकर दरी बिछा रहे हैं। ऐसे लोग इसी लायक थे, इसलिए उनकी घर वापसी हो गई है। इससे साबित होता है कि यह लोग बीते विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के साथ थे। राजनीति हल्कों में डागा का उद्बोधन सीधे तौर पर कमलनाथ के कट्टर समर्थक रहे और कुछ दिनों पहले भाजपा में शामिल हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा की ओर इशारा कर रहा था। दरअसल गुड्डू ने जिले में जय जय कमलनाथ का नारा दिया था। गौरतलब है कि गुड्डू शर्मा और निलय डागा में किसी समय जबरदस्त तालमेल था। एक साथ चलकर कांग्रेस की गुटीय राजनीति में अपना वर्चस्व बरकरार रखा था। कमलनाथ की सभा में जिस तरह पूर्व विधायक ने बिना नाम लिए गुड्डू पर वार किया है, यह बात खूब सुर्खियां बटोर रही हैं।





