Betul Samachar : विद्युत कंपनी ने चुंगी कर से काटे बिजली बिल के 53 लाख
Betul Samachar: Electricity company deducted Rs 53 lakh from octroi from electricity bill

नपा की वित्तीय स्थित गड़बड़ाई, 1 करोड़ 25 लाख रुपए हर माह देना पड़ता है वेतन
Betul Samachar : पहले तो विद्युत कंपनी ने नगरपालिका को औसत से अधिक बिजली बिल थमा दिया, जब पत्राचार कर आपत्ति जताई तो उसका जवाब देने के पहले ही प्रादेशिक स्तर पर विद्युत कंपनी ने सीधे नगरीय निकाय एवं आवास विभाग को अवगत कराकर 53 लाख रुपए की चुंगी कर की राशि एडजेस्ट कर ली। इसी चुंगी कर से नगरपालिका हर माह 1 करोड़ 25 लाख कर्मचारी के वेतन में खर्च करती है, लेकिन वित्तीय वर्ष के समाप्ति के पहले ही माह में नगरपालिका पर गंभीर संकट क आसार दिखाई दे रहे हैं।
नगरपालिका के अंतर्गत शहर की विभिन्न पानी की टंकियां, ट्यूबवेल कनेक्शन, खेल मैदान के बिजली कनेक्शन समेत सौ से अधिक कनेक्शनों का भार है। इसका हर माह भुगतान चुकाया जाता है, लेकिन विद्युत कंपनी द्वारा नगरपालिका को कुछ विद्युत संयोजनों का मनमाना बिल थमा दिया गया। नगरपालिका की आपत्ति थी कि जहां बिजली उपयोग ही नहीं हुई, वहां का भी बिजली का बिल औसत के हिसाब से पांच गुणा अधिक आ गया। पिछले दिनों यह मामला नगरपालिका के संवेदनशील लेखाधिकारी अंशुल अग्रवाल की नजरों में आया तो उन्होंने सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया को अवगत कराया था।
नपा ने आपत्ति लेकर लिखा पत्र
फरवरी माह में सीएमओ ने विद्युत कंपनी के दक्षिण संभाग के डीई को पत्र लिखकर अनाप-शनाप बिल आने पर आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि विद्युत कनेक्शनों के संयोजनों से पूर्व का भी 10 हजार से अधिक नहीं आया, इसका बिल पांच गुणा से अधिक थाम दिया गया। कई संयोजन तो ऐसे थे, जिनका नाम मात्र बिल आता था। इनका भी दस गुना बिल दे दिया गया। सीएमओ ने मामले में कलेक्टर को भी अवगत कराया था।
इसके बाद विद्युत कंपनी के डीई को पत्र लिखकर अधिक बिल पर आपत्ति जताई थी। कहा जा रहा है कि विद्युत कंपनी ने नगरपालिका को करीब 2 करोड़ रुपए का अधिक बिल थमाया था। इस पर नगरपालिका को आपत्ति थी।
पत्र का जवाब मिला नहीं और कट गई राशि
्रइधर चौकाने वाली बात यह है कि विद्युत कंपनी ने नगरपालिका के पत्र का जवाब तैयार कर लिया था, लेकिन 22 मार्च की तारीख तक कोई जवाब ही नहीं पहुंचा। इसके विपरित प्रादेशिक स्तर पर पूरे प्रदेश के 52 जिलों से विद्युत कंपनी ने 48 करोड़ से अधिक की बिजली बिल बकाया वाले नपा की चुंगी कर की राशि में कटौती करवा दी। जवाब मिलने के पहले ही राशि कटने से नपा हर तरफ से अपने आप को ठगा महसूस कर रही है।
नए वित्तीय वर्ष में ही बिगड़ेंगे हालात
नपा को राज्य शासन से हर माह 1 करोड़ 5 लाख की राशि चुंगी कर के रूप में मिलती है। वेतन के रूप में करीब नपा के 450 कर्मचारियों को 1करोड़ 25 लाख रुपए की राशि खर्च करना पड़ता है। इसके लिए शेष राशि राजस्व वसूली पर आत्मनिर्भर है। अब चूंकि नपा की चुंगी कर से मिलने वाली 53 लाख की राशि बिजली बिल में से काट ली है। ऐसे में नए वित्तीय वर्ष में नपा के सामने वेतन देने का संकट गहराने की पक्की संभावना है।
इनका कहना….
विद्युत कंपनी को पत्र लिखने को बावजूद आपत्ति वाले बिजली बिलों को लेकर पत्राचार का जवाब नहीं मिला। भोपाल से बैतूल को मिलने वाली 53 लाख रुपए की राशि काटने से वित्तीय स्थिति गड़बड़ा सकती है।
ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ नपा बैतूल।
– हमने पत्र का जवाब बना लिया था। नपा के बिलों में कोई अतिरिक्त राशि नहीं ली है। चुंगी कर से 53 नहीं बल्कि 39 लाख रुपए की राशि काटकर सेटलमेंट किया है। बाकी राशि एचटी में गई है।
बीएस बघेल, डीई, विद्युत कंपनी दक्षिण संभाग बैतूल।





