Betul Hospital News : निजी सोनाग्राफी सेंटरों पर गरीबों की हो रही जेब ढीली
Betul Hospital News: Poor people are losing money at private sonography centers

चार महीने से बिना रेडियोलॉजिस्ट के चल रहा जिला अस्पताल
Betul Hospital News : (बैतूल)। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का दावा करती है, लेकिन हकीकत यह है कि स्वास्थ्य सेवाएं संसाधनों और डॉक्टरों की कमी से जूझ रही है। जिला चिकित्सालय बैतूल में पिछले चार महीनों से रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर की पदस्थापना नहीं हुई है। निजी सोनोग्राफी सेंटरों पर जाने वाले गरीबों की जेब ढीली होने लगी है। गरीबों को मजबूरीवश अधिक राशि देकर सोनोग्राफी करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने कई गार स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टर की मांग को लेकर पत्र लिखा, लेकिन डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हो पाई।
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ ओपी यादव दिसम्बर में रिटायर हो गए। इनके रिटायर होने के बाद से अस्पताल में सोनोग्राफी का काम ठप पड़ा है। केवल इमरजेंसी में गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी हो रही है। अन्य लोग सोनोग्राफी के लिए परेशान हो रहे है। अस्पताल में नि:शुल्क सोनोग्राफी हो जाती है, लेकिन यहां सोनोग्राफी करने वाले डॉक्टर ही नहीं है। बताया जा रहा है कि अस्पताल प्रबंधन ने कई बार स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है और समस्या बताई कि अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर नहीं है, लेकिन अभी तक किसी नए डॉक्टर की पदस्थापना नहीं हुई।
सबसे ज्यादा गरीब परेशान
रेडियोलॉजिस्ट के नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी गरीब वर्ग के लोगों को हो रही है, जहां अस्पताल में नि:शुल्क सोनोग्राफी हो जाती है, वहां अब सोनोग्राफी के लिए 1 हजार रूपए तक देने पड़ रहे है। सोनोग्राफी के लिए निजी सेंटरों पर जाने से गरीबों की जेब ढीली होने लगी है। कोई दूसरा उपाय भी नहीं कि सोनोग्राफी हो सके। अस्पताल प्रबंधन के पास जब भी शिकायत जाती है, प्रबंधन हमेशा ही हाथ खड़े कर देता है और सोनोग्राफी नहीं हो पाएंगी।
जनप्रतिनिधि चुनाव में मस्त
प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में जिला अस्पताल पहुंचते है। जिसमें कई लोगों को सोनोग्राफी करवानी होती है, लेकिन अस्पताल में सोनोग्राफी की सुविधा नहीं है। जनप्रतिनिधि भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जनप्रतिनिधियों द्वारा इस ओर गंभीरता से ध्यान दिया होता तो जल्द रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर की पदस्थापना हो जाती। अभी जनप्रतिनिधि चुनाव में मस्त है। उन्हें जनता की परेशानी नहीं दिख रही है। चुनाव के पहले भी जनप्रतिनिधियों ने केवल आश्वासन ही दिया है कि डॉक्टर की जल्द नियुक्ति होगी। चार महीने का समय बीत गया, बिना रेडियोलॉजिस्ट का जिला अस्पताल संचालित हो रहा है। कहीं संसाधनों की कमी और तो कहीं डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल की व्यवस्था बिगड़ रही है। इस ओर भी जिले के जनप्रतिनिधि भी गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे है।
इनका कहना…
रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर की मांग के लिए स्वास्थ्य विभाग भोपाल को कई बार पत्र लिख चुके है। अभी तक नए डॉक्टर की पदस्थापना नहीं हुई है।
डॉ जगदीश घोरे, प्रभारी सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, बैतूल।





