Betul News: नड्डा से हेमंत की गहरी जुगलबंदी, सीएम से दिलाई सौगात

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री भी प्रदेश अध्यक्ष के कायल, कार्यक्रम में भीड़ से भी गदगद

Betul News: बैतूल।सामान्य तौर पर पद और पॉवर मिलने के बाद नेताओं के स्वभाव में आमूलचूल परिवर्तन आम बात है, लेकिन इसके उलट बैतूल विधायक और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल आज भी उसी सादगी से राजनीति कर रहे हैं। यही वजह है कि उनकी इस राजनीति के कायल राष्ट्रीय और प्रादेशिक नेता भी है। बैतूल में पहली मर्तबा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ उनकी गहरी जुगलबंदी जिसने भी देखी, उनके राजनीति कद का अंदाजा लगाने से पीछे नहीं रहा। हेलीपेड पर राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के आगमन से लेकर मंच और नेताओं की रवानगी तक हेमंत के बढ़ते राजनीति कद की मुक्त कंठ से प्रंशसा हो रही है।

भाजपा की राजनीति में हेमंत खंडेलवाल पूर्व में केवल एक विधायक और कुशल रणनीतिकार के साथ जबदस्त मैनेजमेंट के लिए जाने जाते थे। उनको सौंपे गए दायित्व का निर्वहन जैसे होता था, उसी के सभी नेता कायल थे, यही वजह है कि बिना पद पर रहते हुए भी केवल बैतूल विधायक होने के बावजूद हेमंत राष्ट्रीय स्तर पर पहचान को मोहताज नहीं थे। उन्होंने संगठन द्वारा सौंपे गए दायित्वों का जिस तरह निर्वाहन किया उसकी कई मर्तबा सार्वजनिक मंच पर बड़े नेता तारीफ कर चुके हैं।

बिना दिखावे के राजनीति करने की उनकी कला उन्हें दूसरों से इतर रखती है। यही वजह से पार्टी ने तमाम मजबूत दावेदारों को दरकिनार करते हुए बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की बागडोर जुलाई माह में सौंपी थी। तब से वे पांच महीने में पार्टी की कार्यकारिणी समय पर घोषित करने के अलावा कई नवाचारों के लिए हजारों कार्यकर्ताओं के लिए मिसाल बन चुके हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष- सीएम से गहरी पैठ

प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से निकटता लाजमी है, लेकिन धार में मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष- केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री के साथ हेलीकाप्टर से बैतूल पहुंचे, तो कार्यकर्ताओं ने सभी का उत्साह से स्वागत किया। हेलीपेड से उतरते ही जिस तरह राष्ट्रीय अध्यक्ष वाहन में बैठते तक हेमंत से चर्चा करते रहे यह बात किसी से नहीं छुपी। यहां तक की चर्चा के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हेमंत का हाथ पकडक़र उन्हें करीब लाया और काफी देर तक वार्तालाप करते रहे। यह नजारा जिसने भी देखा, वह हतप्रभ हुए बिना नहीं रह सका। दरअसल राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हेमंत को जबदस्त तवज्जो देखकर बैतूल वासियों के सामने उनका कद और बढ़ा दिया।

हेलीपेड पर भी चला लंबी चर्चा का दौर

मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष और सीएम का काफिला जब वापस हेलीपेड पहुंचा तो एक बार फिर यहां का नजारा देखने लायक था। दरअसल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव हेलीपेड पर लघुशंका के लिए गए तो करीब तीन मिनट तक हेलीकाप्टर के पास राष्ट्रीय अध्यक्ष और हेमंत के बीच खुलकर चर्चा होते रही। इसे भी हजारों लोग देखते रहे। इस दौरान मौजूद जिले के प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल का हेमंत ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से परिचय कराया। तब तीनों नेताओं में किसी मामले को लेकर गहन मंथन होते रहा।

समय कम होने पर भी दिखा गजब का तालमेल

पुलिस ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में भी सभी तरह हेमंत के नाम की ही गंूज थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जब अपना उद्बोधन शुरू किया तो हेमंत खंडेलवाल न कहकर उन्हें हमारे- अपने हेमंत कहकर निकटता दिखाई। जबकि बैतूल जिले को दिए जाने वाली सौगात को लेकर मुख्यंत्री डॉ मोहन यादव से चर्चा के बाद कोसमी- 2 और मोही में औद्योगिक इकाईयां खोलने के लिए कलस्टर का एलान कर दिया।

बहुप्रतिक्षित ताप्ती नगरीय मुलताई का नाम मुलतापी करने की घोषणा कर उन्होंने हजारों ताप्ती भक्तों को अपना मुरीद बना दिया। कम समय रहने के बावजूद हेमंत जिले के शीर्ष कार्यकर्ताओं का राष्ट्रीय अध्यक्ष से परिचय करवाना भी नहीं भूले। इसके लिए कार्यकर्ता भी कायल हो गए। कुल मिलाकर हेमंत ने अपने अल्पसमय में भाजपा की राजनीति में अपने कार्य प्रभाव से जो स्थान छोड़ा है इसकी छाप राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम में देखने को मिल गई।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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