Betul Congress News: डागा के करीबी तरुण कालभोर का ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष से इस्तीफा, भाजपा में जाने की अटकलें, पहले छोड़ चुके है सरपंच संघ का जिला अध्यक्ष पद

Betul Congress News: Tarun Kalbhor, close to Daga, resigns from Block Congress President, speculation of joining BJP, has earlier left the post of District President of Sarpanch Sangh.

Betul Congress News: बैतूल। लोकसभा चुनावों के ठीक पहले कांग्रेस में मची भगदड़ ने राजनीति का टेम्प्रेचर वैसे ही हाई कर रखा है तो वहीं रविवार बैतूल ग्रामीण कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष तरुण कालभोर के अचानक अपने पद से इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। लोकसभा चुनाव के पहले पूर्व विधायक निलय डागा के कट्टर समर्थक का इस तरह त्यागपत्र देना कई सवालों को जन्म दे रहा है। राजनीतिक हल्कों में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या राजधानी के बाद अब भाजपा ने कहीं जिला स्तर पर तो कांग्रेस में सेंधमारी करनी शुरू नहीं कर दी । चर्चा यह भी चल रह है कि ब्लाक कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष का इस्तीफा कहीं भगदड़ की शुरुआत तो नहीं है। खैर जो भी है, लेकिन ब्लॉक कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष तरुण कालभोर इस इस्तीफा का कारण पारिवारिक कारण बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष हेमन्त वागद्रे ने अभी तक त्यागपत्र स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने त्यागपत्र को लेकर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा किए जाने की बात कही है।

पहले ही छोड़ चुके सरपंच संघ अध्यक्ष का पद

ब्लाक कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष तरुण कालभोर बैतूल विधानसभा के पूर्व विधायक निलय डागा के कट्टर समर्थक माने जाते हैं और वे रोंढा ग्राम पंचायत के सरपंच भी हैं। विधानसभा चुनावों के कुछ ही दिन पहले उन्होंने सरपंच संघ के अध्यक्ष के पद से भी अचानक त्यागपत्र देकर हलचल मचा दी थी। अब ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से उनका त्यागपत्र देना कई सवालों को जन्म दे रहा है। हलचल इसलिए भी है कि श्री कालभोर के गॉड फादर माने जाने वाले पूर्व विधायक निलय डागा को हाल ही में लोकसभा प्रभारी बनाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीति के जानकार भी विश्लेषण में जुटे हुए हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि तरुण कालभोर के इस्तीफे के पीछे दो वजहें हो सकती हैं।

पहली वजह यह है कि उन्हें कांग्रेस में अपना राजनीतिक भविष्य नजर नहीं आ रहा है और वे भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं। दूसरी वजह यह है कि अपने राजनीतिक आकाओं से पटरी ना बैठने की वजह से उन्हें मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ रहा है। आगामी लोकसभा चुनाव में पूर्व विधायक निलय डागा को लोकसभा प्रभारी बनाए जाने के बाद उन्हें अपने कट्टर समर्थकों की खासी जरूरत महसूस होगी। फिर क्या वजह है कि श्री डागा के समर्थक तरुण कालभोर को त्यागपत्र दिए जाने की जरूरत पड़ी। लोकसभा चुनाव में इसका सीधा फायदा भाजपा को होता नजर आ रहा है।

त्यागपत्र की राजनीति से क्या कमजोर नहीं होगी कांग्रेस?

इसमें कोई दो मत नहीं है कि लोकसभा चुनावों को लेकर भाजपा की तैयारियां धरातल पर नजर आ रही हैं। बूथ लेबल के कार्यकर्ता के अलावा संगठन भी चुनाव की पूरी तैयारी कर बैठा हुआ है, लेकिन कांग्रेस में किसी तरह की ना हलचल दिख रही है और ना ही तैयारियां। यह जरूर है कि कांग्रेसियों का पार्टी से मोहभंग होता जरूर नजर आ रहा है। इस पूरे मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्यक्ष हेमन्त वागद्रे से जब सवाल किया गया कि इस तरह की त्याग पत्र की राजनीति से क्या आगामी चुनाव में कांग्रेस कमजोर नहीं होगी? उन्होंने इसका जवाब तो नहीं दिया, लेकिन यह जरूर कहा कि त्यागपत्र उन्हें सौंपा तो गया है, लेकिन इसे अभी स्वीकार नहीं किया गया है।

त्यागपत्र को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा। जो भी है लेकिन मौजूदा घटना क्रम ने कांग्रेस के लिए एक नई मुसीबत जरूर खड़ी कर दी है। संभावना है की अपने राजनीतिक भविष्य को देखते आने वाले समय मे कुछ ऐसे कांग्रेसी नाम भी सामने आ सकते हैं, जिनका भविष्य भाजपा से जुड़ता नजर आए।

इनका कहना…..

मैंने कांग्रेस से नहीं बल्कि अपने पद से त्यागपत्र दिया है। मैंने पारिवारिक कारणों की वजह से ही त्यागपत्र दिया है।
तरुण कालभोर, बैतूल ब्लाक कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष

त्याग पत्र मुझे प्राप्त हुआ है। वरिष्ठ नेताओं को इस संबंध में अवगत कराया जाएगा। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा।
हेमन्त वागद्रे, जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button