Betul Ki Khabar: एकलव्य फर्जीवाड़ा में एक पखवाड़े बाद टूटी आदिवासी जनप्रतिनिधियों की चुप्पी

Betul Ki Khabar: Silence of tribal representatives broken after a fortnight in Eklavya fraud case

सांसद ने बैठक में उठाया मुद्दा, बात बढ़ी तो घोड़ाडोंगरी विधायक बोली- सीएम से मिलूूंगी…

Betul Ki Khabar:(बैतूल)। शाहपुर के एकलव्य आवासीय छात्रावास में आदिवासी छात्र-छात्राओं के हक पर डाका डालकर करोड़ों के फर्जीवाड़े के मामले में जिले के अदिवासी जनप्रतिनिधियों की भी खामोशी टूट गई है। सांझवीर टाईम्स में सिलसिलेवार खबर प्रकाशित होने के बाद इस मामले में कलेक्टर ने पिछले दिनों बड़ी कार्रवाई करते हुए प्राचार्य- व्याख्याता और पीजीटी पर निलंबन की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव जनजातीय विभाग को भेजा है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने के बाद पद का दुरपयोग होने पर जिले के जनप्रतिनिधि भी नाराज हो गए। उन्होंने कल हुई विभागीय समीक्षा बैठक में आदिवासी जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर के समक्ष यह मुद्दा उठाया है।

जिला आदिवासी बाहुल्य होने के साथ संसदीय क्षेत्र का नेतृत्व भाजपा के दुर्गादास उइके और दो विधायक महेंद्र सिंह चौहान एवं गंगा बाई उइके कर रहे हैं। सबसे ज्यादा ताज्जुब की बात यह है कि जिस एकलव्य आवासी शाहपुर में करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ। यहां पर विधायक भाजपा की गंगा बाई उइके है। उन्होंने भी इस मामले में लंबे समय से चुप्पी साधे रखी है। वैसे छोटे-छोटे मामले में तेज तर्रार छवि दिखाती है, लेकिन इस करोड़ों के भ्रष्टाचार के मामले में उनकी चुप्पी पर क्षेत्र के लोग और कई पालक नाराज दिखाई दे रहे हैं। चूंकि यह मामला सीधे तौर पर आदिवासी छात्र-छात्राओं के हक से जुड़ा है, इसलिए क्षेत्रीय विधायक खुद आगे आकर न तो अब तक कोई शिकायत की है और न ही उच्चाधिकारियों से चार्च की है। इसलिए क्षेत्रीय विधायक की चुप्पी पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जिस आवासीय विद्यालय में यह मामला सामने आया है, यहां से उनका आवास भी कुछ किमी की दूरी पर ही है और तो और इसी मार्ग से वे बैठकों में शामिल होने के लिए जिला मुख्यालय पहुंचती है, लेकिन मामले की पड़ताल और या पूछताछ करने के लिए एक बार फिर आवासीय विद्यालय जाना भी मुनासिब नहीं समझा।

सांसद बोले- गंभीर मामला, कार्रवाई के लिए कलेक्टर से कहा

इस मामले में क्षेत्रीय सांसद दुर्गादास उइके ने देर आए दुरुस्त आए की तर्ज पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है। श्री उइके ने बताया कि गुरवार को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के समक्ष एकलव्य आवासीय विद्यालय का मुद्दा उठाया था। इस मामले में कार्रवाई भी की गई है, लेकिन सांसद ने स्पष्ट कहा कि मामले की सूक्षमता से जांच करवाई जाकर ऊपर से लेकर नीचे तक जो भी अधिकारी और कर्मचारी मामले में दोषी पाया जाता है, कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वे खुद इस मामले में आदिवासी कल्याण मंत्री से चर्चा करेंगे।

भैंसदेही विधायक आधिकारियों से चर्चा करेंगे

लाखों के फर्जीवाड़े से जुड़े इस मामले को लेकर भैंंसदेही के आदिवासी विधायक महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि यह मामला मेरी जानकारी में आया है। आदिवासियों के उत्थान और विकास के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार दृढ़ संकल्पित है। आदिवासी आवासीय विद्यालय में फर्जीवाड़े का यह मामला यह गम्भीर है। इस संबंध में कलेक्टर सहित सम्बन्धित अधिकारियों से जानकारी लूंगा कि अभी तक क्या कार्यवाही की गई है। यदि एकलव्य आवासीय विद्यालय में नियमों के विपरीत जाकर वित्तीय अनियमितता की गई है तो निश्चित रूप से आदिवासियों के हक में दोषियों पर कार्रवाई तय करवाई जाएगी।

बात बढ़ी तो घोड़ाडोंगरी विधायक बोली सीएम से मिलूंगी

अपने गृह क्षेत्र में हुए करोड़ों के फर्जीवाड़े पर अब तक चुप्पी साधे बैठी स्थानीय विधायक ने शुक्रवार लंबे समय बाद अपना मोबाईल रिसीव किया। सांझवीर टाईम्स से चर्चा में उन्हें कहा कि फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद उन्होंने परिसर का निरीक्षण किया था। मेरे ही हस्तक्षेप के बाद जांच कराई गई थी। लगभग 7 कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई हुई है। टीम का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है। उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की मुझे नहीं मालूम, लेकिन शीघ्र ही इस भ्रष्टाचार के मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराउंगी।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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