Betul Samachar: जीएम के कार्यालय में भी पुराना मीटर, सप्लाई सीधे पोल से
Betul News: Old meter in GM's office too, supply directly from pole

दूसरों को स्मार्ट मीटर लगाने की हिदायत देने वालों के दफ्तरों में दीया तले अंधेरा जैसे हालात
Betul Samachar: बैतूल। ‘‘दीया तले अंधेरा’’ यह कहावत बिजली कार्यालयों पर सटीक बैठ रही है, जिनके जिम्मे पूरे जिले की बिजली व्यवस्था की जिम्मेदारी है। वहीं विभाग अपने ही दफ्तरों में स्मार्ट मीटर नहीं लगा पाया है। सरकारी मंचों से लेकर जनचेतना अभियानों तक बिजली कंपनी के अधिकारी स्मार्ट मीटर के फायदे गिनाते नहीं थकते है। बिजली चोरी पर रोक, सटीक बिलिंग, ऊर्जा बचत जैसे तमाम दावे किए जाते हंै, लेकिन जब खुद के कार्यालयों की बात आती है तो इन तमाम दांवों का सच धूल फांकते नजर आता है।
बिजली कंपनी से निर्देश जारी हुए है कि सभी सरकारी दफ्तरों में स्मार्ट मीटर लगवाएं जाए, जिले के कई सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लग गए है, लेकिन बिजली कंपनी खुद अपने कार्यालयों में स्मार्ट मीटर नहीं लगा पाए है। बैतूल में जितने भी कार्यालय संचालित हो रहे हैं उन कार्यालयों में अभी भी सामान्य मीटर लगे है। कंपनी दूसरे विभागों को स्मार्ट मीटर लगाने की हिदायत दे रही है, लेकिन खुद के कार्यालयों में अंधेरे जैसी स्थिति है।

बिजली कंपनी का ज्ञान जनता के लिए, खुद के लिए नहीं
बिजली विभाग के अधिकारी बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने की नसीहत दे रहे हैं, परंतु खुद के दफ्तरों की हालात देखी जाए तो पुराने मीटर लटके हुए है। जब विभाग खुद अपने कार्यालयों में स्मार्ट मीटर की तकनीकी नहीं अपना पा रहा है तो जनता से कैसे उम्मीदे रखी जाए, यह सवाल खड़े हो रहे है। खुद उपभोक्ता भी अब कहने लगे है कि बिजली विभाग की नीतियों में दौहरा पन साफ दिखाई दे रहा है, जो खुद के कार्यालयों में मीटर नहीं लगा पाए और जो दूसरों को मीटर लगाने का ज्ञान दे रहे है। उपभोक्ता अब इसे बिजली कंपनी का पाखंड बता रहे हैं।

अधिकारियों के बंगलों पर भी सामान्य मीटर
स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव आम उपभोक्ताओं पर खुब है, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों के बंगले पर अभी भी सामान्य मीटर लगे हुए है। जब सांझवीर टाईम्स की टीम ने बिजली कार्यालयों और बिजली विभाग के सरकारी आवासों में सामान्य मीटर लटके है। खुद अधिकारी भी अपने बंगलों पर स्मार्ट मीटर लगाने में दिलचस्पी नहीं रखते है। अधिकारी भी पुराने मीटर से काम चला रहे है।
इनका कहना….
अभी केवल सरकारी दफ्तरों में मीटर लगाने के आदेश है। कई सरकारी दफ्तरों में स्मार्ट मीटर लगा गए है। बिजली कार्यालयों में मीटर इसीलिए नहीं लगाएं है कि उन्हें बिजली बिल नहीं भरना होता है। जब घरों में मीटर लगना शुरू होगे तो अधिकारियों के बंगलों पर भी मीटर लगाएं जाएगें।
बीएस बघेल, महाप्रबंधक, मक्षेविविकं , बैतूल




