Betul News: कारोबारी के यहां छापा, 300 किलो मावा जब्त, तीन सेम्पल लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे
Betul News: Raid at businessman's house, 300 kg mawa seized, three samples taken and sent for laboratory testing

Betul News:(बैतूल)। खाद्य एवं औषधि विभाग ने सूचना के आधार पर शाहपुर क्षेत्र के नीमपानी में एक मावा कारोबारी के यहां छापामार कार्रवाई की, इस दौरान भारी मात्रा में मावा जब्त किया है। मावे के सेम्पल जांच के लिए भोपाल भेजे हैं। बताया जा रहा है कि यह मावा जबलपुर से बुलाया गया था। शाहपुर एसडीएम अभिजीत सिंह ने बताया कि बुधवार की रात को सूचना मिली थी कि शाहपुर क्षेत्र के नीमपानी में एक कारोबारी द्वारा जबलपुर से मावा बुलाया गया है और इस मावे में मिलावट हो सकती है। सूचना के आधार पर खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों के साथ जाकर मावा विक्रेता भगवान मावा वाले के दुकान में कार्रवाई की। यहां से 300 किलो मावा जब्त किया गया।
निरीक्षण के दौरान भंडारण में कारोबारी द्वारा 114 किलो खोवा रखा पाया गया। वहीं 6 बोरियों में अलग-अलग प्रकार के 140 किलो व 160 किलो खोवा रखा हुआ था। जब उक्त कारोबारी से मावा के संबंध में पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि यह मावा जबलपुर से एक खाद्य कारोबारी के पास से बुलाया गया है। इस तरह से अधिकारियों ने मौके से 300 किलो मावा जब्त किया है। अधिकारियों के मुताबिक शंका के आधार पर भंडारित मावे के अलग-अलग कुल 3 नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भोपाल भेजे हैं। सेम्पल रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि उक्त मावा सही है या उसमें मिलावट है। उक्त मावा कारोबारी को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 32 के तहत नोटिस भी जारी किया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम और खाद्य औषधि विभाग के अधिकारियों की इस छापामार कार्रवाई से अन्य कारोबारियों में भी हडक़ंप मच गया है। कई कारोबारियों को यह डर सताने लगा है कि कहीं उनके यहां भी छापामार कार्रवाई न हो जाए। इसलिए कई कारोबारी इस कार्रवाई के बाद अलर्ट हो गए हैं।
लंबे समय से कारोबार संचालित होने के आसार
जानकार सूत्र बताते है कि नीमपानी में मावे का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। कहा जा रहा है कि यहां का मावा काफी प्रसिद्धी हासिल कर चुका है, इसलिए भोपाल-नागपुर मार्ग पर होने के कारण वाहन चालक भी बड़े पैमाने पर मावा खरीदते आ रहे है। हालांकि सबको खबर होने के बावजूद आज तक यहां कार्रवाई नहीं हुई। गुरूवार को अचानक कार्रवाई होने के कारण सभी हैरत में है। सूत्र बताते है कि आसपास के ग्रामीणों ने नीमपानी से बड़े पैमाने पर मावा खपाया जाता था, जबकि दूध के कारोबारी भी यहीं से मावे का कारोबार संचालित करते आ रहे है। क्षेत्र के करीब ढाई दर्जन से अधिक गांवों में नीमपानी से मावे का कारोबार चलते आ रहा है। यही वजह है कि औषधिक प्रशासन विभाग को जैसे ही सूचना मिली वैसे ही तुरंत छापमार कार्रवाई की गई है। औषधि प्रशासन विभाग के निरीक्षक संदीप पाटिल के मुताबिक अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई।





