Betul News : आचार संहिता खत्म होने को 10 दिन बीते, निर्माण कार्य की कछुआ चाल बरकरार
Betul News: 10 days have passed since the code of conduct ended, construction work continues at a snail's pace

चुनाव के पहले थोक में हुए थे 26 करोड़ से अधिक कामों के टेंडर, भूमिपूजन के बाद भी ठिकाना नहीं
Betul News : (बैतूल)। नगरपालिका के पास एक सीएमओ होने के साथ भारी भरकम महकमा मौजूद है, लेकिन सारे काम हवाबाजी और कागजों तक सीमित होकर रह गए हैं। चुनावी वर्ष में भी इन अधिकारियों की लापरवाही के कारण निर्माण कार्यों को गति नहीं मिल पा रही है, जबकि आचार संहिता लगने के पहले जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा के बाद कुल 145 विभिन्न कार्यों के लिए टेंडर जारी होने के साथ भूमिपूजन हो चुका था। आचार संहिता लगने के पहले कई काम शुरू होने का दावा नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों ने किया था, लेकिन अब आचार संहिता खत्म होने के बाद भी इन 145 में से अधिकांश कामों पर जैसे अधिग्रहण लग गया है।
चुनावी वर्ष में हर बार बड़े पैमाने पर काम शुरू होते आए। इस बार भी नगरपालिका ने जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा के बाद लिस्ट बनाई थी। करीब चार माह में कुल 145 कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें कुछ काम ऐसे थे, जिन पर गर्मी में पानी के कारण अडग़ा आ रहा था। इन्हें भी बारिश खत्म होने के बाद शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। सबसे चौकाने वाली बात यह है कि नए और बाद में टेंडर हुए कामों को पूरा करने के लिए आचार संहिता के दौरान भी काम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके बावजूद अधिकांश कामों का ठिकाना नहीं दिखाई दे रहा है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीएमओ की अपने सब इंजीनियरों और अधीनस्थ कर्मचारियों पर जरा भी पकड़ नहीं रही। यदि पकड़ रहती तो अब तक 145 में से कई काम वास्तविक रूप से पूरा होते दिखाई देते।
26 करोड़ से अधिक के काम शुरू होने थे
जानकारी के अनुसार शहर में कुल 26 करोड़ से अधिक काम आचार संहिता की अवधि तक पूरे होने थे, लेकिन यह काम आचार संहिता खत्म होने के 10 दिन बाद भी खत्म होते दिखाई नहीं दे रहे हैं। नगरपालिका के सूत्रों की माने तो विभिन्न वार्डों में डमरीकरण के लिए वर्क आर्डर जारी हो चुके हैं। इसके लिए 2 करोड़ 15 लाख से अधिक की राशि खर्च की जानी है। 3 करोड़ से अधिक से कामों की निविदा प्राप्त हो चुकी है। सीसी रोड, आरसीसी नाली एवं अन्य कामों की बात करें तो इसके लिए 20.37 करोड़ के काम किए जा रहे हैं। नगरपालिका के जिम्मेदारों ने अधिकारियों को भ्रामक जानकारी दे दी। इसी तरह सीसी रोड, आरएलएल नाली निर्माण में 3.56 करोड़ केे काम शुरू होना है, लेकिन इन कामों की रफ्तार भी कछुआ चाल से कम दिखाई नहीं दे रही। इसके अलावा रिटर्निंग वॉल , विद्युत पोल शिफ्टिग, सामुदायिक भवन, पुलिया निर्माण, सीसी वेरिंग कोट के निर्माण भी होने हैं।
पार्षदों की नाराजगी से भी अधिकारियों का कोई सरोकार नहीं
एक जानकारी सामने आ रही है कि शहर के 33 में से 23 वार्डों में सत्तारूढ़ भाजपा के पार्षद मौजूद है। विपक्षी कांग्रेसी पार्षदों की बात छोड़े तो यहां भाजपा के पार्षदों की सुनवाई नहीं हो रही है। पार्षदों की शिकायतों के बाद नए सीएमओ ने 3-4 मर्तबा अपने मातहमों और ठेकेदारों के साथ बैठक कर निर्माण कार्य की डेडलाइन जारी कर नोटिस भी जारी कर दिया, लेकिन ठेकेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। नगरपालिका केवल नोटिस-नोटिस खेलती रही, लेकिन ठेकेदार अपने मनमाफिक तरीके से काम करते रहे। नतीजा यह हुआ कि हालिया चुनाव में कई भाजपा के परंपरागत वार्डों में पार्षदों की नाराजगी के कारण पार्टी को तगड़ा नुकसान हुआ है। पार्षद तो सीधेतौर पर नगरपालिका के अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका मानना है कि नगरपालिका में उनके कामों को महत्व नहीं दिया जा रहा है। इसलिए लोग हमसे नाराज हो रहे हैं।
इनका कहना…
अभी मैं अवकाश पर हूं। दो दिनों बाद लौटकर निर्माण कार्यों को लेकर बैठक करूंगा। इसके बाद मौका निरीक्षण भी किया जाएगा। पार्षदों की शिकायतों को पहले भी प्राथमिकता से लिया है। अभी सारे काम प्राथमिकता से किया जाएगा।
ओमपाल सिंह भदौरिया, नपा सीएमओ बैतूल
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