Betul Samachar: दुष्कर्म का आरोप झेल रहे तहसीलदार ने बैतूल कराया तबादला, लेकिन नहीं किया जॉइन
Betul News: Tehsildar facing rape charges got transferred to Betul, but did not join

कलेक्टर की रिपोर्ट पर सस्पेंड, तलाश कर रही ग्वालियर पुलिस
Betul Samachar: बैतूल। ग्वालियर में पदस्थ तहसीलदार शत्रुघन सिंह चौहान का बैतूल से भी कनेक्शन जुड़ा हुआ है। जैसे ही तहसीलदार पर मामला दर्ज हुआ, तहसीलदार ने गुपचुप तरीके से अपना तबादला बैतूल करवा लिया, लेकिन ज्वॉइनिंग नहीं दी। बैतूल कलेक्टर की रिपोर्ट पर तहसीलदार को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस उसकी सगरर्मी से तलाश में जुटी है।
दरअसल भिंड जिले की मूल निवासी दुष्कर्म पीड़ित महिला ने ग्वालियर महिला थाने में तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान के खिलाफ दैहिक शोषण की शिकायत की थी। महिला ने शिकायत में आरोप लगाते बताया था कि 2005-06 में उसकी शादी हुई थी। दो साल बाद ही उसके पति का निधन गया था। इसी दौरान नायब तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह ने 10 अगस्त 2008 को भिंड के मानगढ़ गांव में शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह लगातार उसका शारीरिक शोषण करते रहा। 2010 में रतनगढ़ माता मंदिर में सिंदूर भरकर बकायदा शादी भी कर ली। दुष्कर्म पीड़िता का आरोप था कि जहां भी उनकी पोस्टिंग हुई, उन्होंने उसे वहां रखा। पीड़िता ने बताया कि 2014 में उसने एक बेटे को जन्म दिया था, लेकिन इसके बाद से ही तहसीलदार ने उन्हें नजरअंदाज करना शुरू कर दिया।
दो माह में भी नहीं हुई गिरफ्तारी
इस पूरे मामले में जानकारी सामने आई है कि दुष्कर्म पीड़िता की रिपोर्ट पर ग्वालियर पुलिस ने यहां से बैतूल तबादला करवा चुके तहसीलदार शत्रुघ्र सिंह पर एफआईआर कर ली थी। इसके बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई। कहा जा रहा है कि पुलिस दुष्कर्म पीड़िता को बयान देने सहित अन्य मामलों में परेशान कर रही थी। बताया जा रहा है कि तहसीलदार की सेशन कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत निरस्त हो गई है। उस पर पुलिस ने 5 हजार का ईनाम भी घोषित किया था।
बैतूल कराया तबादला, नहीं दी ज्वाइनिंग
जानकारी के मुताबिक दुष्कर्म का मामला दर्ज होते ही तहसीलदार ने अपना तबादला बैतूल करवा लिया था, लेकिन उन्होंने पूरे दो माह बीतने के बाद भी यहां ज्वाइनिंग नहीं दी। इस बात की जानकारी लगते ही शासन ने बैतूल कलेक्टर से स्थानांतरित तहसीलदार से जानकारी मांगी थी। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी की रिपोर्ट के बाद आखिर तहसीलदार को राज्य शासन ने निलंबन की कार्रवाई की है।




