Betul News: राजस्व प्रकरणों मेें हिला-हवाला पर कलेक्टर ने किया अवकाश प्रतिबंध
Betul News: Collector imposes leave ban on uproar in revenue matters

जनसुनवाई में अधिकांश प्रकरणों का निराकरण न होने पर कलेक्टर सख्त, मुख्यालय न छोड़ने की हिदायत
Betul News: बैतूल। साहब! मेरे खेत जाने का रास्ता दबंगों ने बंद कर दिया है, चार बार शिकायत कर चुका हूं, कुछ नहीं हो रहा है। यह नजारा जिला मुख्यालय की जनसुनवाई में बरसों से देखने को मिल रहा है। चार माह पहले पदस्थ हुए नए कलेक्टर ने नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने भी इस स्थिति को करीब से देखा, लेकिन राजस्व अमले ने ऐसे प्रकरणों के निराकरण में रूचि नहीं दिखाई तो मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर को सख्त रूख अपनाना पड़ा। उन्होंने जनसुनवाई के बाद सभी राजस्व अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कह दिया कि प्रकरणों के निराकरण करने फील्ड में जाए और रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके साथ ही उन्होंने राजस्व अधिकारियों के अवकाश पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर के इस रूख के बाद राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठकों में वीसी के माध्यम से सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन में छोटे-छोटे प्रकरण न आए, इसके लिए जिला मुख्यालय के अलावा तहसील मुख्यालयों पर भी जनसुनवाई शुरू करें। जिला मुख्यालय के अलावा तहसील स्तर पर भी जनसुनवाई हो रही है, लेकिन यह मात्र औपचारिक बनकर रह गई है। दरअसल तहसील स्तर की जनसुनवाई में प्रकरणों का निराकरण न होने के कारण एकमुश्त पैसा खर्च कर शिकायतकर्ता को जिला मुख्यालय आकर जनसुनवाई में अपनी समस्या बताना पड़ रहा है। यही वजह है कि उन्हें अपने पैसे के अलावा समय की बर्बादी करना पड़ रहा है।
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कलेक्टर ने की थी तहसील मुख्यालय पर जनसुनवाई की पहल
कलेक्टर ने पदभार ग्रहण करने के बाद जिले की अलग-अलग तहसीलों में समस्या निवारण शिविर लगाकर अच्छी शुरुआत की थी। इसके जबरदस्त फायदें भी मिले, लेकिन लोकसभा की आचार संहिता के कारण फिलहाल तहसील स्तर पर जनसुनवाई स्थगित है। गत सप्ताह आचार संहिता खत्म होने के बाद जनसुनवाई शुरू हुई तो बैतूल की जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग शिकायत लेकर पहुंच रहे, इससे अधिकारियों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। यदि दोबार तहसील स्तर पर जनसुनवाई शुरू हो जाए तो कई प्रकरणों का निराकरण हो सकता है।
कलेक्टर के दो टूक से हड़कंप
इधर मंगलवार को कलेक्टर के जनसुनवाई में तीखे तेवर से राजस्व अमले में हड़कंप मच गया। सूत्र बताते हैं कि राजस्व के मामलों की सबसे अधिक शिकायत पहुंचने के बाद कलेक्टर सूर्यवंशी नाराज हो गए। जनसुनवाई खत्म होने के पहले ही उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों की क्लास ले डाली। दो टूक शब्दों में कलेक्टर ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण करें। यदि प्रकरण लंबित पाए जाते हैं तो संबंधितों पर कार्रवाई तय करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आप लोग फील्ड में नहीं जाते हैं और कार्यालय में बैठे रहते हैं। आपके चक्कर में जनता परेशान हो रही, यह बिलकुल नहीं चलेगा। अब सभी फील्ड में जाकर राजस्व प्रकरणों का निराकरण करें और मुझे वाट्सएप पर रोज रिपोर्ट करें। इसके साथ ही उन्होंने राजस्व अधिकारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाते हुए बिना उनकी अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर के इस रूख के बाद राजस्व अमले में जबरदस्त हड़कंप की खबर है।
जमीनी विवाद, नामांतरण-बटवारे ने बढ़ाया सिरदर्द
जनसुनवाई में हर मंगलवार दो सैकड़ा शिकायतें पहुंच रही है। इनमें से पचास प्रतिशत शिकायतें जमीनी विवाद नामांतरण, बटवारे से जुड़ी है। थोकबंद शिकायतें आने से मुख्यालय की जनसुनवाई में व्यवस्था बिगड़ रही है। इनमें से कई शिकायतें ऐसी है, जिनका निराकरण नहीं होने के कारण आवेदक जिला मुख्यालय की जनसुनवाई में पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि कलेक्टर को मंगलवार की जनसुनवाई के बाद जबरदस्त नाराज देखा गया। इसका तीखा असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा।
इनका कहना…
राजस्व अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझ पा रहे हैं। एक ही शिकायत बार-बार जनसुनवाई में आ रही है। इसी वजह राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फील्ड में जाकर लोगों की समस्या सुने। राजस्व अधिकारियों के अवकाश पर फिलहाल प्रतिबंध लगाया है।
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर बैतूल।





