Lok Sabha Election 2024 : प्रत्याशी के निधन के बाद 55 हजार से अधिक मुद्रित मतपत्र निरस्त
Lok Sabha Election 2024: More than 55 thousand printed ballot papers canceled after the death of the candidate

अब नए सिरे से करना होगा छपाई, बसपा के नए प्रत्याशी का नाम भी होगा शामिल
Lok Sabha Election 2024 : (बैतूल)। लोकसभा चुनाव के ठीक 16 दिन पूर्व बसपा प्रत्याशी अशोक भलावी का आकास्मिक निधन होने से निर्वाचन आयोग की चुनावी प्रक्रिया रोकनी पड़ गई। आयोग ने 26 अप्रैल को होने वाले मतदान की तिथि भी बढ़ाकर 7 मई कर दी है। अब समस्या यह है कि निर्वाचन आयोग को उन मुद्रित मतपत्रों की छपाई बीच मे ही रोकनी पड़ी, जिनका उपयोग पोस्टल बैलेट के लिए उपयोग किया जाना था।
जानकारी मिली है कि मुद्रित मतपत्रों को पूर्ण सुरक्षा के साथ बैतूल लाए जाने के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों की टीम शासकीय मुद्रणालय भोपाल पहुंच भी चुकी थी। कुछ मतपत्रों का प्रकाशन भी हो चुका था, लेकिन ऐन वक्त पर बसपा प्रत्याशी के निधन की खबर मिलते ही जिला निर्वाचन अधिकारी को चुनावी प्रक्रिया रोकना पड़ा है। खबर है कि बसपा के नए प्रत्याशी की नामांकन प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद पुन: मतपत्र मुद्रित कराए जाएंगे।
55 हजार 500 मतपत्रों का हुआ नुकसान
दरअसल जिला निर्वाचन द्वारा बैतूल-हरदा- हरसूद लोकसभा क्षेत्र के लगभग 8 विधान सभाओं के लिए 55 हजार 500 मुद्रित मतपत्र छपवाए जाने का निर्णय लिया गया था। इन मतपत्रों में सभी दलों के प्रत्याशियों के साथ बसपा प्रत्याशी रहे स्व. अशोक भलावी का नाम और चुनाव चिन्ह मुद्रित कराया गया था, लेकिन ऐन वक्त पर मतपत्रों की छपाई बसपा प्रत्याशी का दो दिन पूर्व हार्ट अटैक से निधन की वजह से इसकी छपाई बीच में ही रोकनी पड़ी। अब नए प्रत्याशी की नामांकन प्रक्रिया होने के बाद पुन: मतपत्रों की छपाई निर्वाचन को करानी पड़ेगी। इसके लिए आयोग को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
ईव्हीएम, टेंडर वोट और पोस्टल बैलेट में होना था उपयोग
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुद्रित मतपत्रों का उपयोग ईव्हीएम मशीनों , टेंडर वोट और उन कर्मचारियों के लिए किया जाना था, जो बाहरी जिलों से ड्यूटी करने लोकसभा पहुंचेंगे। बैतूल जिले के लगभग 1581 बूथों पर प्रत्येक बूथ के लिए 20 मुद्रित मतपत्र दिए जाने थे, जिसकी संख्या लगभग 31,626 मतपत्र होती है। इसके अलावा प्रत्येक बूथ पर रखी जाने वाली ईव्हीएम मशीनों पर भी मुद्रित मत पत्र चस्पा किया जाता है। अकेले बैतूल विधानसभा मे ही 1581 बूथ बनाए गए हैं। इसके अलावा हरदा, हरसूद और टिमरनी के बूथ मिलाकर करीब 2100 मतपत्र ईव्हीएम मशीनों में चस्पा किए जाने थे। बसपा प्रत्याशी के निधन के कारण 2100 मतपत्र भी निरस्त करना पड़ा। मुद्रित मतपत्रों का उपयोग पोस्टल बैलेट के लिए भी किया जाना था, लेकिन प्रत्याशी के निधन के बाद अब निर्वाचन को पुन: प्रक्रिया करवानी पड़ रही है।
शासकीय मुद्रणालय से बैरंग वापस लौटी टीम
प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार मुद्रित मतपत्र पूर्ण सुरक्षा के साथ बैतूल तक लाये जाने के लिए कुल 17 अधिकारी कर्मचारियों की टीम गठित की गई थी। इस टीम में कोषालय, वनविभाग, शिक्षा विभाग विभाग के अधिकारी शामिल थे। बताया जा रहा है कि टीम पूरी तैयारी के साथ शासकीय मुद्रणालय पहुंच चुकी थी, लेकिन अचानक बसपा प्रत्याशी के निधन की सूचना मिलते ही त्वरित कार्यवाही करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने अपने उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर मतपत्रों की छपाई का काम रुकवा दिया। नोडल अधिकारी अरुण वर्मा ने बताया कि जब हम शासकीय मुद्रणालय पहुंचे तो छपाई चल रही थी। हमें केवल काउंटिंग ही करना था, लेकिन प्रत्याशी के निधन की सूचना मिलते ही छपाई रुकवा दी गयी थी। इस समय तक कितने मतपत्र छप चुके थे, कितने बाकी इसकी जानकारी हमारे पास नहीं है। जिला निर्वाचन अधिकारी से निर्देश मिलने के बाद टीम वापस लौट गई है। अब नामांकन प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद पुन: मतपत्र छपवाए जाएंगे।
इनका कहना…..
लोकसभा की 8 विधान सभाओं के लिए 55 हजार 500 मतपत्र मुद्रित कराए जाने का डाटा हमारे पास था। अब नए सिरे से पुन: प्रक्रिया सम्पन्न कराई जाएगी।
अरुण वर्मा, नोडल अधिकारी, जिला निर्वाचन बैतूल।





