Betul News : साइलेंट अटैक का कहर: एक ही दिन में तीन लोग शिकार

Betul News: Wreck of silent attack: Three people victims in a single day

सीएमएचओ कार्यालय के बाबू को बाइक पर आया अटैक, दो अन्य की भी मौत

Betul News : (बैतूल)। हार्ट अटैक की बीमारी दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रही है। लोगों की चलते फिरते मौत हो जा रही है। कोई सोच भी नहीं सकता कि इस तरह से चलते फिरते किसी  मौत हो जाएगी। कोविड के बाद से हार्ट अटैक की घटनाएं अधिक सामने आ रही है। गुरूवार को जिला चिकित्सालय में तीन लोगों की संभावित हार्ट अटैक से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 संजय झरबड़े (47) निवासी गाड़ाघाट रोड टिकारी बाईक चला रहा था, बाईक चलाते-चलाते वह अचानक गिर गया और मौत हो गई। वहीं बानूरखापा निवासी महिला बबली पति भोजराज (23) की मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि महिला की काम करते समय अचानक उल्टी हुई। परिजन तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। भरकावाड़ी निवासी एक युवक एमपीईबी में प्रायवेट गार्ड का काम करता था। जिसकी गुरूवार को अचानक तबीयत बिगड़ी और परिजन जिला अस्पताल लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्टया तीनों लोगों की मौत संभावित हार्ट अटैक के कारण हुई है। हालांकि अभी पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएगा। पहले उम्रदराज के लोगों को हार्ट अटैक होने की सबसे ज्यादा घटनाएं सामने आती थी, लेकिन अब 15 से 20 से 40 वर्ष के युवाओं को भी हार्ट अटैक आने लगे है। बढ़ते हार्ट अटैक की घटनाएं चिंता का कारण बनी है। हार्ट अटैक आने का सबसे बड़ा कारण खराब लाईफ स्टाईल को बताया जा रहा है।

अचानक हार्ट अटैक पर क्या कहते है डॉक्टर

हार्ट अटैक की बढ़ती घटनाओं को लेकर डॉक्टर्स खराब लाईफ स्टाईल को बता रहे है। ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम सोनी ने बताया कि हार्ट अटैक ऐसे हो रहे कि लोगों को पता भी नहीं चल पाता है। इसका प्रमुख कारण खराब लाईफ स्टाईल है। डॉ.सोनी का कहना है कि जिस किसी भी युवक को हार्ट अटैक से बचना है ऐसे लोगों को कुछ नियमित जांचे करना अति आवश्यक है। कुछ भी शिकायत नहीं होने के बावजूद भी कम से कम एक वर्ष में दो से तीन प्रकार की जांचे करना आवश्यक हो जाता है। वैसे तो हर दो-तीन के भीतर बीपी, शूगर की जांच के अलावा ईसीजी और टीएमटी की जांच जरूर करना चाहिए। कई लोग कोई भी शिकायत नहंीं होने की स्थिति में वर्षों से सेहत की जांच नहीं करते और अचानक हार्ट अटैक आ जाता है। सामान्य व्यक्ति को भी कोलोस्ट्राल की जांच करनी चाहिए। समय के अनुसार शरीर में परिवर्तन भी होते रहता है, इसलिए यह सभी प्रकार की जांचे जरूरी है।

इन बातों का भी रखना होगा ध्यान

कई लोगों को यह देखा गया कि एक बीमारी की दवाई लेने के बाद वे दूसरी जांचे नहीं होती और एक ही दवाई खाते रहते है। जांचे समय पर नहीं होने के कारण हार्ट अटैक की घटनाएं अचानक बढ़ जाती है। डॉ. श्याम सोनी का कहना है कि ग्रामीण अंचलों में लोग झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवाते है और उन्हें बीमारी के बारे में बहुत अधिक जानकारी नहीं होती है। बिना चेकअप किए ही दवाई देते है। इस कारण से भी बीमारी बढ़ जाती है। डॉक्टर का कहना है कि लोगों को तनाव से भी दूर रहना चाहिए और खानपान का विशेष ध्यान दे। जिन लोगों की नियमित दवाई चल रही है वे दवाई का सेवन करते रहे। कोई भी शिकायत होने की स्थिति में किसी भी अच्छे डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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