Betul Hospital: अस्पताल में वेंटिलेशन नदारद, खिड़की खोलो तो मच्छरों की भरमार
Betul Hospital: There is no ventilation in the hospital, if you open the window there is a lot of mosquitoes.

40 डिग्री तापमान में मरीज हलाकान, अधिकारी पूरी तरह बेखबर
Betul Hospital : (बैतूल)। करोड़ों रुपए खर्च कर बनाए गए जिला अस्पताल में साफ-सफाई सहित सुविधाएं तो लगभग सही है, लेकिन गर्मी के दिनों में मरीज उमस से बेहद परेशान हैं, क्योंकि वार्डों में दीवारों के ऊपरी हिस्से में वेंटिलेशन नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशान होना पड़ रहा है। ऐसा नहीं है की वार्डों में खुली हवा आने के लिए खिड़कियां नहीं लगाई गई हैं, लेकिन गर्मी ज्यादा होने पर जब खिड़कियां खोली जाती हैं तो मच्छरों के प्रकोप झेलना पड़ रहा है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने प्रबन्धन से जनहित में इस समस्या का समाधान किये जाने की मांग की है। समाजसेवी नवल सिंह ठाकुर ने बताया कि बीमारी के चलते उन्होंने अपने परिजन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जिला अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं तो चाक चौबंद हैं, लेकिन अस्पताल की तीनों मंजिलों पर स्थित वार्डों में वेंटिलेशन नहीं होने की वजह से मरीज और उनके परिजन गर्मी और उमस के बीच रहने के लिए विवश हो रहे हैं। वार्डों में ताजी हवा के आने के लिए बड़ी बड़ी खिड़कियां लगाई गई हैं, लेकिन जैसे ही खिड़कियां खोली जाती हैं बाहर से मच्छरों के झुंड वार्ड में प्रवेश कर जाता है, इसके चलते रात भर मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
श्री ठाकुर ने बताया कि उन्होंने सभी वार्डो में जाकर देखा तो यही स्थिति नजर आई। जिला अस्पताल की नई बनाई गई बिल्डिंग में भी लगभग यही स्थिति देखने को मिली है। यहाँ भी वार्डो की दीवारों पर वेन्टीलेशन नहीं लगाए गए हैं। श्री ठाकुर का कहना है की इस समस्या को लेकर वे जल्द ही कलेक्टर एवं सीएमएचओ को पत्र लिखकर अनुरोध करेंगे ताकि इलाज करवाने के लिए जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को सुकून हासिल हो सके।
न दिन को चैन, न रात में सुकुन
जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किए मरीजों को न दिन में चैन मिल रहा है और न रात में सुकुन। दिन में दूसरी और तीसरी मंजिल में भर्ती मरीजों को गर्मी हलाकान कर रही है। ठीक होने के लिए गए मरीज और बीमार पड़ रहे हैं। वेंटीलेशन नहीं होने के कारण अस्पताल के वार्ड तप जा रहे हैं। कूलर तक यहां नहीं लगे हैं। जहां कूलर लगे हैं, उसमें पानी नहीं आ रहा है। रात में सुकुन की चाहत में आराम करने वाले चाहत रखने वाले मरीजों को खिड़की से मच्छर आने के बाद नींद हराम हो रही है। यह सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। वे केवल औपचारिक निरीक्षण कर इतिश्री कर लेते हैं।
इनका कहना..
वार्डों में कहीं पर वेंटीलेशन लगे हुए हैं। मच्छरों के आने की शिकायत पर खिड़कियों पर जाली लगवाई जाएगी।
डॉ अशोक बारंगा, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल बैतूल।





