Betul News : 18 से पहले मंत्रिमंडल में शामिल होने आएगा बुलावा
Betul News: Call to join cabinet before 18

मुख्यमंत्री ने संभावित मंत्रियों की सूची दिल्ली भेजी, विस सत्र के पहले नाम होंगे तय
Betul News : भोपाल/बैतूल। आगामी 18 दिसंबर को मध्यप्रदेश विधानसभा के नए सत्र की शुरुआत होने वाली है। इसी सत्र के पहले मंत्रिमंडल गठन की कवायद तेज हो गई है। संभावना है कि 17 दिसंबर की शाम तक मंत्रियों के नाम पर मोहर लग सकती है। सूत्रों की माने तो संभावित मंत्रियों की सूची मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गुरुवार को हाईकमान दिल्ली को भेज दी है। यहां से अनुमोदन होने के बाद सूची भोपाल आते ही मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले विधायकों को सूचना भेज दी जाएगी। हालांकि सूची को लेकर भोपाल से लेकर दिल्ली तक कोई भी कुछ कहने से बच रहा है, लेकिन बताया जा रहा है कि अधिकांश मंत्री इस बार नए रह सकते हैं।
सूत्र बताते हैं कि जिस तरह भाजपा हाई कमान ने प्रदेश में नए मुख्यमंत्री के रूप में डॉ मोहन यादव के हिंदुत्व छवि वाले चेहरे को आगे किया है, यही प्रयोग मंत्रिमंडल में भी किया जा सकता है। हाईकामन ने न सिर्फ मप्र बल्कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी नए चेहरे पर दाव लगाकर पुराने चेहरों को फिलहाल अलग-थलक कर दिया है। नए चेहरों के भरोसे ही लोक सभा चुनाव की तैयारियां शुरू की जा रही है। मप्र में 18 दिसंबर से पहला सत्र आहूत करने की तैयारी की जा रही है। इसके पहले मंत्रिमंडल गठन की कवायद पूरी कर ली जाएगी। जानकार सूत्रों ने बताया कि 230 सदस्यों वाली विधानसभा मप्र में 34 विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि संभावना कम है कि नए मुख्यमंत्री सभी 34 मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल करें। कहा जा रहा है कि 18 दिसंबर के पहले छोटा मंत्रिमंडल का गठन किया जा सकता है, इसमें करीब 17-18 मंत्रियों के नाम तय कर विस सत्र के पहले राज्यपाल से शपथ दिलाई जा सकती है।
पुराने के बजाए नए चेहरों पर अधिक फोकस
सूत्रों ने बताया कि भाजपा का मंत्रिमंडल भी इस बार नया हो सकता है। हाईकमान पुराने मंत्रियों की जगह नए और सोशल इंजीनियरिंग वाले चेहरों को देने की कवायद कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि इस बार मंत्रिमंडल में युवा और 35 से 55 वर्ष के विधायकों को अधिक जगह देने की चर्चा चल रही है। 55 से 60 वर्ष के पूर्व में मंत्री नहीं बनाए गए विधायकों के नामों को भी आगे किया जा रहा है। कुछ पुराने चेहरों पर जरूर भाजपा भरोसा कर इन्हें मंत्रिमंडल शामिल कर सकती है, लेकिन लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा नए चेहरों को मंत्रिमंडल में अधिक मौका देना चाहती है। इतना जरूर है कि वरिष्ठ नेता प्रहलाद पटेल, सांसद राकेश सिंह, रीति पाठक की जिम्मेदारी तय कर उन्हें सम्मान दे सकती है।




