Betul News: फार्मेसी काउंसिल अध्यक्ष की मारपीट का शिकार युवक बैतूल का

डिजिटल हस्ताक्षर के लिए एक माह से काट रहा था चक्कर, विरोध किया तो अधमरा होते तक की पिटाई
Betul News: बैतूल। राजधानी भोपाल के फार्मेसी काउंसिल कार्यालय में हाल ही में मारपीट का शिकार हुआ युवक बैतूल जिले का निकला है। वह भैंसदेही विकासखंड के नवापुर गांव का रहने वाला है। यह मामला फिलहाल सुर्खियों में है और तूल पकड़ने के बाद राजधानी भोपाल के हबीबगंज थाने में फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष संजय जैन सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। आरोप है कि रजिस्ट्रेशन से जुड़े कार्य के लिए गए तुषार के साथ कार्यालय में बर्बर मारपीट की गई, जिससे उसके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन भोपाल के लिए रवाना हो गए।
डिजिटल साइन के लिए एक माह से लगा रहा था चक्कर
जानकारी के अनुसार मूल रूप से नवापुर निवासी तुषार सोनारे पिछले एक महीने से अपने पीसीआई रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर डिजिटल साइन करवाने के लिए फार्मेसी काउंसिल के चक्कर लगा रहा था। हर बार उसे टरका दिया जाता और प्रक्रिया पूरी न होने की बात कहकर अगले दिन आने को कहा जाता। शुक्रवार को भी तुषार अपना काम करवाने के लिए काउंसिल पहुंचा। बताया जाता है कि शिकायत करने के लिए रजिस्ट्रार के कक्ष में जाने की कोशिश पर गार्ड ने उसे रोक लिया और कॉलर पकड़कर धक्का दे दिया। खुद को छुड़ाने के दौरान गार्ड पीछे गिर गया और चैनल गेट से टकरा गया। इसके बाद काउंसिल अध्यक्ष संजय जैन भी मौके पर पहुंच गया और पूरा स्टाफ बाहर आ गया। तुषार का आरोप है कि सभी ने उसे घेर लिया और गंभीर रूप से पीटा, जिससे उसके शरीर पर गहरे जख्म हो गए।
निराशा में अन्य छात्रों की आपबीती का वीडियो बना रहा था तुषार
सूत्रों के मुताबिक लंबे समय से परेशान और काम न होने की वजह से तुषार बेहद निराश था। इसी दौरान उसने अपनी समस्या और वहां मौजूद अन्य छात्रों की परेशानी को वीडियो बनाकर रिकॉर्ड करने का प्रयास किया। आरोप है कि जैसे ही यह बात अंदर बैठे अधिकारियों तक पहुंची वे भड़क गए और मारपीट पर उतारू हो गए। तुषार का कहना है कि पीटने के बाद उसे धमकाया गया और वीडियो डिलीट करने का दबाव भी बनाया गया।
मुख्यमंत्री से न्याय की मांग
काउंसिल कार्यालय से निकलकर घायल अवस्था में तुषार ने हबीबगंज थाने में घटना की शिकायत दर्ज कराई। मामले में संजय जैन, केके यादव, गोपाल यादव और अन्य संबंधित कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। घटना से आक्रोशित तुषार और उसके परिवार ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और फार्मेसी काउंसिल में हो रहे छात्र उत्पीड़न पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। मामले की जांच पुलिस द्वारा शुरू कर दी गई है,




