Betul Politics News : भाजपा की जीत में शक्ति केंद्र प्रभारियों की बड़ी भूमिका
Betul Politics News: Shakti Kendra in-charges play big role in BJP's victory

9 शक्ति केंद्रों में मोती वार्ड से सर्वाधिक बढ़त, दो वार्ड में पिछड़े लेकिन शहर में बढ़त से रूतबा कायम
Betul Politics News : (बैतूल)। आपको यह जानकार बेहद आश्चर्य होगा कि भाजपा ने बैतूल का चुनाव जिस बेहतर मैनेजमेंट और जिम्मेदारी से जीता है, इसका यदि परिपालन दूसरी जगह कांग्रेस करती तो शायद इसमें भी सफलता मिल सकती थी। दरअसल चुनाव की तिथि घोषित होते ही बैतूल विधानसभा के टारगेट में रहने वाले बैतूल शहर में 9 शक्ति केंद्र प्रमुखों की नियुक्तियां कर दी गई थी। इन्हें अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्डों और शक्ति केंद्रों पर भाजपा प्रत्याशी को जीत दिलाने की जिम्मेदारी दी तो सभी ने कार्यकर्ताओं को करीब से साधकर जीत का ऐसा नुक्खा निकाल लाया, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। शहर के 8 और यहां से सटे बडोरा शक्ति केंद्र पर भाजपा ने 6 हजार 141 वोट की बढ़त कर कांग्रेस को चारों खाने चित कर दिया।
इस बार बैतूल विधानसभा का चुनाव काफी प्रतिष्ठा पूर्ण था। चूंकि भाजपा की ओर से पूर्व विधायक- पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल और कांगे्रस से विधायक निलय डागा मैदान में थे। यही वजह है कि भाजपा ने इस चुनाव को काफी गंभीरता से लिया था, हालांकि भाजपा की तैयारी काफी पहले ही शुरू हो चुकी थी, परिणाम सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई कि जिस बेहतर मैनेजमेंट से भाजपा ने चुनाव लड़ा, उसे अच्छी जीत मिली, लेकिन बैतूल शहर और यहां से सटे बड़ोरा शक्ति केंद्र मिलाकर कुल 9 शक्ति केंद्रों से जिस तरह भाजपा को निर्णायक बढ़त मिली है, इससे भाजपा प्रत्याशी हेमंत खंडेलवाल की जीत का प्रतिशत भी बढ़ा है।
शक्ति केंद्र प्रभारियों की महत्वपूर्ण भूमिका
भाजपा से जुड़े सूत्र बताते हैं कि बैतूल शहर में कुल आठ शक्ति केंद्र प्रमुखों के जिम्मे 33 वार्डों की जवाबदारी सौंपी गई थी। बैतूल से सटे बडोरा शक्ति केंद्र भी इसी भी शामिल किया गया है। कुल 9 शक्ति केेंद्र प्रभारियों ने अपने अंतर्गत आने वाले वार्डों में कार्यकर्ताओं को शुरू से साधकर चलने का लक्ष्य निर्धारित किया। बताया जाता है कि ऐसा कोई दिन नहीं बचा, जिस दिन शक्ति केंद्र प्रभारियों ने अपने प्रभार वाले क्षेत्र के बूथ प्रभारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा न की हो। हर शक्ति केंद्र प्रभारी ने मिलकर जबरदस्त प्लानिंग की।
कार्यकर्ताओं से वार्डों में अलग-अलग बैठक कर हर संभावनाओं पर विचार विमर्श किया गया। जहां पर परेशानियां आ रही थी, शक्ति केंद्र प्रभारियों ने इसका न सिर्फ निराकरण किया बल्कि कार्यकर्ताओं में जान फूंकने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यदि परेशानी का निराकरण शक्ति केंद्र प्रभारियों से नहीं हुआ तो इसकी जानकारी सीधे जिला संगठन को दी गई। यही वजह है कि शक्ति केंद्र प्रभारियों के माध्यम से मिलने वाले फीडबैक को भाजपा ने अंत तक आधार स्तंभ बनाया। परिणाम इसी के अनुरूप सामने आया। शहर में शक्ति केंद्र प्रभारियों का जबरदस्त तालमेल भाजपा की बढ़त की मुख्य वजह कहा जा सकता है।
श्रीवास्तव टॉप में, दीपू और मानकर 2-3 स्थान पर
सांझवीर टाईम्स ने बैतूल शहर के 8 और बडोरा के एक शक्ति केंद्र के रिकार्ड निकाले तो चौकाने वाली स्थिति सामने आई। दरअसल आठ शक्ति केंद्रों में मोती शक्ति केंद्र प्रभारी अरूण श्रीवास्तव ने कुल 1683 वोट की बढ़त दिलाकर पहला स्थान हासिल किया है। जवाहर-दुर्गा शक्ति केंद्र प्रभारी दीपू सलूजा ने 1554 की बढ़त दिलाकर दूसरा और मुन्ना मानकर ने कृष्णापुरा शक्ति केंद्र से 1252 वोट की बढ़त भाजपा को दिलाकर तीसरा स्थान हासिल किया है।




