Betul News: खींच खींच कर निकाली जा रही काली फि़ल्म, क्या कोतवाल की स्कॉर्पियो पर लागू नहीं होता नियम
Betul News: Black film is being pulled out, doesn't the rule apply to Kotwal's Scorpio?

कोतवाल के काली फिल्म लगे स्कार्पियों वाहन पर यातायात विभाग की कृपादृष्टि
Betul News (बैतूल)। विधानसभा चुनावों के ठीक पहले आदर्श आचार सहिंता के लागू होते ही प्रशासनिक अमला एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। कानून व्यवस्था का पालन कराए जाने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च जैसे तरह तरह के जतन करने शुरू कर दिए हैं, ताकि जिले में आम चुनाव शांति और सद्भाव के साथ संपन्न कराए जा सकें।
इसी बीच पुलिस की वह कार्यवाही सबसे ज्यादा चर्चा में आई जिसमें वाहनों पर लगी काली फि़ल्म हटाये जाने का काम चुन-चुनकर किया जा रहा है। किसी भी आम आदमी के चौपहिया वाहन पर यदि काली फि़ल्म लगी दिखाई दे रही है तो चौराहे पर खड़ी ट्रैफिक पुलिस खींच-खींच कर काली फि़ल्म निकाल रही है पर सवाल यह है कि क्या काली फि़ल्म लगाना क्या सिर्फ आम आदमी के लिए ही प्रतिबंधित है।
शहर के एक प्रमुख थाने के कोतवाल भी इन दिनों काली फि़ल्म लगी स्कार्पियो से सारे शहर का भ्रमण कर रहे हैं। भ्रमण के साथ-साथ यह वाहन एसपी कार्यालय, पुलिस कंट्रोल रूम सहित सडक़ों पर सरपट दौड़ रहा है, लेकिन यातायात कर्मियों को इस वाहन पर लगी काली फिल्म क्यों नहीं दिखाई दे रही है यह आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
ये वाकया कहीं ना कहीं पुलिस और आम जनता के बीच भेदभाव जैसी मानसिकता को भी हवा दे रहा है। लोगों का सवाल है कि शक की नजर से हमेशा आम जनता को ही क्यों देखा जाता है। क्या कोतवाल के काली फि़ल्म लगे वाहन का दुरुपयोग नहीं हो सकता। अगर पुलिस सही में आचार सहिंता को लेकर गम्भीर है। तो तत्काल कोतवाल की स्कार्पियो में लगी काली फि़ल्म भी उतारी जानी चाहिए ताकि पुलिस और आम जनता के बीच भेदभाव जैसी स्थिति देखने को ना मिले।
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यातायात पुलिस का नहीं ध्यान (Betul News)
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर शहर के कई बुद्धिजीवियों ने बताया कि कोतवाली टीआई आशीष सिंह पवार अपनी स्कार्पियों में घूमते है। इस वाहन में पुलिस जरूर लिखा है, लेकिन अंदर कौन बैठा है, समझ नहीं आता। दरअसल वाहन शीशों पर काली फिल्म चढ़ी है।
जब कोतवाल को वाहन से उतरते देखा जाता है तब पता चलता है कि काली फिल्म लगी स्कार्पियों में कोई और नहीं बल्कि शहर कोतवाल है। यातायात पुलिस जब शहर में जगह-जगह कार्रवाई कर रही है, ऐसे में कई बार कोतवाल का वाहन भी वहां से गुजर गया, लेकिन काली फिल्म उतारने की जहमत नहीं उठा पाई।
इसी वजह लोग आरोप लगा रहे है कि काली फिल्म निकालने के लिए यातायात पुलिस चेहरा देखकर कार्रवाई कर रही है। आम लोगों के इस आरोप से पुलिस विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है।
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इनका कहना…
नियम सभी के लिए एक है। मुझे आपके माध्यम से जानकारी मिली है। यदि काली फिल्म का प्रतिशत 30 से अधिक होगा तो तत्काल टीआई के वाहन से भी काली फिल्म निकाली जाएगी।
गजेन्द्र केन, यातायात प्रभारी, बैतूल




