Political Column : पॉलिटिकल कॉलम : किस नेता के निर्दलीय लड़ने और 10 करोड़ खर्च करने के अरमान? कौनसी पार्टी के प्रभारी की ताप्ती तट पर एक सम्भावित दावेदार से हुई मैराथन चर्चा?? टिकट के दावेदार कौनसे माननीय पूछ रहे आखिर मेरा क्या कसूर??? पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में……

Political Column: Which leader aspires to contest as an independent and spend Rs 10 crore? The in-charge of which party had a marathon discussion with a potential contender on the Tapti coast?? Which honorable ticket claimant is asking what is my fault??? Read our popular columns in political turmoil...

Political Column : भाजपा से टिकट की दावेदारी कर पिछले दिनों सुर्खियों में आए एक समाज के प्रमुख द्वारा निर्दलीय चुनाव लडऩे का दम भरा जा रहा है। उनका दम कितना सच है, वे ही जाने, किंतु चर्चाएं चल रही है कि उन्होंने समाज के कुछ लोगों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर भी दस करोड़ खर्च कर मैदान में उतरने का दम भर रहे हैं। चौक-चौराहों पर चर्चा चल रही है कि पहली बार कोई निर्दलीय उम्मीदवार दस करोड़ रुपए खर्च कर मैदान में उतरेगा। चर्चा तो यह भी है कि समाज के अध्यक्ष होने के बावजूद उन्हें निराशा हाथ लग रही है।

ऐसे में उन पर ही तीखे कटाक्ष किए जा रहे हैं कि कौन सी जरूरत आ गई जो अचानक चुनाव लडऩे की जरूरत पड़ गई। चौक-चौराहों पर चर्चा चल रही है कि उनके कांधे पर दूसरे लोग बंदूक निकालकर चला रहे हैं। इस बंदूक के तीर कहां लगते हैं यह तो आने वाला समय ही बताएंगे, किं तु समाज से भी नेता के इस दावे को लेकर जमकर खिल्ली उड़ रही है।

प्रभारी की ताप्ती तट पर लंबी गुफ्तगू (Political Column)

एक पार्टी के प्रभारी पिछले दिनों बैतूल आए। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जान फूंकने के लिए बैठक ली और टिप्स भी दिए, लेकिन एक विधानसभा से अन्य पार्टी के गंभीर दावेदार से उनकी ताप्ती तट के किनारे लगभग दस मिनट हुई चर्चा के कई मायने निकाले जा रहे हैं। प्रभारी का काफिला जब भैंसदेही कूच कर रहा था तो वाहन रूकवाकर उन्होंने एक सुरक्षित क्षेत्र के पार्टी के टिकट मांग रहे दावेदार से चर्चा की। हालांकि वे दूसरे संगठन से जुड़े हैं, लेकिन टिकट की चाह रखते हैं। संगठन प्रभारी के इस तीस मिनट की गुफ्तगू के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

टिकट का दावेदार पूछ रहे मेरा क्या कसूर!

एक सुरक्षित विधानसभा सीट के माननीय की टिकट लगभग खतरे में बताई जा रही है। उन्हें इस बात का जैसे ही आभाष हुआ, वे इमोसनल हो गए। सोशल मीडिया में कम और अपनी ही पार्टी के लोगों से पूछ रहे हैं कि आखिर उनका क्या कसूर। पार्टी के नेता भी उन्हें दिलासा देने से नहीं चूक रहे हैं कि टिकट उन्हें ही मिलेगी, लेकिन माननीय की बेचैनी काफी बढ़ी हुई है। भोपाल से भी टिकट को लेकर जो चर्चा चल रही है, इसमें उनका नाम पिछडऩे की खबर ने नींद उड़ा दी है। इसके बावजूद वे पूरी सक्रियता से अभी भी जनसंपर्क में लगे हैं कि उम्मीद पर दुनिया टिकी है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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