Betul Ki Khabar: प्रभारी मंत्री के आदेश नहीं मानते कृषि उपज मंडी के सचिव

बोले-मैं प्रभार में, व्यापारियों को नोटिस नहीं दे सकता
Betul Ki Khabar: बैतूल: जिले की कृषि उपज मंडी में अनियमितताओं को लेकर गुरुवार को प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री ने व्यापारियों की मनमानी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा था कि जिन व्यापारियों पर जुर्माना लगाया गया है, उनसे जुर्माने की राशि तत्काल वसूली जाए और जो व्यापारी राशि जमा नहीं कर रहे हैं, उनकी उपज जब्त की जाए।
इसके साथ ही लगातार नियमों की अनदेखी करने वाले व्यापारियों के लाइसेंस निरस्त करने के भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन प्रभारी मंत्री के सख्त निर्देशों के बावजूद अगले ही दिन शुक्रवार तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। न तो जुर्माने की राशि वसूल की गई और न ही किसी व्यापारी के खिलाफ उपज जब्ती या लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई। नतीजतन पूरा मामला ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रभारी सचिव का हास्यपद बयान
कार्रवाई को लेकर जब प्रभारी सचिव और मंडी प्रबंधन से जवाब मांगा गया तो जिम्मेदार अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। प्रभारी मंडी सचिव राजेश प्रसाद शर्मा का कहना है कि वे वर्तमान में केवल प्रभार देख रहे हैं और उनके पास व्यापारियों पर कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमित मंडी सचिव के पदस्थ होने के बाद ही इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जा सकता है।
इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि जब जिले के प्रभारी मंत्री स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं, तो फिर उन निर्देशों का पालन क्यों नहीं हो रहा है। क्या प्रभारी व्यवस्था के चलते मंत्री के आदेश भी प्रभावहीन हो जाते हैं? स्थानीय किसानों और आमजन का कहना है कि मंडी में लंबे समय से व्यापारियों की मनमानी चल रही है। नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जब उच्च स्तर से निरीक्षण और निर्देश दिए जाते हैं, तब भी यदि कार्रवाई नहीं होती तो इससे व्यापारियों के हौसले और बढ़ जाते हैं। कुल मिलाकर स्थिति यह है कि व्यापारियों पर कार्रवाई करने में जिम्मेदारों को पसीना आ रहा है। प्रभारी मंत्री के आदेश फिलहाल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला यूं ही फाइलों में दबकर रह जाएगा।
इनका कहना है…
मैं सचिव के प्रभार में हू मुझे कार्रवाई का कोई अधिकार नही है। मुख्य सचिव के आने के बाद कार्रवाई हो पायेगी।
राजेश प्रसाद शर्मा, प्रभारी मंडी सचिव बडोरा बैतूल




