Betul Politics : संसदीय क्षेत्र से एक मंत्री का फार्मूला चला तो भी बैतूल पड़ेगा भारी

Betul Politics: Even if the formula of one minister from the parliamentary constituency is followed, Betul will be in trouble.

तीन बार विधायक रह चुके मंत्रियों को इस बार स्थान नहीं दिए जाने की कवायद, कल तक होंगे नाम तय

Betul Politics : (भोपाल/बैतूल)। मंत्रिमंडल गठन की कवायद के अंतिम दौर में जा पहुंची है। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मंत्रिमंडल के गठन की चर्चा के लिए दिल्ली गए हैं, वे देर शाम वापस भोपाल लौट जाएंगे। संभावना है कि सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान ही नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। इस बीच खबर सामने आई है कि पूरे प्रदेश के अधिकांश संसदीय क्षेत्र से किसी एक को मंत्री बनाने की नई गाइडलाइन ने कई नेताओं के चेहरों की हवाइयां उड़ा दी है। यदि बैतूल जिले की बात करें तो अब तक संसदीय क्षेत्र से विजय शाह का दावा मजबूत माना जा रहा था, लेकिन संगठन के दूसरे निर्णय की बात करें तो तीन बार मंत्री रह चुके विधायकों को इस बार स्थान नहीं मिलेगा, ऐसे में बैतूल जिले की लॉटरी लगना सौ प्रतिशत तय माना जा रहा है। दरअसल यहां से भाजपा के पांचों विधायक ने जीत हासिल की है।

मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए इस समय भाजपा के 166 में से 162 विधायक कही न कहीं लामबंद हो रहे हैं। 166 में से 4 विधायक मुख्यमंत्री, 2 उपमुख्यमंत्री और 1 विधानसभा अध्यक्ष चुनाव जा चुका है। लिहाजा बचे 162 भाजपा विधायक अपनी राजनैतिक एप्रोज के सहारे मंत्रिमंडल में स्थान पाने के लिए भोपाल से लेकर दिल्ली तक दौड़ लगा रहा है। हालांकि अब तक किसी भी नाम को हरीझंडी नहीं मिली है। केवल मीडिया में संभावित नामों को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन इन नामों में से अधिकांश को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की पूरी संभावनाएं हैं। कुछ सांसदों और वरिष्ठ भाजपा विधायकों को भी डॉ मोहन यादव के मंत्रिमंडल में स्थान मिलना तय माना जा रहा है।

इन नेताओं पर चलेगी कैची!

भाजपा के सूत्रों ने बताया कि इस बार संगठन ने मंत्रियों के चयन के लिए नई गाइडलाइन तैयार की है। यदि यह सच साबित हुई तो प्रदेश में तीन बार मंत्री रह चुके विधायकों को इस बार बिलकुल मौका नहीं मिलेगा। सूत्र बताते हैं कि ऐसा हुआ तो शिवराज सिंह सरकार में मंत्री रहे अधिकांश वरिष्ठ मंत्री सिर्फ विधायक मात्र रह पाएंगे। युवा चेहरों के अलावा संसदीय क्षेत्र से किसी एक सोशल इंजीनियरिंग में सशक्त विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल करने की वकालत की जा रही है। यदि भाजपा की यह गाइडलाइन चलती है तो नए चेहरों में भी कई नाम सामने आ रहे हैं। इसी वजह मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। रविवार को मुख्यमंत्री भोपाल से दिल्ली पहुंचे हैं। संभावना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात कर मंत्रियों की सूची पर चर्चा कर सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि लोकसभा चुनाव के हिसाब से भी मंत्रिमंडल में नए और जनाधार वाले विधायकों को शामिल करने पर सहमति बन रही है।

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मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा द्वारा नया फार्मला लाने के बाद बैतूल जिला इस बार लाल बत्ती से अछूता नहीं रहेगा। इसे संयोग ही कहे कि पार्टी द्वारा एक संसदीय क्षेत्र से एक मंत्री बनाने की रणनीति बनी है। यदि बैतूल-हरदा-हरसूद की बात करें तो विजय शाह तीन बार मंत्री रह चुके हैं। यदि यह गाइडलाइन चली तो हरदा और टिमरनी में कांग्रेस के विधायक रहने के कारण बैतूल जिले के पांच में से एक विधायक का मंत्री बनने का दावा काफी मजबूत माना जा रहा है। जिले के पांचों विधायक आज तक मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए गए। केवल गंगा बाई उइके पहली बार बाकी शेष विधायक हेमंत खंडेलवाल, डॉ योगेश पंडाग्रे, चंद्रशेखर देशमुख और चंद्रशेखर देशमुख पूर्व में विधायक रहने के कारण मंत्री नहीं बनाए गए हैं। लिहाजा बैतूल का दावा इस बार काफी मजबूत है। भाजपा सूत्रों की माने तो बैतूल से हेमंत खंडेलवाल का मंत्री बनना लगभग तय है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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