Betul News : लाचार सिस्टम की बोलती तस्वीर…
Betul News: Picture of helpless system speaks...

एक टांग पर कूद कूद कर व्हीलचेयर के सहारे इलाज करवाने पहुंचा मरीज
हजारों की आबादी को इलाज की सुविधा देने वाला शाहपुर अस्पताल खुद बीमार
▪️ आशीष राठौर
Betul News : (शाहपुर)। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का ढर्रा सुधरने का नाम नहीं ले रहा हैं। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलना तो दूर अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को गेट से अस्पताल में अंदर ले जाने के लिए अटेंडर भी नहीं मिल पा रहे हैं। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी स्वास्थ्य सुविधाएं बद से बदतर बनी हुई हैं।
शाहपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के बड़े-बड़े और खोखले दावे की उस वक्त पोल खोल दी जब गैंगरिन रोग से पीड़ित एक पर से विकलांग मरीज खुद व्हीलचेयर के सहारे इंजेक्शन लगवाने गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की संवेदनहीनता की यह तस्वीर खुद बयां कर रही है कि हजारों की आबादी को इलाज की सुविधा देने वाला शाहपुर अस्पताल खुद बीमार हो गया है।
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यहां देखें वीडियो…
जानकारी के अनुसार भौरा निवासी मरीज गैंगरिन की बीमारी से पीड़ित होने के कारण भोपाल में करीब 2 महीने इलाज करवा कर वापस लौटा था बीमारी के चलते मरीज का एक पर काटना पड़ा था। लगातार दर्द रहने के कारण मरीज पिछले दो दिनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर में अपना इलाज करने के लिए आ रहा था, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अटेंडर नहीं होने के कारण थक हार कर मरीज खुद सहारा लेकर स्वास्थ्य केंद्र की सीढ़ियों को चढ़कर व्हील चेयर पर बैठा, तथा खुद एक पैर से कूद कूद कर इमरजेंसी रूम में पहुंचकर अपना इलाज करवाया।
पुनः वापस अपने हाथों से साइकिल को खींचकर अपने घर की ओर चला गया जिस व्यक्ति ने यह देखा सिस्टम को कोसते नजर आए। स्पताल में इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है, ऐसे मामले प्रतिदिन देखे जा सकते हैं।
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अस्पताल में इलाज करवाने के लिए आने वाले मरीजों को डॉक्टरों के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ता हैं। ऐसी बात नहीं है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर मरीज सरकारी अस्पताल पहुंच रहे हैं। अधिकांशत: गरीब मरीज ही सरकारी अस्पतालों की शरण ले रहे हैं। आर्थिक रूप से मजबूत लोग तो निजी अस्पतालों में जाना बेहतर समझते हैं, लेकिन गरीब जाएं तो कहां। प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने पर काफी खर्च होता है, गरीब मरीजों के समक्ष सरकारी अस्पताल जाने की मजबूरी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सस्ते व बेहतर इलाज की उम्मीद लगाकर आने वालों को तगड़ा झटका लग रहा है। उन्हें समुचित सुविधाएं उपलब्ध हो सकें, इसके लिए जिम्मेदारों द्वारा कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
चुनावी सीजन में हवा हवाई साबित हो रहे दावे
इस चुनावी सीजन में सरकार बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के दावे करती भले ही नजर आ रही हो, भरे मंच से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं कि प्रदेश में कोई भी उपचार के अभाव में ना रहे ऐसा सरकार हर किसी को बेहतर उपचार मुहैया कराने के दावे करती दिखती है। लेकिन बैतूल जिले का स्वास्थ्य महकमा लगातार प्रदेश सरकार के दावों की पोल खोल रहा है या यूं कहें कि सरकारी स्वास्थ्य महकमा सरकार की योजनाओं में पलीता लगा रहा है। अपने कारनामों से स्वास्थ्य महकमा आए दिन सुर्खियों में बना रहता है। सारे दावे जमीन पर हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।




