Betul News : हड़ताल का असर: पूरी रात अंधेरे में डूबा रहा शहर
Betul News: Effect of the strike: The city remained immersed in darkness the whole night.

जिले में शिकायतों का आंकड़ा 400 के पार, भगवान भरोसे जिले के हजारों उपभोक्ता
Betul News : (बैतूल)। विद्युतकर्मियों की मांगों को लेकर जारी हड़ताल ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। जिले के करीब 900 बिजली कर्मियों के हड़ताल पर जाने से व्यवस्था बेपटरी हो गई है। सबसे बड़ा असर बीती रात देखने को मिला, जब जिला मुख्यालय के एक भी क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट नहीं जल पाई। कुछ क्षेत्र में लोगों ने ट्रांसफार्मर से स्ट्रीट लाइट शुरू कर डाली।
इधर बिजली कर्मियों के हड़ताल पर जाने के कारण जिले भर में लगभग 400 से अधिक शिकायतों का अंबार लग गया है। अकेले बैतूल शहर में यह शिकायतें 100 के पार हो चुकी है। यदि बिजली कर्मियों की हड़ताल शीघ्र नहीं सुलझी तो उपभोक्ताओं को परेशानी उठाना पड़ सकता है।
मप्र के ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले सभी 6 कंपनियों के कर्मचारी शुक्रवार से हड़ताल पर चले गए हैं। अपनी विभिन्न मांगें पूरी नहीं होने पर दिए गए अल्टीमेटम के अनुसार कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू की है। पहले ही दिन बैतूल समेत अन्य जगह व्यवस्था चरमरा गई है।
बैतूल जिले में कुल 900 बिजली कर्मचारी भी इस हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। लिहाजा यहां की व्यवस्था चरमरा गई है। जानकारी मिली है कि 900 विद्युत कर्मियों की हड़ताल पर जाने से शिकायतों का अंबार लग रहा है। यूनाईटेड फोरम फॉर पावर इंजीनियर्स एवं एप्लाइज एसोशिएशन और मप्र विद्युत मंडल अभियंता संघ के संयुक्त आव्हान पर यह हड़ताल जारी है। यह हड़ताल शुक्रवार से शुरू हुई है।
तीन दौर की वार्ता असफल
जानकार सूत्रों ने बताया कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल पर चले जाने से अधिकारियों की चिंता भी बढ़ गई है। कहा जा रहा है कि प्रदेश स्तर के अधिकारी और कर्मचारियों के बीच तीन दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन यह विफल रही। इसी के बाद शुक्रवार से सभी 6 कंपनियों के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए।
कर्मचारियों की मांग थी कि आउट सोर्स वेतनवृद्धि के अलावा 20 लाख का दुर्घटना बीमा और 3 हजार रुपए भत्ता दिया जाए, कर्मचारियों की वेतनविसंगतियों को दूर कर मूल वेतन 25 हजार 300 रुपए किया जाए, वर्ष 2018 के बाद कनिष्ठ अभियंताओं की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए, उच्च शिक्षा प्राप्त कनिष्ठ अभियंता और कर्मचारियों को कनिष्ठ अभियंता की नियुक्ति के लिए नीति बनाई जाए, ज्वाइंट वेंचर एवं टीबीसीबी वापस लेकर पेंशन सुनिश्चित की जाए आदि प्रमुख थी।
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शिकायतों का अंबार, अंधेरे में गुजरी रात (Betul News)
जिले के 900 से अधिक कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद बिजली व्यवस्था पूरी बेपटरी हो गई है। बीती रात बैतूल शहर स्ट्रीट लाइट नहीं जलने से अंधेरे में रहा। यही स्थिति ग्रामीण अंचलों में भी देखी गई। यहां पर भी स्ट्रीट लाइट नहीं जले। इससे व्यवस्था बेकाबू हो गई है। हड़ताल पर जाने का असर यह है कि जिले में शिकायतों का आंकड़ा 400 के पार हो गया। अकेले बैतूल शहर में शिकायतों का आंकड़ा 100 के पार हो चुका है।
यदि बिजली कर्मियों की हड़ताल लंबी चली तो फाल्ट आने पर समस्या का निराकरण नहीं होगा। ऐसे में कई लोगों की रात अंधेरे में गुजर सकती है। इतना ही नहीं बिजली न रहने से पानी और अन्य व्यवस्थाओं के चरमराने से इंकार नहीं किया जा सकता। दो दिन में समस्याओं का आंकड़ा बढ़कर 400 के पार हो जाने से अधिकारियों की भी चिंता बढ़ गई है।
इनका कहना….
प्रादेशिक हड़ताल के कारण बैतूल जिले के 900 कर्मचारी भी साथ में है। व्यवस्थाएं बिगड़ रही हैं, लेकिन निगरानी की जा रही है। अब तक शहर में 100 से अधिक शिकायतें पेडिंग है, जिले में 400 से अधिक शिकायतें सामने आई हैं।
– भूपेश बघेल, डीई विद्युत कंपनी, दक्षिण संभाग बैतूल




