Betul Samachar: सर्वमंगल कावड़ यात्रा के बहाने बबला की मुलताई में दस्तक!
Betul News: Babla knocks on Multai on the pretext of Sarvamangal Kavad Yatra!

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री को बुलाया, निकल रहे कई राजनीतिक मायने
Betul Samachar: बैतूल। जिले की भाजपाई राजनीति के युवा तुर्क और पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला ने शुक्रवार मुलताई में सर्व मंगल कावड़ यात्रा के बहाने अपने राजनीतिक ताकत दिखाई है। कहा जा रहा है कि कावड़ यात्रा तो महज बहाना थी, इसी बहाने उन्होंने बता दिया है कि वे सभी राजनैतिक समीकरण में फिट बैठते हैं। यही वजह है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल अपने व्यवस्तम कार्यक्रम के बीच बबला की सर्व मंगल कावड़ यात्रा में शामिल होने के लिए विशेष तौर पर भोपाल से मुलताई पहुंचे।
केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके का भी कार्यक्रम में शामिल होना कहीं न कहीं मायने रखता है। राजनीतिक जानकार इसे बबला की मुलताई से आगामी विधानसभा चुनाव से संभावित दावेदारी से भी जोड़कर माना जा रहा है। हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगा, क्योंकि मुलताई विधानसभा चौकाने वाले परिणामों के लिए जाना जाता है।
जिले की भाजपा राजनीति में आदित्य बबला शुक्ला ने अलग पहचान बनाई है। अभाविप से जुड़कर छात्र संगठन में संघर्ष कर उन्होंने एक अलग मुकाम बनाया। यही उनका राजनीति में आने का टर्निंग पाइंट है। अभाविप में लगातार सक्रिय होने के बाद उन्होंने छात्र संघ चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाकर समर्थित उम्मीदवारों को जीत दिलाकर एक अच्छा टीम वर्क बनाया। इसके बाद भाजयुमो की राजनीति में सक्रियता बनाकर अलग पैठ बनाई। युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रहते हुए उनके साथ युवाओं की ऐसी सशक्त टीम बन गई, जिसके कारण पूरे जिले में उनका तगड़ा नेटवर्क बन गया।
सक्रियता का ईनाम उन्हें चार वर्ष पहले भाजपा जिला अध्यक्ष के रूप में भी मिल चुका है। अपने कार्यकाल में जिस तरह उन्होंने विधानसभा चुनाव से लेकर पंचायत और निकाय चुनाव में पार्टी का वर्चस्व कायम किया है, उसकी तारीफ राजधानी भोपाल तक हुई। हर समय कुछ नया करने के लिए बबला की सार्वजनिक मंचों पर भी खूब प्रशंसा हुई।
हेमंत के प्रदेश अध्यक्ष बनते हुए फिर हुए सक्रिय
चार माह पहले बबला को दूसरा कार्यकाल नहीं मिला, इसके बाद वे भाजपा राजनीति से जुड़े रहे। इस बीच बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनते ही उनकी सक्रियता देखते ही बनी। जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार के साथ बैतूल नगर के दोनों मंडल अध्यक्ष विक्रम वैध और विकास मिश्रा के साथ उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत की जो रूपरेखा बनाई, इसका नजारा सभी ने देख लिया। एक बेहतर मैनेजमेंट और कुशल राजनीतिज्ञ होने का परिचय उन्होंने दिया है। इस कार्यक्रम की छाप ऐसी छूटी की कई दिग्गज भी तारीफ करते नजर आए। यह पहला मौका नहीं है, इसके पहले भी बबला ने कई अवसरों पर भाजपा का झंडा बुलंद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
मुलताई में बड़ी अचानक सक्रियता
वैसे तो बबला की राजनीति कर्मभूमि बैतूल ही है, लेकिन भाजयुमो और फिर भाजपा के जिला अध्यक्ष रहते हुए जिस तरह से उन्होंने अपनी टीम और नेटवर्क बढ़ाया है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। यही वजह है कि शुक्रवार उन्होंने सर्वमंगल कावड़ यात्रा निकालने का निर्णय लिया तो इसके लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को आमंत्रित किया। सावन माह में निकाली इस कावड़ यात्रा में खंडेलवाल के अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, क्षेत्रीय विधायक चंद्रशेखर देशमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार, भाजपा जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार, भाजयुमो जिला अध्यक्ष भास्कर मगरदे समेत बैतूल से भी बड़ी संख्या में उनके समर्थक पहुंचे हैं। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुलताई में भी उनका अच्छा नेटवर्क है। कावड़ यात्रियों में क्षेत्र के लोगों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर बबला का कद बढ़ाया है।
मुलताई क्यों चुना? छिपे कई राज
वैसे बबला की सक्रियता भाजपा में कम नहीं है, लेकिन मुलताई पहुंचने से कई मायने निकाले। भले ही ताप्ती नगरी में सर्व मंगल यात्रा निकालना महज इत्तेफाक है, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे राजनीति के दूसरे चश्मे से भी देख रहे हैं। दरअसल मुलताई ऐसी विधानसभा है, जो बैतूल के बाद अनारक्षित है। शेष तीन विधानसभा आरक्षित है, लिहाजा दो सामान्य सीट होने के कारण सर्वमंगल यात्रा के लिए मुलताई को चुना जाना किसी आश्चर्य से कम नहीं है।
वैसे भी चर्चा हो रही है कि संघ और पार्टी गाइड लाइन ने 70-72 वर्ष से अधिक उम्रदराज नेताओं को राजनीति से सन्यास लेने की सलाह दी है। यदि यह पंच भाजपा में चलता है तो इसका मुलताई में भी दुरगामी परिणाम देखने को मिल सकता है। उम्र फैक्टर लागू हुआ तो मुलताई से नया चेहरा आगामी विधानसभा में दिखाई दे सकता है। चूंकि सर्वमंगल यात्रा के लिए बबला ने जिस तरह मुलताई को चुना, इसलिए उनका नाम अचानक सूर्खियों में आ गया।




