Betul Samachar: इरपाचे और संदीप धुर्वे ने बढ़ाई धरमू की मुसीबत!

Betul Samachar: Irpache and Sandeep Dhurve increased Dharamu's troubles!

विधानसभा में संयुक्त रूप से ताबड़तोड़ दौरे ने मचाई हलचल, एक दिन में नाप रहे कई गांवों की डगर

 

Betul Samachar:(बैतूल)। अनुसूचित जन जाति वर्ग के लिए आरक्षित भैंसदेही विधानसभा के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इशारों ही इशारों में वर्तमान कांग्रेस विधायक धरमूसिंह सिरसाम की दूसरी बार टिकट तय कर दी है। इतना जरूर है अधिकृत रूप से उनकी टिकट तय नहीं हुई है, लेकिन अन्य दावेदारों ने धरमू की टिकट तय होता देख अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। जयस को साथ लेकर चल रहे जिला पंचायत सदस्य रामचरण इरपाचे और जिलाध्यक्ष संदीप धुर्वे का इन दिनों संयुक्त रूप से भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र में ताबड़तोड़ दौरा नई राजनीति की ओर इशारा कर रहे है। यदि वर्तमान विधायक धरमू की टिकट यहां से तय होती है तो दोनों में कोई भी मैदान में उतरने से कांग्रेस का नुकसान होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

सूत्र बताते है कि इन दिनों भैंसदेही विधानसभा खासी चर्चा का केन्द्र बनी हुई है। यहां से भाजपा ने महेन्द्र सिंह चौहान को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया तो कांग्रेस ने वर्तमान विधायक धरमूसिंह सिरसाम का नाम लगभग फाईनल कर दिया है। दोनों के बीच जंगी मुकाबले को चतुष्कोणीय बनाने के लिए भाजपा के जिला महामंत्री राहुल चौहान निर्दलीय लड़ने का बिगुल फूंक चुके है, इससे भाजपाई खेमे में हड़कंप मचा है। भैंसदेही की यह राजनीति अभी शांत ही नहीं हुई थी कि अब कांग्रेस खेमे में चिंता की लकीरे देखी जा रही है। इसकी मुख्य वजह जिला पंचायत सदस्य रामचरण इरपाचे और जयस के जिलाध्यक्ष संदीप धुर्वे बताए जा रहे है। यही वजह है कि दोनों के मैदान में उतरने से कांग्रेस-भाजपा को तगड़ा नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।

साथ में नाप रहे गांवों की पगडंडी

जानकार सूत्र बताते है कि जिला पंचायत सदस्य रामचरण इरपाचे की पूर्व से ही जयस के करीबी रही है। जिला पंचायत के चुनाव में भी वे जयस के सहारे अपनी नैय्या पार लगा चुके है। इस बीच जयस से अच्छे तालमेल होने के कारण जिला अध्यक्ष संदीप धुुर्वे के साथ उन्होंने हाथ मिला लिया है। सूत्र बताते है कि दोनों की विचारधारा एक होने के कारण पिछले 10 दिनों से भैंसदेही विधानसभा के गांव-गांव की पगडंडियां नापने में लगे हुए है। बताया जाता है कि संयुक्त रूप से एक ही वाहन से संदीप और इरपाचे तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार गांवों में जाकर सघन जनसंपर्क में लगे हुए है। क्षेत्र के लोगों में भी उनकी खासी लोकप्रियता है, यह कांग्रेस के लिए बुरी खबर हो सकती है।

 

जयस का बढ़ता जनाधार दोनों पार्टियों के लिए खतरा

जयस ने बीते पंचायत चुनाव में भैंसदेही विधानसभा की दो सीटों पर जीत हासिल की थी। अपने बलबूते चुनाव में फतह हासिल करने के बाद जयस का ना सिर्फ भैंसदेही बल्कि चार अन्य विधानसभा क्षेत्रों में जनाधार बढ़ा है। जयस अपने कोटे भैंसदेही से पहले से ही टिकट की मांग कर रही है, लेकिन प्रदेश स्तर पर कोई समझौता नहीं होने के कारण कांग्रेस ने अनौपचारिक रूप से अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया। इसकी खबर जैसे ही जयस को लगी तो पार्टी के जिलाध्यक्ष इनपाचे को साथ लेकर मैदान में ताल ठोककर उतर गए। सूत्र बताते है कि यदि समझौता न होने पर दोनों में से कोई मैदान में उतरते है तो कांग्रेस को अधिक और भाजपा को कम नुकसान की संभावना दिखाई दे रही है। राजनैति प्रेक्षक भी भैंसदेही विधानसभा में जयस के बढ़ते जनाधार से हैरत में है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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