Betul Today News : बिगड़ रही है धरती की सेहत : 70 प्रतिशत सेम्पलों में सल्फर और जिंक की भारी कमी

4 महीने में 2200 मिट्टी के सेम्पलों की हुई जांच

बैतूल। जिले में धीरे-धीरे धरती की सेहत बिगड़ते जा रही है। मिट्टी परीक्षण में एक चौकाने वाला परिणाम सामने आया है। बैतूल जिले की मिट्टी में जिंक-सल्फर और नाईट्रोजन की भारी कमी सामने आई है। इन पोषक तत्वों की कमी चिंता का कारण बनी हुई है। जमीन के पोषक तत्वों को ध्यान रखते हुए कृषि नहीं हुई तो आने वाले दिनों इसका विपरित प्रभाव देखने को मिलेगा। मिट्टी परीक्षण केन्द्र से मिली जानकारी के मुताबिक मिट्टी के 100 सेम्पलों में से 70 प्रतिशत सेम्पलों में जिंक-सल्फर और नाईट्रोजन की कमी पाई गई है। बैतूल की मिट्टी में सबसे ज्यादा पोटाश की मात्रा पाई गई है।

मिट्टी में संतुलित मात्रा में पोषक तत्व पाए जाने पर फसल की अच्छी पैदावार होती है। कोई भी पोषक तत्व की अधिकता फसलों के लिहाज से ठीक नहीं है। जिले की मिट्टी में पोटाष की अधिकता पाई गई है, जो चिंता का कारण बनते जा रही है। रासायनिक उर्वरकों का बिना विशेषज्ञ और जांच के अंधाधुंध प्रयोग किया जा रहा है। वर्ष-प्रतिवर्ष धरती में घटते पोषक तत्वों से फसल उत्पादन भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।

बिना मिट्टी परीक्षण के हो रहा खाद का उपयोग

कृषि के क्षेत्र में अधिकतर किसान बिना मिट्टी परीक्षण के बोनी करते है। ऐसे में फसल उत्पादन पर भी इसका असर पड़ने लगा है। किसान मिट्टी परीक्षण किए बिना अंदाज से रासायनिक उर्वकों का सबसे ज्यादा उपयोग करते है। पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ने से फसलों पर भी विपरित प्रभाव देखने को मिलता है। किसानों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। अधिक उत्पादन के पीछे दौड़ते हुए किसानों को रासायनिक उर्वरकों का उपयोग संतुलित मात्रा में करना चाहिए।

4 महीने में 2200 सेम्पलों की जांच

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बैतूल बाजार मिट्टी परीक्षण केन्द्र पर अप्रैल से लेकर अब तक इस चार माह के भीतर में 2200 सेम्पलों की जांच हुई है। इन सेम्पलों की जांच की पोटाश की अधिकता पाई गई है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है, मिट्टी में कोई भी पोषक तत्वों की अधिकता अच्छी नहीं है। किसान मिट्टी परीक्षण के बाद ही आवश्यकतानुसार खेतों में उर्वरकों का उपयोग करें।

इनका कहना….

4 महीने के भीतर लगभग 2200 मिट्टी सेम्पलों की जांच हुई, जिसमें जिंक-सल्फर और नाईट्रोजन पोषक तत्वों कमी पाई है। 70 प्रतिशत सेम्पलों में पोटाष की मात्रा अधिक पाई है।

चन्द्रशेखर चौधरी, सहायक भू सर्वेक्षण अधिकारी, बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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