Political News : टिकट तय हुई तो किस नेता जी के अरमानों पर फिरा पानी, निर्दलीय वोट मिलने पर भी संशय क्यों?? कौनसे नेता है जो अपनी छवि बनाने लाखों खर्च कर रहे??? प्रतिद्वंद्वी को टिकट न मिलने के लिए कौन पहुंचा भगवान की शरण में??? पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में…..

Political News: If the ticket is decided then which leader's wishes are dashed? Why is there doubt even if he gets independent votes? Which leaders are spending lakhs to build their image??? Who turned to God for not getting a ticket for his rival??? Read our popular columns in political turmoil...

घर के वोट के भी पड़ेंगे लाले

Political News : जिले की मुलताई विधानसभा में एक पार्टी ने अपना उम्मीदवार घोषित कर सबको चौका दिया है। तीन माह पहले उम्मीदवार तय होने से टिकट के अन्य चार-पांच दावेदारों के अरमानों पर पानी फिर गया है। इनमें से तो एक उम्मीदवार ऐसे थे, जिन्होंने टिकट वितरण में सबसे फिसड्डी रहने के बावजूद भी खूब फील्डिंग की और पानी की तरह पैसा बहाया।

लोगों को दरी, माइक सेट और अपनी दुकान की कई सामग्री रेवड़ी की तरह बांटती, लेकिन पिछले दिनों जब पार्टी ने टिकट तय की तो उनके अरमानों पर पानी फिर गया। वे खुद भी जानते थे कि टिकट उनको दूर-दूर तक नहीं मिलेगी, लेकिन समर्थकों के सामने डिंग हांकने पर यह दावेदार सुर्खियों में बने रहने के लिए अपनी मातृ पार्टी छोड़कर निर्दलीय मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। यह बात बाहर आते ही जमकर चर्चा हो रही है कि नेता जी को घर के वोट भी मिलेंगे या नहीं? यदि ऐसा होता है तो वे घर के रहेंगे न घाट के। इसकी पूरे क्षेत्र में जमकर चर्चा हो रही है।

किसके इशारे पर छवि बना रहे एक दावेदार?

जिले की एक चर्चित और निर्दलियों का गढ़ कही जाने वाली विधानसभा में एक दावेदार के इरादों में ऐसे समय पंख लगे हुए हैं, जब पार्टी ने वहां से उम्मीदवार घोषित कर दिया है। चुनाव के पहले अपनी छवि के लिए उन्होंने कोई प्रयास नहीं किया, लेकिन उम्मीदवार घोषित होने के बाद अपने क्रियाकलापों और कामों के साथ विकास पुरूष का दर्जा देने वाला एक पुलआउट छपवाकर खूब वाहवाही लूटी। उन्हें उम्मीद है कि अभी भी अपने द्वारा किए गए कार्यों से पार्टी उनके बारे में सोचेगी।

एकमुश्त अच्छी रकम खर्च कर नेताजी ने चार पेज में तारीफों के पुल बंधवाएं, लेकिन खबर छनकर आ रही है कि इसका निगेटिव असर गया है। हाईकमान भी उनकी इस नियत पर खोट जताते हुए पारखी नजर रख रहे। हालांकि चुनाव के समय नेताजी पर कार्रवाई तो नहीं, लेकिन प्रदेश में सरकार बनने पर जरूर नसीहत का पाठ पढ़ाया जा सकता है। खबर है कि वे किसी अन्य के इशारे पर ऐसा कर रहे हैं।

भगवान की शरण में क्यों नेताजी

जिले के एक सुरक्षित सीट से चर्चित महिला दावेदार की टिकट की उम्मीदें अभी भी बरकरार है। सात सितंबर को इस बारे में न्याय का फैसला होगा। इससे पहले टिकट के कुछ अन्य दावेदार क्षेत्र में ऐसे है, जिन्होंने भगवान की शरण लेकर मिन्नतें की है कि मैडम को न्यायालय से राहत नहीं मिले। भगवान से प्रार्थना की जा रही है कि मैडम का इस्तीफा स्वीकार न हो और उनकी लाटरी लग जाए। ऐसे ही एक नहीं यहां दो दावेदार है जो इस तरह की प्रार्थना करने के लिए भगवान की शरण में पहुंचे हैं। उन्हें उम्मीद है कि भगवान जरूर सुनेगा इनमें से एक दावेदार ऐसे हैं जो दूरस्थ प्रदेश में स्थित चर्चित भगवान की शरण में आशीर्वाद भी लेने जा पहुंचे हैं।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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