Betul Politics : राहुल चौहान के विद्रोही तेवर पर मनाने की कवायद तेज

Betul Politics : Efforts to persuade Rahul Chauhan's rebellious attitude intensifies

भाजपा और आरएसएस के पदाधिकारियों के सक्रिय होने की खबर

Betul Politics : (बैतूल)। भैंसदेही क्षेत्र के दिग्गज विधायक रहे स्व. सतीश चौहान के पुत्र राहुल चौहान ने भाजपा का दामन थामने के बाद टिकट न मिलने से वंचित रहने के कारण बगावत कर दी है। दो दिन पहले जिस तरह उनके गृह क्षेत्र दामजीपुरा में सैकड़ों की तादाद में जनसमुदाय एकत्रित हुआ। उनके विधायक मामा राजकुमार पटेल की मौजूदगी में सभी को राहुल ने भाजपा से टिकट न मिलने से चुनाव मैदान में उतारने का ऐलान कर दिया।

खबर है कि राहुल के बागी तेवर के बाद उन्हें समझाईश देने के लिए भाजपा के शीर्ष नेता और आरएसएस की टीम सक्रिय हो गई है। राहुल को समझाईश देने के तेजी से प्रयास हो रहे है, लेकिन मंगलवार दोपहर तक सफलता नहीं मिल पाई है। सांझवीर टाईम्स के गतांक में सबसे पहले इस संंबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद पूरी भाजपा की राजनीति में हड़कंप मच गया है।

सूत्र बताते है कि राहुल के बगावती तेवर के बाद भाजपा बैकफुट पर आ गई है। जिस तरह दामजीपुरा में हुई बैठक में बड़े स्तर पर आदिवासी और कोरकू समाज के लोग शामिल हुए, इससे भाजपा का एक बड़ा वोट बैंक हाथ से छिटकने से इंकार नहीं किया जा रहा है। राहुल के तेवर ऐसे समय सामने आए है, जब भाजपा ने यहां महेन्द्र सिंह चौहान को प्रत्याशी घोषित कर दिया। उन्होंने केरपानी मंदिर से पूजा अर्चना कर काफी पहले प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया, लेकिन भाजपा के जिला महामंत्री राहुल के बगावती तेवर के बाद पूरी पार्टी में हड़कंप मच गया है।

आम तौर पर शालीन और सरल स्वभाव के राहुल शीर्ष नेताओं को सम्मान देने और पार्टी के दिए हर आदेश को मानने वाले युवा नेता माने जाते है, लेकिन उनके विधायक मामा की मौजूदगी में क्षेत्र के लोगों ने चुनाव लड़ने का प्लान तैयार कर राहुल को बगावत करने का मौका दे दिया है। यदि महेेन्द्र सिंह चौहान की पार्टी ने उम्मीदवारी नहीं बदली तो राहुल कल ही दावा कर चुके है कि वे मैदान में डंके की चोट पर उतरेंगे। यदि ऐसा हुआ तो भाजपा और कांग्रेस के भी परम्परागत वोट हाथ से छिटकने से इंकार नहीं किया जा सकता।

भाजपा-आरएसएस के पदाधिकारी अचानक सक्रिय

सूत्र बताते है कि भाजपा के जिला महामंत्री राहुल चौहान के भैंसदेही क्षेत्र में बगावती तेवर के बाद भोपाल से मिले निर्देशों पर जिले के शीर्ष नेता अचानक सक्रिय हो गए है। कुछ आरएसएस के पदाधिकारियों को राहुल को मनाने की जिम्मेदारी दी है। हालांकि इस बात की किसी ने पुष्टि नहीं की है, लेकिन राहुल चौहान को मनाने की कवायद तेज हो गई है। दूसरी ओर खबर है कि राहुल ने पार्टी को दो टूक शब्दों में कहा दिया है कि वे अपने कदम पीछे नहीं हटाएंगे। उनके इस ऐलान के बाद भाजपा की भैंसदेही में और परेशानी बढ़ सकती है।

हालांकि उन्हें मनाने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जा सकते है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 में कांग्रेस से लोकसभा उम्मीदवार बनाने के बाद बी फार्म अजय शाह का आ जाने पर चौहान कांग्रेस से नाराज होकर 2019 में भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद पार्टी ने उन्हें जिला अध्यक्ष के बाद सबसे महत्वपूर्ण जिला महामंत्री के पद पर मनोनीत किया था।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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