Betul News: यहां पर स्वयं प्रकृति करती है शिवलिंग का अभिषेक, जटाशंकर महादेव: मानसून में निखर उठा सौन्दर्य, प्रकृति के बीच विराजे हैं भगवान भोलेनाथ
Betul News: Here nature itself consecrates Shivling, Jatashankar Mahadev: beauty shines in the monsoon, Lord Bholenath sits amidst nature

Betul News: (बैतूल)। जिले में एतिहासिक पर्यटन और दार्शनिक स्थलों की कमी नहीं है। जिला मुख्यालय से सटे राठीपुर ग्राम में जटाशंकर भगवान भोलेनाथ प्रकृति की अद्भुत छटा के बीच विराजमान हैं। जहां प्रकृति भगवान भोलेनाथ का 24 घंटे अभिषेक करती है। जिला मुख्यालय से जटाशंकर पहुंचने पर पूरे सफर के दौरान प्रकृति का अनुपम सौन्दर्य एक अलग ही सुकून प्रदान करता है। जंगल मेें स्थित जटाशंकर धाम में आने के बाद भक्तों को बड़ी शांति मिलती है। श्रद्धालु अपने साथ यहां भोजन सामग्री लेकर आते हैं और यहीं पर भोग बनाकर प्रसाद के रूप में उसे ग्रहण करते हैं। इस धाम में जिले के श्रद्धालुओं का साल भर आना जाना लगा रहता है। शिवलिंग के दर्शन करने के लिए पर्यटकों को लगभग 500 मीटर नीचे उतरना पड़ता है, जो सफर को रोमांचक बनाती हैं। यहां पर स्थित पहाड़ी पर कई गुणकारी और औषधी पौधे भी पाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
पहुंचने के लिए दो मार्ग
जिला मुख्यालय से जटाशंकर धाम पहुंचने के लिए दो मार्ग है। हमलापुर से खेड़ला होते हुए या उमरी के पास के रास्ते से पहुंचना होता है। यहीं से करीब चार पांच किमी. की सीमेंट सडक़ फिर जंगली व पथरीला रास्ता है। यहां बारिश के दिनों में आवागमन प्रभावित रहता है। मंदिर तक पहुंचने इसी कच्चे मार्ग को पैदल पूरा करना पड़ता है।
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अटूट आस्था का केन्द्र
प्राचीन समय से अद्भुत और रहस्यमयी यात्रा के लिए प्रसिद्ध जटाशंकर महादेव के धाम को लेकर यहां के भक्तों में गहरी आस्था है। प्रकृति की वादियों, पहाड़ों से घिरे इस धाम में अनेकों चमत्कार के दावे भी किए जाते हैं। इस धाम को आस्था और पर्यटन के लिहाज से खास माना जाता है। भक्तों की मानें तो जटाशंकर महादेव सिद्धधाम में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। पहाड़ी से कल-कल ध्वनि से बहता पानी इस स्पॉट को देश दुनियां के प्रख्यात टूरिज्म और धार्मिक स्थलों की श्रेणी में खड़े करते हैं। जटाशंकर महादेव धाम एक प्राचीन प्राकृतिक ऐतिहासिक स्थल है। इस स्पॉट को अब तक शासकीय स्तर पर ट्रेक नहीं किया गया है। यहां पर मूलभूत सविधाओं की दरकार और प्रचार प्रसार की जरूरत है। गुप्तेश्वर महादेव के चमत्कार और मुराद पूरी करने का दावा करने वाले भक्तों की कमी नहीं है, जो भी पहाड़ी और धाम में गया। वो यहां प्रकृति और आस्था का अनोखे अनुभव का ही साक्षात्कार करके लौटा है।
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कभी खत्म नहीं होता कुआं का पानी
जटाशंकर धाम में एक कुआं हैं, जिसका जल कभी खत्म नहीं होता। विशेष बात यह है कि कुएं के पानी का तापमान हमेशा मौसम के विपरीत होता है। ग्रामीण बताते हैं कि यहां के पानी में भी कई औषधीय गुण हैं, यही कारण है कि जो भी श्रद्धालु यहां आता है, वह इस कुएं का पानी पीता है।




