Betul Samachar : शुद्धता का भ्रमजाल: बिना जांच-पड़ताल के पानी का कारोबार, शहर में लगातार बढ़ रहे प्लांट

Betul Samachar: Illusion of purity: water business without investigation, plants growing continuously in the city

  • बारिश के मौसम में पेट संबंधी बीमारियों का बना रहता है खतरा

Betul Samachar : (बैतूल)। शुद्ध आरओ वॉटर के नाम पर क्षेत्र में केन के पानी का कारोबार खूब फल फूल रहा है। शुद्धता के भ्रमजाल में फंसे लोग अब वैवाहिक, मांगलिक उत्सवों के अलावा सरकारी आयोजनों सहित घरों और दुकानों में भी कैन के पानी खरीदकर उपयोग करने लगे हैं। जिनका खादय सुरक्षा विभाग की टीम ने कभी निरीक्षण करना जरूरी नहीं समझा।

शहर में सैकड़ों लोग रोज कैन के पानी की शुद्धता पर विश्वास कर रुपए देकर भी अपनी सेहत से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। जिससे बारिश के सीजन में पेट संबंधी बीमारियां और उल्टी, दस्त, पेचिश, आंत्रशोध जैसी बीमारियों की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस कारोबार से जुड़े ज्यादातर लोग राजनीतिक पकड़ वाले हैं।

शहर में करीब 15 से ज्यादा आरओ वॉटर कैन प्लांट संचालित हो रहे हैं। जिनमें कई नियमों की अनदेखी कर कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है। गर्मी के मौसम में खपत बढऩे पर साफ-सफाई तक का ध्यान नहीं रखा जाता।

गर्मी में प्लांट में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में टैंकर का पानी खरीदा जाता है। फिर इसे प्रोसेस के अनुसार चिल्ड करते हैं। बाद में इसे कैन में भरकर सप्लाई कर दिया जाता है। कर्मचारियों की मानें तो सही प्रोसेस से पानी को आरओ करने में करीब 40 फीसदी मात्रा बेकार चली जाती है। इस नुकसान से बचने के लिए ज्यादातर लोग केवल इसे ठंडा करके ही बेचते हैं।

पानी के कैन लोडिंग ऑटो दिनभर सप्लाई के लिए घूमते हैं। इस दौरान खाली कैन वापस भी ली जाती है। फिर सभी कैन में बचे पानी को छानकर नई कैन में भर देते है, इसमें थोड़ा ताजा पानी मिलाकर किसी भी ग्राहक के यहां सप्लाई कर दिया जाता है। जिससे सप्लायर को नुकसान न हो। बचे हुए पानी से नई कैन तैयार करने का काम शहर में कहीं भी किसी भी लोडिंग ऑटो पर खुलेआम देखा जा सकता है।

गर्मी में भूमिगत जल स्तर में कमी आती है। इसी दौरान ठंडे पानी की डिमांड बढ़ती है। वहीं पानी पाउच पर एक्सपायर डेट का उल्लेख नहीं होता। जनप्रतिनिधियों के आयोजनों, प्रशासनिक अफसरों की बैठकों में भी यही बोतलें, पाउच, कैन का पानी सभी को पिलाया जाता है, लेकिन कभी इसकी जांच जरुरी नहीं समझी जाती।

कैन पर जानकारी दर्ज नहीं

शादी ब्याह सहित अन्य निजी व सरकारी कार्यक्रमों सहित विभिन्न दफ्तरों में भी कैन के पानी के उपयोग का चलन फैशन सा बनता जा रहा है। आफिस सहित दुकानों पर भी पानी के लिए लोग 18 लीटर वाली कैन लेने लगे हैं। लेकिन किसी भी कैन पर पानी में शामिल मिनरल, उसमें शामिल जरूरी तत्व, कीमत, शिकायत के लिए नंबर, पानी को उपयोग करने की अवधि के बारे में कोई जानकारी नहीं लिखी है। सवारी ढोने में काम आने वाले ऑटो भी कैन सप्लाई में उपयोग हो रहे हैं।

जरूरी शर्तें

  • आरओ प्लांट की फर्म को सेल्स टैक्स देना पड़ता है।
  • श्रम विभाग में प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों का रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है।
  • आरओ प्लांट पानी की हर माह जांच रिपोर्ट भेजनी पड़ती है।
  • प्लांट चलाने के लिए कामर्शियल विद्युत कनेक्शन होना चाहिए।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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