Betul Samachar: गुपचुप दौरा निपटाकर वापस लौटे वन विभाग के पीसीसीएफ

Betul News: PCCF of Forest Department returned after completing a secret tour.

वन विद्यालय में चप्पे चप्पे पर रखी जा रही थी नजर, कर्मचारी संघ मिलने से वंचित

Betul Samachar: बैतूल। वन विभाग के शीर्ष अधिकारी पीसीसीएफ (प्रधान मुख्य वन संरक्षक) एवं वन बल प्रमुख का जिला मुख्यालय पहुंचना मंगलवार को चर्चा का विषय बना रहा। अधिकारियों ने पीसीसीएफ का यह दौरा इतना गुप्त रखा था कि विभाग के निचले स्तर के कर्मचारियों संघों तक को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। यहां तक कि मीडिया प्रतिनिधियों को भी उनके दौरे की कोई सूचना नहीं दी गई। कर्मचारी संगठन से जुड़े कुछ कर्मचारियो का कहना है कि, कई ऐसे मुद्दे थे जिसे उच्च अधिकारी के समक्ष उठाया जाना था। अपनी कमियों को छिपाने के उद्देश्य से अधिकारियों ने जान बूझकर पीसीसीएफ का गुपचुप दौरा करवा लिया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक पीसीसीएफ वी एन अम्बाड़े सोमवार जिले में पहुंचे और वन विद्यालय में वन रक्षक दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे। इसके बाद सीधे विभागीय अफसरों के साथ बैठक में शामिल हो गए। बैठक का एजेंडा क्या रहा, इस बारे में किसी को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी और ना देना उचित समझा गया। बताया जा रहा है कि, वन विद्यालय में बैठक स्थल के आस पास सुरक्षा और गोपनीयता के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्थानीय अधिकारियों ने न सिर्फ मीडिया को दूरी पर रखा, बल्कि विभाग के कई कर्मचारी भी पीसीसीएफ से मुलाकात नहीं कर पाए। इस कारण कर्मचारियों में नाराजगी और असंतोष की स्थिति बनी रही।

दौरे को लेकर कर्मचारी वर्ग का कहना था कि यदि विभाग के मुखिया उनसे संवाद नहीं करेंगे तो जमीनी समस्याएं शीर्ष स्तर तक कैसे पहुंचेंगी। अधिकारियों ने पूरे प्रयास किये की, कर्मचारियो को पीसीसीएफ से ना मिलने दिया जाए कि कहीं दबे कुचले प्रकरण उजागर ना हो जाएं। हद तो तब हो गई जब मीडिया को भी पीसीसीएफ से दूर रखने पर भी सवाल उठे, क्योंकि सामान्यत: ऐसे दौरे की जानकारी सार्वजनिक की जाती है ताकि नीतियों और योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंच सके।

लेकिन स्थानीय अफसरों ने अपने अधिकारी की घेराबंदी करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। पीसीसीएफ ने कुछ प्रोजेक्ट और चल रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा कर अफसरों को आवश्यक निर्देश दिए और उसी दिन वापस लौट गए। गुपचुप तरीके से हुए इस दौरे के बाद विभागीय हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। कर्मचारी मान रहे हैं कि यह दौरा वास्तविक समस्याओं की बजाय सिर्फ औपचारिकता निभाने जैसा रहा।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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