Betul Samachar: लोकल कोल माफिया की सरपरस्ती में कोयले की कालाबाजारी !
Betul Samachar: Black marketing of coal under the patronage of local coal mafia!

अप्रवासी कोल माफिया की कोयलांचल में दस्तक
राजधानी से जुड़े माफिया के तार, वहीं कंट्रोलर
Betul Samachar: बैतूल। कोयलांचल क्षेत्र पाथा खेड़ा में एक बार फिर कोल माफियाओं की आहट की सुगबुगाहट आस पास के इलाकों से लेकर जिला मुख्यालय तक सुनाई दे रही है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि अब तक पूरी सावधानी के साथ होती आई कोयले की कालाबाजारी इस बार पूरी बेफिक्री से की जा रही है। ऐसा इसलिए कि इस बार कालाबाजारी चोरी-छिपे करने के बजाए बेख़ौ$फ तरीके से किये जाने की चर्चा जमकर सुनी और सुनाई जा रही है, क्योंकि इस दफे इसका कंट्रोल लोकल स्तर पर नहीं बल्कि सीधे राजधानी से किया जाएगा।
माफियाओ ने कारोबार ऑपरेट करने के लिए एक नामचीन लोकल कोल माफिया और खनिज संपदा का जमकर दोहन करने वाले शख्स को नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है। इस लोकल कोल माफिया की सरपरस्ती में काले कोयले का पूरा कारोबार संचालित किया जा रहा है। बताया जा रहा गया कि पाथा खेड़ा इलाके से कोयला , खंडवा, इंदौर, भोपाल भेजा जा रहा है।
अप्रवासियों को राजधानी से मिला फ्री हैण्ड
कोयलांचल इलाके में पिछले कई दिनों से कोल माफियाओं की सक्रियता लगभग ना के बराबर ही दिखाई दे रही थी लेकिन सूत्र बताते हैं कि, मध्यप्रदेश की ही एक धार्मिक नगरी के कोल माफियाओं ने पाथा खेड़ा इलाके में अपने पैर जमा लिए हैं। इसके लिए इलाके के ही एक पुराने कोल मा$िफया को माफियाओं ने अपना प्रतिनिधि बनाया है। यह वो कोल माफिया है जिसका नाम समय समय पर कोयले की चोरी , कालाबाजारी जैसे कृत्यों में सामने आ चुका है।
सूत्र बताते हैं कि एक नम्बर की आड़ में अवैध काम आसानी से किया जा रहा है। लोकल कोल माफिया पूरे इलाके से भलीभांति परिचित है कि चोरी का कोयला कहां से निकलना है कैसे निकलना है और कहां पहुंचाना है। बाहरी माफियाओं के लिए लोकल माफिया तुरुप का इक्का साबित हो रहा है। इसके लिए उसे खासी जिम्मेदारी दी गयी है। लोकल माफिया ने अवैध तरीके से कारोबार बेफिक्री से करने के लिए ऐसे लोगों को सैट करना शुरू कर दिया गया है, जो भविष्य में इस काले कारोबार के संचालन में रोड़ा बन सकते हैं।
राजधानी से फ्री हैण्ड देने के पीछे आखिर कौन?
कोयलांचल क्षेत्र में पूरी तैयारी के साथ काले सोने के जरिए करोड़ों की कमाई करने कई बाहरी दिग्गज अपने हाथ काले करने को तैयार बताए जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि प्रदेश की एक धार्मिक नगरी के माफियाओं ने इतनी जबरदस्त सेटिंग की है कि उन्हें कहीं भी जोखिम नहीं उठाना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि राजधानी में बैठे एक बड़े मुखिया का माफियाओं को पूरा वरदहस्त प्राप्त है। इसके लिए ही लोकल माफिया को अपने सिंडिकेट में शामिल किया गया है जिसे मोटी कमाई होने के सपने दिखाए गए हैं। फिलहाल कोयले की कालिख में हाथ काले करने वालों पर पूरी नजर रखी जा रही है । आने वाले समय मे इसके खुलासे भी परत दर-परत प्रकाशित किए जाएंगे।




