Betul Samachar: विवादों में आने के बाद विधायक प्रतिनिधियों के हुए इस्तीफे
Betul Samachar: Resignations of MLA representatives after coming into controversies

शासकीय अधिकारियों ने भी विधायक को की थी शिकायत, सामंजस्य बनाने दिलवाएं इस्तीफे
Betul Samachar: बैतूल/शाहपुर। जिले की घोड़ाडोंगरी विधानसभा की एकलौती महिला विधायक गंगा बाई उइके एक बार फिर चर्चा में है। इस बार उनके चर्चा में रहने का कारण अपने प्रतिनिधियों के विवाद के बाद सभी से इस्तीफा दिलवाना है। हालांकि जिस तरह उन्होंने आनन फानन में अपने प्रतिनिधि नियुक्त किए थे। इस पर पहले से ही सवाल उठाए जा रहे थे। प्रतिनिधियों द्वारा की जा रही मनमानी की शिकायतें जिले के प्रमुख अधिकारियों के अलावा संगठन तक पहुंची तो किरकिरी से बचने के लिए उन्होंने से सभी से इस्तीफा दिलवा दिए। चर्चा तो यह भी कि शाहपुर के एक अधिकारी ने विधायक प्रतिनिधि की करतूत से परेशान होकर विधायक और कलेक्टर को भी शिकायत की। यह शिकायत संगठन को पहुंची और विधायक की किरकिरी होने पर प्रतिनिधियों को हटाना पड़ा।
सूत्र बताते हैं कि विधायक गंगा बाई उइके ने चुनाव में जीत हासिल करने के कुछ दिनों बाद करीब एक दर्जन से अधिक प्रतिनिधियों की ताबड़तोड़ नियुक्तियां कर दी। चौकाने वाली बात यह है कि जिले के अन्य विधायकों ने इन नियुक्तियों से पूरी तरह परहेज रखी। कुछ विधायकों ने भले ही प्रतिनिधि बनाया, लेकिन आज तक इनकी कोई शिकायत नहीं हुई।
अलबत्ता घोड़ाडोंगरी विधायक के प्रतिनिधि नियुक्ति के बाद ही खासे चर्चा में रहे। एक प्रतिनिधि ने तो हद करते हुए अस्पताल का निरीक्षण तक कर डाला। निरीक्षण के दौरान बीएमओ और डाक्टरों को हिदायत दे डाली, जबकि नियम के अनुसार विधायक प्रतिनिधि का कार्यक्षेत्र केवल विधायक की गैर मौजूदगी में बैठकों में शामिल होने का है, लेकिन उस समय भी विधायक ने दरकिनार कर दिया। सूत्र बताते हैं कि इसी के बाद क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधियों की कारगुजारी से कार्यकर्ता ही नहीं अधिकारी भी खासे नाराज हो गए।
शिकायत के बाद बैकफुट पर विधायक प्रतिनिधि
जानकार सूत्रों ने बताया कि चिचोली के विधायक प्रतिनिधि तो अपने वाहन पर लगाई गई नेमप्लेट के लिए चर्चित थे। दूसरी तरफ शाहपुर क्षेत्र और भौंरा के एक विधायक प्रतिनिधि की भी कई शिकायतें पहुंची थी। सूत्र बताते हैं कि इन शिकायतों के कारण भाजपा संगठन के अलावा अधिकारी भी नाराज थे। इनमें से एक विधायक प्रतिनिधि ने तो परिषद के कामों में इतना अधिक दखल दे दिया कि यहां के एक अधिकारी ने विधायक और कलेक्टर तक को शिकायत कर दी। जबकि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक प्रतिनिधि ने डाक्टरों पर दबाव बनाना नहीं छोड़ा। इसी वजह इन तीन विधायक प्रतिनिधियों की आड़ में अन्य भी कटघरे में आ खड़े हुए और आनन फानन में शिकायत मिलने के बाद विधायक ने सभी से इस्तीफे लिखवा लिए।
इस्तीफे में पारिवारिक कारणों का हवाला
जानकार सूत्र बताते हैं कि जितने भी विधायक प्रतिनिधि है, कहीं न कहीं विधायक के करीबी होने के साथ पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता है। ऐसे में प्रतिनिधि जैसा पद शायद ही कोई बिना दबाव के छोड़े। जानकार सूत्रों ने बताया कि शिकायत के बाद विधायक ने अपने प्रतिनिधियों को इस्तीफा देने के लिए कहा था। इसके लिए कुछ प्रतिनिधि राजी नहीं थे। सूत्र बताते हैं कि इसके बाद उन्हें पद से हटाने की तैयारी की जा रही थी, ऐसी स्थिति में अपमानित होने के डर से खुद ही विधायक प्रतिनिधियों ने पारिवारिक कारणों एवं अन्य वजह से इस्तीफा दे दिया। इससे विधायक कीरकिरी होने से बच गई है।
सीएम अब 12 को भैंसदेही आएंगे
बैतूल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के भैंसदेही आने का कार्यक्रम एक ही दिन में दो बार बदल गया है। वे भैंसदेही में कई शासकीय कार्यक्रमों में शामिल होने वाले हैं। पहले सीएम हाउस से जिला प्रशासन के अधिकारियों से 9 अगस्त के कार्यक्रम की सूचना मिली तो कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और एसपी निश्चल एन झारिया ने भैंसदेही पहुंचकर बुधवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया।
इधर गुरुवार सुबह अधिकारियों को सीएम का कार्यक्रम 5 अगस्त को सूचना मिली तो आनन फानन में तैयारियां शुरू हो गई, लेकिन बाद में यह तारीख भी रद्द कर दी गई है। अब सीएम का भैंसदेही आने का कार्यक्रम 12 अगस्त को तय किया गया है। एसपी झारिया ने सांझवीर टाईम्स को बताया कि 5 अगस्त का कार्यक्रम तय किया गया था। अब सीएम 12 अगस्त को भैंसदेही आएंगे। कार्यक्रम शासकीय कन्या शाला के मैदान पर आयोजित होगा।





