Betul Samachar: तैयारियां: कोसमी में बनेगा मेडिकल कालेज, थ्यौरी- शैक्षणिक कक्षाएं लगेगी

नया भवन बनाकर इलाज जिला अस्पताल कैंपस में होगा, सर्वे का काम शुरू
Betul Samachar: बैतूल। जिले के लिए मेडिकल कॉलेज की स्थापना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। लगभग 300 करोड़ की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। भूमि पूजन की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी की जाएगी। यह मेडिकल कॉलेज कोसमी क्षेत्र में बनाया जाएगा, जहां मुख्य शैक्षणिक भवन, रेजिडेंसी और थ्योरी कक्षाएं संचालित होंगी। वहीं, कॉलेज से संबद्ध एक अतिरिक्त अस्पताल भवन जिला अस्पताल परिसर में बनाए जाने की योजना है, जिससे न केवल मेडिकल विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि आम मरीजों को भी बेहतर और आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
जानकारी के अनुसार, कोसमी में बनने वाले मेडिकल कॉलेज भवन में छात्रों के लिए पढ़ाई से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं रहेंगी। यहां कक्षाएं, लैब, लाइब्रेरी और रेजिडेंसी की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को सैद्धांतिक (थ्योरी) शिक्षा यहीं दी जाएगी। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जिला अस्पताल से जोड़ा जाएगा, जहां विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल और क्लीनिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसी उद्देश्य से जिला अस्पताल परिसर में एक नया भवन प्रस्तावित है।
इस नए अस्पताल भवन में प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के साथ मरीजों के उपचार की भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। भवन में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनाए जाएंगे, जहां सर्जरी से जुड़ी सुविधाएं और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध होंगे। इससे जिला अस्पताल की क्षमता में वृद्धि होगी और गंभीर बीमारियों के इलाज में मरीजों को बाहर के बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से जिले के लोगों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा।

स्थान चयन की प्रक्रिया तेज
नए भवन के निर्माण के लिए जिला अस्पताल परिसर में उपयुक्त स्थान का चयन किया जा रहा है। इसको लेकर सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। सर्वे टीम द्वारा अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया गया। टीम के सदस्यों ने दिव्यांग पुनर्वास केंद्र और पार्किंग के पास उपलब्ध खाली जमीन का जायजा लिया। इसके अलावा ट्रॉमा सेंटर के बगल में स्थित खाली भूमि को भी देखा गया है। इन दोनों स्थानों को भवन निर्माण के लिए संभावित माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के पास स्थित पुराने क्षय रोग कार्यालय भवन के स्थान पर मेडिकल कॉलेज से संबंधित नया भवन बनाए जाने का प्रस्ताव अधिक उपयुक्त माना जा रहा है। यह स्थान अस्पताल की मुख्य सुविधाओं के नजदीक होने के कारण प्रैक्टिकल प्रशिक्षण और मरीजों की आवाजाही के लिहाज से भी सुविधाजनक रहेगा। हालांकि, अंतिम निर्णय से पहले अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। तकनीकी पहलुओं, मरीजों की सुविधा, यातायात और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्थान को अंतिम रूप दिया जाएगा।
मरीजों और छात्रों दोनों को लाभ, बढ़ेंगी बेड की संख्या
मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के समन्वय से जिले के स्वास्थ्य ढांचे को नई मजबूती मिलेगी। एक ओर मेडिकल विद्यार्थियों को बेहतर प्रैक्टिकल अनुभव मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों को उन्नत चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। नए भवन के निर्माण से जिला अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ सकती है और विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार होगा। बेड की संख्या 600 तक पहुंच सकती है। इससे रेफरल केसों में कमी आएगी और जिले में ही गंभीर रोगों का इलाज संभव हो सकेगा। कुल मिलाकर, मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पताल भवन का निर्माण बैतूल जिले के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी जिले को नई पहचान मिलेगी। आने वाले समय में यह परियोजना न केवल जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी लाभकारी साबित होगी।
इनका कहना…
मेडिकल कॉलेज के लिए अस्पताल परिसर में एक नए भवन का निर्माण होना है, जिसके लिए स्थान का चयन किया जा रहा है। जल्द ही स्थान का चयन किया जाएगा।
डॉ. जगदीश घोरे, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल बैतूल




