Betul Ki Khabar: सीएमओ अवकाश पर, नपा के अधिकारी बेलगाम
Betul Ki Khabar: CMO on leave, Municipal Corporation officials unruly

एई और सब इंजीनियर न नपा में मिल रहे और न मोबाइल कर रहे रिसीव, लोग परेशान
Betul Ki Khabar: बैतूल। जिला मुख्यालय की नगरपालिका इन दिनों भगवान भरोसे चल रही है। दरअसल सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया 12 दिन के लंबे अवकाश पर गए है। उनकी गैरमौजूदगी में राजस्व निरीक्षक ब्रजगोपाल परते को प्रभार सौंपा गया है, लेकिन एई पद में उनसे ऊपर है। यही वजह है कि सीएमओ के जाने के बाद अधिकारियों में तालमेल स्थापित नहीं हो रहा है। हालात तो यह निर्मित हो गए हैं कि एई और नपा के एक प्रमुख सब इंजीनियर ब्रजेश खानुरकर मोबाइल नहीं उठा रहे हैं और शहर में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। कहा जा रहा है कि सब इंजीनियरों की कमी के कारण कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
बैतूल नपा में सब इंजीनियरों की कमी बताकर एई नीरज धुर्वे और सब इंजीनियर ब्रजेश खानुरकर पिछले तीन दिनों से व्यस्त बताए जा रहे हैं। सीएमओ के अवकाश पर जाने के बाद दोनों पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई। कहा जा रहा है कि इसलिए वे अपने मोबाइल भी रिसीव नहीं कर रहे हैं। बारिश के कारण शहर में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। दोनों जिम्मेदारों के फोन नहीं रिसीव नहीं करने के कारण राजस्व से जुड़ी समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है। पार्षदों से लेकर आम लोग भी इन दोनों अधिकारियों के फोन नहीं उठाने से बेहद परेशान हो गए हैं। इस प्रतिनिधि का भी तीन दिन बाद फोन रिसीव कर एई और सब इंजीनियर ने व्यस्तता और बैठक का हवाला देकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की है। इधर शहर में लोगों की समस्याएं लगातार बढ़ रही है।

प्रकरण- 01: लीकेज सुधरा नहीं, गड्ढ़ा बना विलेन
कालापाठा क्षेत्र में पाइप लाइन का लीकेज करीब दस दिन पहले हुआ था। इसे दो दिन में नपा ने सुधार दिया, लेकिन लीकेज की अभी पैकिंग नहीं होने से गड्ढा यथावत है। कहा जा रहा है कि पैकिंग को भरने के लिए नाप लेकर एलम लगाने का आर्डर दिया है, लेकिन 6 दिनों में नहीं आई है, इसलिए गड्ढा उसी हालत में है। यह गड्ढा अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। वाहन चालक और आम लोगों के अलावा मवेशी भी इस गड्ढें का शिकार हो रहे हैं।
प्रकरण-2: ठेकेदार नाराज होते रहा और सड़क पर चला दी जेसीबी
नपा ने मुल्ला पेट्रोल पंप से बसस्टैंड तक ठेकेदार से बोलकर सड़क बनवा ली। नपा ने पहले दोनों तरफ नाली नहीं बनाई। जब सड़क बन गई और बारिश हुई तो जलभराव की स्थिति याद आने पर नपा ने दो दिन पहले बनाई गई नई सड़क से जेसीबी चलाते हुए गड्ढा खोदकर पाइप लाइन डाल दी। अब कहा जा रहा है कि सीसीबी के पास अतिक्रमण हटाने के लिए यह कार्रवाई की। सड़क खराब होने पर ठेकेदार को बनाना पड़ता, इसलिए उसने तमाम विरोध किया, लेकिन अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया। कर्मचारी जेसीबी लेकर मर्जी से काम करते रहे। कुछ दिन पहले बनाई सड़क क्षतिग्रस्त भी हो गई।





