Prashasnik Kona: प्रशासनिक कोना: आखिर किस सीएमओ ने कहा उनका तबादला करवा दो?? थानेदार होने के बाद सब इंस्पेक्टर से क्यों डर रहे साहब???? तबादले में भी मलाई खाकर रवाना हुए अधिकारी, अब अधीनस्थों को किस बात का सता रहा डर???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में…..
Prashasnik Kona: Administrative corner: After all, which CMO said to get him transferred?? Why is the boss afraid of the sub-inspector after being a police station in-charge?

सीएमओ ने क्यों कहा उनका तबादला करवा दो?
एक प्रमुख नगरपालिका के सीएमओ को पदस्थ हुए अभी चंद माह का ही समय हुआ है, लेकिन उनके निकाय के पार्षदों के बढ़ते दबाव और व्यवहार के कारण अब वे यहां रहना नहीं चाह रहे हैं। उन्होंने खुलकर कहा है कि उनका तबादला करा दिया जाए। चर्चा है कि पिछले दिनों परिषद के सम्मेलन में भी सत्ता पक्ष के अलावा विपक्षी पार्षदों से उनकी तीखी तकरार हुई थी। इसके बाद ही उनका अपने निकाय में रहने का मन नहीं है।
बैठक में वे खुद ही बोल बैठे कि उनका तबादला करवा दिया जाए। उनकी पीड़ा यह है कि कुछ पार्षद दबाव डालकर अपना काम करवाना चाहते हैं तो विपक्ष के पार्षद अपने वार्ड का भरपूर विकास चाह रहे हैं। बजट के अभाव में जिसे भी मना करे, वे राजनैतिक दबाव बनाने का प्रयास शुरू कर दे रहे हैं। इनमें कुछ वरिष्ठ पार्षद भी शामिल हैं। अब देखना यह है कि सीएमओ खुद अपना तबादला कराते हैं या राजनैतिक अवसर में वे आगे की पारी खेलते रहेंगे।
उपनिरीक्षक से क्यों डर रहे थानेदार
एक थानेदार आखिर अपने अधीनस्थ उपनिरीक्षक से इतना खौफ क्यों खा रहे हैं कि उन्हें समझाइश देना पड़ रहा है। माजरा पुराने थाने से जुड़े हुए एक मामले का बताया जा रहा है। दरअसल यहां रहते हुए उपनिरीक्षक ने अपनी दबंग कार्यप्रणाली का प्रदर्शन करते हुए सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े एक परिषद के छात्र नेताओं की पिटाई कर दी थी। यह मामला उस थानाक्षेत्र में जमकर तूल पकड़ा था तो उपनिरीक्षक पर गाज गिर गई। इस मामले में थानेदार को भी लाइन अटैच होना पड़ा।
इसे संयोग ही कहे कि अब थानेदार और उपनिरीक्षक दोनों ही दूसरे थाने में पदस्थ है, इसलिए थानेदार को डर लग रहा है कि पुराना कांड यहां पर दोहरा दिया तो बमुश्किल मिला मलाईदार थाना हाथ से चला जाएगा। इसी वजह थानेदार, उपनिरीक्षक को संयम बरतने और पुराने कांड को न दोहराने की नसीहत दे रहे हैं। बताते चले कि हम उसी थानेदार की बात कर रहे हैं, जो अपने क्षेत्र में डांस के बाद चर्चा में आए थे।
साहब गए, अधीनस्थ परेशान
हरे-भरे विभाग के एक साहब का हाल ही में बैतूल से करीब 380 किमी एक प्रमुख जगह तबादला हो गया है। हालांकि तीन वर्ष से अधिक की मैराथन पारी खेलने के दौरान स्मार्ट साहब ने मलाई खाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन जिला छोड़ने के पहले जिस तरह मलाई खानेे के लिए छोटे कर्मचारियों को मोहरा बनाया है, इसकी खूब चर्चा हो रही है।
खबर है कि इन साहब ने पूरे कार्यकाल में एडवांस बाउचर जनरेट किए हैं। कई भुगतान बाउचरों में जाने के पहले बड़ा गड़बड़झाला किया है और अपने हस्ताक्षर से बाउचर लगाकर समिति से एडवांस प्रस्ताव लेकर बड़ी रकम लेकर नई पदस्थापना स्थल पर निकल गए। साहब के इस कारनामे से छोटे कर्मचारियों की अब परेशानी बढ़ सकती है। कहा जा रहा है कि इस गड़बड़झाले की जानकारी कई लोगों को मिल गई है। ऐसे में साहब के कारनामे से कर्मचारियों की सामत आने से इंकार नहीं किया जा सकता है।




