डैम की वाल पहले ही क्षतिग्रस्त, सुधारने की जगह गहरीकरण करा रही नपा
बैतूल नपा का हैरतअंगेज कारनामा, जनता के टैक्स का पैसा मिथ्या खर्च करने में कसर नहीं छोड़ रहे

बैतूल। जनता के टैक्स से वसूली गई राशि का नपा मिथ्या खर्च करते आ रही है। यह बात कई बार दांवों के साथ कहीं जा चुकी है, लेकिन न तो नपा अध्यक्ष और न ही सीएमओ मिथ्या खर्च पर नकेल नहीं कस पा रहे हैं। ताजा मामला माचना डैम से जुड़ा है, यहां पर बारिश के पूर्व पोकलेन से गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है, लेकिन चौकाने वाली बात यह है कि गत वर्ष माचना डैम पर बनाए गए बांध की वाल तेज बारिश में बह गई थी। इसे सुधारने के बजाए नपा डैम के गहरीकरण का मिथ्या कार्य कर रही है।
नगरपालिका में बिना प्लानिंग के काम करने से कई मर्तबा लाखों रुपए का नुकसान हो चुका है। इससे किसी ने सबक नहीं लिया और लगातार अपनी मर्जी से काम किए जा रहे हैं। खुद पार्षदों द्वारा इस मामले में नाराजगी जाहिर कर चुके हैं, फिर भी कोई असर नहीं हो रहा है। शहर के विवेकानंद वार्ड के माचना डैम पर बुधवार से नपा द्वारा पोकलेन मशीन उतारी गई है।
इस मशीन से गहरीकरण का काम किया जा रहा है, ताकि बारिश के पानी को आने वाले समय में सहजा जा सके। नपा की इस प्लानिंग की तारीफ तो की जा सकती है, लेकिन जिन्होंने आंखों से पिछले साल डैम के निचले हिस्से की वाल बहते देखी, वे तर्क दे रहे हैं कि गहरीकरण का कार्य केवल फिजूल खर्ची है। मौके पर पहुंची सांझवीर टाईम्स की टीम ने भी देखा कि वाकई में पोकलेन से गहरीकरण का काम महज औपचारिक बनकर रह जाएगा।
वॉल की मरम्मत के बिना पानी रूकना संभव नहीं
जानकारी सामने आई है कि माचना डैम के निचले हिस्से में पानी संग्रहित कर नपा भविष्य की प्लानिंग कर रही है। दनोरा के पास पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से शहर के लोगों को कई दिनों तक पानी नहीं मिल पाया। इसी से सबक लेकर यह गहरीकरण किया जा रहा है, लेकिन यहां पर भी बड़ा पेच सामने आ गया है।
दरअसल गत वर्ष बारिश के समय माचना डैम के निचले हिस्से में बनाया गया स्टॉप डैम की वाल का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे पूरा पानी दूसरी ओर बह निकला। यदि स्टाप डैम में पानी होता तो शायद इस वर्ष एक सप्ताह तक लोगों को परेशानी नहीं होती, लेकिन नपा क्षतिग्रस्त वाल की मरम्मत करने के बजाए जलसंग्रहण क्षमता के लिए गहरीकरण का काम करा रही है। पानी एकत्रित होने के बाद यदि वाल की मरम्मत नहीं हुई तो पानी कैसे रूकेगा, यह नपा के तकनीकी जानकारों के लिए शोध का विषय है।
यहां भी गजब: एई- सब इंजीनियर को जानकारी ही नहीं
यहां भी गजब का तर्क सामने आया है कि नगरपालिका के एई नीरज धुर्वे और सब इंजीनियर-जलशाखा प्रभारी ब्रजेश खानूरकर से माचना डैम के गहरीकरण को लेकर जानकारी ली तो दोनों ने अनभिज्ञता जाहिर कर दी। दोनों ही अधिकारियों को पता नहीं था कि नपा ने दो दिन से माचना डैम में पोकलेन मशीन उताकर गहरीकरण शुरूकर दिया है। इससे गजब क्या हो सकता है कि जिम्मेदार ही अपने कर्तव्यों से किस तरह से मुंह फेर रहे हैं। दोनों ही कहने लगे कि सीएमओ साहब यदि गहरीकरण करवा रहे होंगे तो हमे सूचना नहीं दी। खानूरकर जलशाखा प्रभारी है, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होना किसी के गले नहीं उतर रहा है।
माचना डैम के निचले हिस्से में पोकलेन मशीन लगाकर गहरीकरण किया जा रहा है, ताकि बारिश के पानी को सहेजा जा सके, लेकिन पिछले साल माचना की बाढ में डैम के निचले हिस्से में बनाए गए स्टाप डैम की वाल का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण पानी जमा नहीं हो सका था। पूरा पानी बह गया था। यदि स्टाप डेम में पानी होता तो इस साल गर्मी में उसका उपयोग हो सकता था। नपा वाल के क्षतिग्रस्त हिस्से को सुधारने की जगह डैम की जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने के लिए गहरीकरण करवा रही है, लेकिन बारिश में पानी रुकना मुश्किल है, जब तक की वाल की मरम्मत नहीं करवा ली जाती।
इनका कहना..
जलसंग्रहण के लिए माचना डैम का गहरीकरण किया जा रहा है। डैम की वाल क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मुझे नहीं है। इस संबंध में मैं पता करवा रहूं। एई और सब इंजीनियर को गहरीकरण की जानकारी नहीं होने से मैं भी हतप्रद हूं। दोनों को मौके पर भेजा जा रहा है।
ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ नपा बैतूल।




