Betul Today News: गांव-गांव बिना लाईसेंस के संचालित हो रही बीज की दुकानें
Betul Today News: Seed shops are operating without license in every village.

जिले में लगभग 300 दुकानें लाईसेंसधारी
Betul Today News: बैतूल। खरीफ फसल की बोवनी का समय नजदीक आते ही जिले के गांव-गांव में बिना लाईसेंस के बीज की दुकानें संचालित हो रही है और इन दुकानों से अधिक कीमतों में बीज उपलब्ध कराकर किसानों को लूटने का काम किया जा रहा है। इन छोटी दुकानों पर प्रमाणिक बीज भी उपलब्ध नहीं होता है। ऐसे में किसान दुकान संचालकों के झांसे में आए तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। खरीफ फसल की बोवनी का समय नजदीक है, किसान झमाझम बारिश की राह देख रहे है। बारिश होने के बाद बोवनी कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
खाद बीज को देखते हुए जगह-जगह दुकानें भी खुल गई है। लाईसेंस वाली दुकानें तो खुली है, लेकिन इसके साथ ही गांव में बिना लाईसेंस की दुकानें संचालित होने लगी है। इन दुकानों से किसानों को बीज उपलब्ध किया जाता है। जबकि इनके पास में बीज की बिक्री को लेकर किसी प्रकार से कोई लाईसेंस नहीं है। बिना लाईसेंस के दुकानें संचालित होना गैर कानूनी है, लेकिन गांव क्षेत्र में मॉनीटरिंग नहीं होने से उन पर कोई कार्रवाई भी नहीं होती। कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में लगभग 300 लाईसेंसधारी खाद-बीज की दुकानें है।
बीज की प्रमाणिकता पर उठने लगे सवाल
गांव क्षेत्र में संचालित छोटी-छोटी दुकानों में सिर्फ बीज बेचा जा रहा है। ऐसी स्थिति में बीज की प्रमाणिकता पर भी सवाल उठ रहे है। इन दुकानों पर कोई गारंटी नहीं है कि यहां कोई प्रमाणिक बीज उपलब्ध हो रहा है। यह दुकान संचालक किसानों को तरह-तरह का लालच देकर घटिया बीज थमा देते है। जब किसान बोवनी कार्य करते है तो बीज अंकुरित नहीं हो पाता और किसान को नुकसान उठाना पड़ता है। किसान भी ऐसे दुकान संचालकों के झांसे में आ जाते है।
मनमाने कीमतों पर बेच रहे बीज
अवैध रूप से संचालित दुकानों पर बीज के नाम पर किसानों से मनमाने कीमत वसूली जा रही है। जो बीज लाईसेंसधारी दुकानों पर 500 रूपए में उपलब्ध होता है, वही बीज 600 से 700 रूपए तक वसूल लिए जाते है। कई बार किसान मजबूरीवश छोटी दुकानों से ही बीज खरीदने के लिए मजबूर हो जाते है। किसानों का कहना है कि कम बीज की स्थिति में दूर से बीज खरीदकर लाना उनके लिए महंगा पड़ जाता है, इसलिए कई बार छोटी दुकानों से ही बीज खरीद लेते है।
विभाग नहीं रख रहा निगरानी
अवैध रूप से संचालित खाद, बीज की निगरानी कृषि विभाग नहीं कर रहा है। रासायनिक खाद और बीज बेचने के लिए लाईसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया लंबित है। हर व्यक्ति जो दुकान संचालित कर रहा है, वह लाईसेंस नहीं ले पाता है। इसके बावजूद भी दुकानें संचालित रखते है। कृषि विभाग के अधिकारी अच्छे से निगरानी नहीं करते, जिसके कारण बिना लाईसेंसधारी दुकानों पर कोई ठोस कार्रवाई भी नहीं होती। अंचलों में धड़ल्ले से बिना लाईसेंस की दुकानें संचालित होती है।
इनका कहना…
जिले में लगभग 300 दुकानों के पास खाद, बीज का लाईसेंस है। इसके अलावा कोई दुकानें बिना लाईसेंस की संचालित होती है तो नियम अनुसार कार्रवाई करेंगे।
आनंद भदौरिया, डीडीए, बैतूल





