Betul Congress News : कांग्रेस के कई बूथ चुनाव में सूने रहे!
Betul Congress News: Many booths of Congress remained deserted in the elections!

बैतूल विधानसभा में कई जगह मतदान एजेंट को टेंट तक नसीब नहीं हुआ
Betul Congress News : बैतूल। भारत की सबसे पुरानी पार्टी कहलाए जाने वाली कांग्रेस की बैतूल जिले में स्थिति लोकसभा चुनाव में देखने को मिली है। कांग्रेस के केवल कागजों पर भी मजबूत कहीं जाते रही। पार्टी के नेताओं ने गुटबाजी से इंकार किया, लेकिन इसका हर्ष दो दिन पहले चुनाव में मतदान के दिन देखने को मिल गया। वैसे पूरे जिले में कई बूथ ऐसे थे जहां बूथ एजेंट के साथ कार्यकर्ताओं को 41 डिग्री तापमान में एक अदद टेंट तक नसीब नहीं हो पाया।
इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि गुटबाजी के बाद आर्थिक संकट ने कांग्रेस की क्या स्थिति बना दी। बैतूल विधानसभा में कई जगह कार्यकर्ताओं को टेंट नसीब नहीं हुए तो चाय स्वल्पहार की व्यवस्था न करना उनकी दूरियों का कारण बन गया।
भाजपा में जिस तरह सामूहिक रूप से चुनाव लड़ने की परंपरा चली आ रही है, लेकिन कांग्रेस में इस परंपरा का टूटना लंबे समय से शुरू हुआ। गुटबाजी का ही नतीजा है कि रामू टेकाम को सशक्त उम्मीदवार मानते हुए प्रदेश संगठन ने पहली ही सूची में उम्मीदवार बना दिया था। एक धड़ा उन्हें जीत दिलाने के लिए शुरू से ही मैदान में उतर आया तो दूसरा धड़ा अचानक सक्रिय होकर रामू का विरोध करने दिल्ली तक जा पहुंचा।
हालांकि उन्हें कुछ हाथ नहीं लगा, लेकिन इस धड़े ने कुछ पूर्व विधायक साथ आने से मजबूत हो गए। इसी वजह केवल बैतूल जिले की कांग्रेस राजनीति के थिंक टैंक कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के आगमन पर सामूहिक एकजुटता दिखाने के बाद से अधिकांश पूर्व विधायकों ने चुनाव से दूरी बना ली। केवल इक्का- दुक्का अवसर को छोड़ दे तो इन पूर्व विधायकों द्वारा लोकसभा प्रत्याशी का प्रचार-प्रसार संबंधित खबर प्लांट तक नहीं हुई।
मतदान के दिन दिखा असली चेहरा
भाजपा के हर पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधि वोट का प्रतिशत बढ़ाने में लगे थे तो दूसरी तरफ कांग्रेस जिम्मेदार पदाधिकारियों ने केवल वोट डालकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में जिले की कई विधानसभा में कार्यकर्ताओं का जबरदस्त टोटा देखा गया। राजनैतिक जानकार बताते हैं कि कांग्रेस कार्यर्क्ताओं का टोटा ही 4 जून को आने वाले परिणाम जीत-हार का फैसला करेंगे।
मतदान के दिन भी कई पूर्व विधायकों समेत महत्वपूर्ण पद वाले कांग्रेस पदाधिकारी पूरी तरह से चुनाव से दूर बैठे रहे। विभिन्न स्रोतों की माने तो मुलताई में पूर्व विधायक सुखदेव पांसे पूरे समय सक्रिय देखे गए। बैतूल मेंं जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे और उनकी टीम शहर और आसपास लगातार भ्रमण कर कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करती रही। अंचलों में जरूर वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जमकर पसीना बहाया, लेकिन भैंसदेही, घोड़ाडोंगरी जैसे आदिवासी अंचल से वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का घर में बैठना कांग्रेस के लिए नुकसान का कारण बन सकता है।
चाय-नाश्ता तो दूर टेंट तक की नहीं हुई व्यवस्था
अकेले बैतूल विधानसभा की बात करें तो कांग्रेस का मैनेजमेंट कई वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ छोड़ने से गड़बड़ा गया। प्रदेश नेतृत्व ने भी आठ विधानसभा वाले संसदीय क्षेत्र में इतनी अधिक आर्थिक मदद नहीं की कि जितनी मैनेजमेंट के लिए लगती है। सूत्र बताते हैं कि आर्थिक मैनेजमेंट खराब होने के कारण पार्टी की स्थिति गड़बड़ा गई। मतदान के दिन अधिकांश बूथों पर कार्यकर्ताओं की कमी देखी गई। जिन बूथों पर कार्यकर्ता बैठते हैं उन्हें चाय-स्वल्पहार तक नहीं मिला। टेंट नहीं लगने से मतदान पर्ची तक कार्यकर्ता वितरित नहीं कर पाए।
वोट सार्वजनिक करने पर एक पर एफआईआर, दूसरे को छोड़ा!
बैतूल। मंगलवार को हुए लोकसभा चुनाव के दौरान कुछ उत्साही लोगों ने सोशल मीडिया पर अपना वोट सार्वजनिक कर दिया। इस मामले में शिकायत होने के बाद में पुलिस ने एक मामले में तो एफआईआर कर ली, लेकिन दूसरे में युवक को छोड़े जाने की चर्चा है। कोतवाली पुलिस ने अमित राठौर नामक युवक पर धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया है। युवक ने सोशल मीडिया पर एक पार्टी विशेष को वोट डालने संबंधित पोस्ट की थी।
इधर गंज क्षेत्र के एक व्यवसायी के पुत्र प्रणव ने भी अति उत्साह में पार्टी विशेष को वोट डालकर सोशल मीडिया पर अपनी फोटो डाल दी। आपत्ति और शिकायत आने के बाद पुलिस ने बुधवार थाने भी लेकर आए, लेकिन चर्चा है कि युवक को टीआई ने दबाव में छोड़ दिया। इससे कोतवाली थाना क्षेत्र में जिस युवक पर एफआईआर हुई है, वह अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है। दोनों ही युवकों ने अपनी पोस्ट वोट डालने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल की थी, लेकिन एक पर मामला कायम होने और दूसरे युवक को छोड़ने पर पुलिस की कार्रवाई भी कटघरे में आ खड़ी हुई है।
इस मामले को लेकर चर्चा है कि कुछ जागरूक लोग न्यायालय में मामला ले जाने की तैयार कर रहे है। गंज टीआई रविकांत डहेरिया ने बताया कि इस तरह का मामला उनके थाना क्षेत्र में नहीं आया है। इतना जरूर है कि धारा 144 का मामला कोतवाली में दर्ज हुआ है।





