Betul Samachar: एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के सीसीटीवी कांड में प्रशासन की सांठ गांठ से मामला दबा
शाहपुर पुलिस द्वारा न कोई जब्ती न कोई एफआईआर

Betul Samachar : शाहपुर। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शाहपुर में गत दिनों हुए सीसीटीवी कांड को पूरे 4 महीने बीत जाने के बाद भी स्कूली छात्राओं से जुड़े इस गम्भीर मामले में जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही देखने को नहीं मिली है । जबकि इसकी शिकायत एसडीओपी मयंक तिवारी सहित आईजी नर्मदापुरम संभाग , राज्य स्तर पर डीजीपी, राज्य महिला आयोग एवं कई अन्य विभागों से की जा चुकी है इसके बाद भी पुलिस प्रशासन मौन बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर सांठ गांठ किये जाने की प्रबल संभावना दिख रही है।
सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि,स्कूली छात्राओं से जुड़े इस मामले में डीजीपी मुख्यालय के साथ साथ अन्य विभाग प्रमुखों ने भी कार्यवाही के आदेश एसडीओपी शाहपुर कार्यालय को दे चुके हैं,लेकिन कार्यवाही का न होना अपराधियों को संरक्षण देने जैसा प्रतीत हो रहा है। लगभग 3 महीने बीत चुके हैं शिकायत मिलते ही पुलिस प्रशासन को इस गंभीर मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करना था, सीसीटीवी से संबंधित सभी उपकरणों की जब्ती किया जाना था। लेकिन पुलिस प्रशासन की नाकामी से स्पष्ट हो रहा है की, आरोपियों को बचाया जा रहा है साथ ही नाबालिग आदिवासी छात्राओं को न्याय से दूर रखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला
दरअसल 18 अक्टूबर 2024 से 21 अक्टूबर तक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शाहपुर में जनजातीय कार्य विभाग की संभाग उपायुक्त जे पी यादव द्वारा राज्य स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था, जिसमे एकलव्य शाहपुर में पदस्थ कई कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कार्यक्रम में अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया था स्कूल कैंपस के दो कमरों में बालिकाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाया गया जिसमे पहले से 10 वी और 12वी के बच्चों के एग्जाम के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे, जिसका डीवीआर एवं मॉनिटर प्राचार्य पंकज शरन के ऑफिस में लगा हुआ था ।
लगातार छात्राओं के कपड़े बदलने की रिकॉर्डिंग होती रही एवं जब इसकी जानकारी छात्राओं को लगी तब हंगामा मच गया था। मामला बिगड़ते देख प्राचार्य पंकज शरन ने सबूतों को मिटाने के लिए सीसीटीवी से संबंधित हार्ड डिस्क को तोड़ कर जमीन में गाड़ दिया ।
वहीं इस मामले में भाजपा को क्षेत्रीय महिला विधायक गंगा सज्जन सिंह उइके द्वारा प्राचार्य और गुलाब राव बर्डे को फटकार लगाते हुए एफआईआर करने के लिए कहा तो प्राचार्य पंकज शरन ने मीडिया में इस कृत्य को स्वीकार करते हुए तत्कालीन बीइओ, सीएम राइस प्राचार्य, बैतूल जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त शिल्पा जैन का नाम भी लिए थे ।इन सभी अधीकारियों की जानकारी के बावजूद मामले को दबाने का प्रयास आदिवासी छात्राओं के साथ धोखे जैसा प्रतीत हो रहा है।
इनका कहना है
मामले में विद्यालय के प्राचार्य और एक अन्य के बयान दर्ज किए गए हैं, सहायक आयुक्त से भी प्रतिवेदन लिया जा रहा है जांच अभी जारी है।
मयंक तिवारी एसडीओपी शाहपुर




