Betul Samachar: रिटायरमेंट को लेकर सीएस डॉ बारंगा ने स्वास्थ्य विभाग को लिखा पत्र
Betul Samachar: CS Dr Baranga wrote a letter to the health department regarding retirement.

नए सीएस की अभी से तलाश शुरू, कई नाम कतार में
Betul Samachar: बैतूल। जिला अस्पताल के सीएस डॉ अशोक बारंगा का नवम्बर माह में रिटायरमेंट होना है। हाल ही में डॉ अशोक बारंगा ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर अपने रिटायरमेंट की जानकारी दी है। इसके बाद अब नए सीएस की अभी से तलाश शुरू हो गई। हालांकि सीएस की कतार में कई नाम सामने आ रहे है। नाम तो कई सामने आ रहे है, लेकिन अस्पताल की जिम्मेदारी संभालना हर किसी के बस की बात नहीं है।
अनुभव डॉक्टर ही इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभाल सकते है। जिला चिकित्सालय बैतूल में डॉ अशोक बारंगा सिविल सर्जन के पद कई वर्षो से पदस्थ है। डॉ बारंगा का 30 नवम्बर को रिटायरमेंट होना है। अपने रिटायरमेंट के कुछ महीने पहले ही डॉ बारंगा ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर रिटायरमेंट की जानकारी दी है।
नियमों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग को रिटायरमेंट की जानकारी कुछ महीने पहले ही देनी होती है, ताकि इनके रिटायरमेंट हो जाने के बाद अन्य डॉक्टर को इसकी जिम्मेदारी मिल सके। डॉ बारंगा को रिटायर होने के लिए महज 4 महीने का समय शेष रह गया है। रिटायरमेंट के बहुत कम दिन बचे है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को भी नई जिम्मेदारी के लिए अनुभवी डॉक्टर की तलाश करनी होगी। डॉ बारंगा ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है कि वे नवम्बर में रिटायर हो रहे है। रिटायरमेंट होने पर सीएस पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए किसी और डॉक्टर की नियुक्ति करें।
इन डॉक्टरों के नाम सीएस पद की रेस में
जानकारी के मुताबिक डॉ बारंगा ने स्वास्थ्य विभाग को रिटायरमेंट की जानकारी प्रदान की, इसके बाद जिम्मेदारी संभालने के लिए कुछ डॉक्टरों के नाम स्वास्थ्य विभाग को दिए है। इसमें सर्जन डॉ प्रदीप धाकड़, डॉ वंदना धाकड़, डॉ जगदीश घोरे, डॉ प्रमोद मालवीय, डॉ रूपेश पदमाकर, डॉ रेणुका गोहिया का नाम शामिल है। इन डॉक्टरों में से किसी को भी सीएस पद की जिम्मेदारी मिल सकती है।
उल्लेखनीय है कि डॉ प्रदीप धाकड़ इसके पूर्व में भी सीएस पद पर रह चुके है। डॉ जगदीश घोरे भी सीएस पद की कमान संभाल चुके है। डॉ रूपेश पदमाकर भी अस्पताल में लंबे समय से पदस्थ होने के कारण उन्हें अस्पताल के संचालन का अनुभव है। ऐसे में इनमें से किसी डॉक्टर को सीएस की जिम्मेदारी मिल सकती है। जानकारी यह भी सामने आ रही है कि सीएस की रेस में शामिल डॉ रेणुका गोहिया का भी दिसम्बर में सेवानिवृत्त होने वाली है। ऐसे में डॉ गोहिया सीएस पद की रेस से बाहर भी हो सकती है।
नवम्बर में 2 और दिसम्बर में 1 डॉक्टर होंगे सेवानिवृत्त
जानकारी के मुताबिक नवम्बर और दिसम्बर में जिला अस्पताल के क्लास-1 डॉक्टर सेवानिवृत्त हो रहे है। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्था लड़खड़ा सकती है। नवम्बर माह में पैथालॉजी और सीएस डॉ अशोक बारंगा और पैथालॉजिस्ट डॉ डब्ल्यू ए नागले सेवानिवृत्त हो रहे है। इन दोनों को एक ही महीने में सेवानिवृत्त हो जाने से पैथालॉजिस्ट की व्यवस्था पटरी से उतर सकती है। यह दोनों डॉक्टर कई दिनों से जिला अस्पताल में पदस्थ है और इन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रखी है। इनके रिटायरमेंट के बाद अस्पताल में फिर डॉक्टरों की कमी खलेगी। जानकारी के अनुसार दिसम्बर माह में महिला चिकित्सक डॉ रेणुका गोहिया भी सेवानिवृत्त हो रही है। इस तरह से नवम्बर और दिसम्बर में अस्पताल से तीन डॉक्टर सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
इनका कहना…
सेवानिवृत्त होने की जानकारी रिटायरमेंट के कुछ महीने पहले ही स्वास्थ्य विभाग को देनी होती है। मैंने भी नियमानुसार जानकारी दे दी है, अब शासन स्तर से नए डॉक्टर को सीएस की जानकारी दी जाएगी।
डॉ अशोक बारंगा, सिविल सर्जन, बैतूल





