Betul Coal Mines Accident : कोयला खदान हादसे की जांच करने फिर पहुंचे डीएमएस, दर्ज किए बयान

कोल मंत्रालय की एक्सपर्ट टीम और कोल इंडिया के डीटी ने भी की जांच

Betul Coal Mines Accident :  कालीदास चौरासे फालोअप सारनी। वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड पाथाखेड़ा क्षेत्र की छतरपुर-1 खदान में हुई दुर्घटना की जांच करने अब तक एमपी जोन से लेकर कोल इंडिया डीटी और कोल मंत्रालय की एकसपर्ट टीम तक पाथाखेड़ा पहुंच चुकी है। सभी ने खदान में उतरकर अपने अपने स्तर पर पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार की है। हादसे की सही वजह अब तक सार्वजनिक तो नहीं की गई है। लेकिन यह बात सामने आ रही है कि सीएम मशीन से कोयला कटिंग करने के बाद उक्त फेस में ट्वीन बोल्ट मशीन सपोर्ट लगाने पहुंचती है।

इसके बाद ही दूसरा कोई काम कोयला कटिंग किए गए फेस में किया जाता है। लेकिन सीएम मशीन से कोयला कटिंग करने के बाद सपोर्ट लगाने वाली ट्वीन बोल्ट मशीन से पहले ही उक्त फेस में अंडर मैनेजर, माइनिंग सरदार और ओवरमेन पहुंच गए। इसी बीच हादसा हो गया। यह तीनों एक साथ बिना सपोट वाले फेस में कैसे और किसके कहने से पहुंचे थे यह जांच का विषय है।

बताया जा रहा है कि फिलहाल कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा छतरपुर-1 खदान पर नियंत्रण रखने तीनों पाली में तीन अधिकारियों को नियुक्त किया है। जिसमें प्रथम पाली जीएम, द्वितीय पाली सब एरिया और तृतीय पाली मैनेजर के हवाले की है।

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अब तक जांच करने पहुंची यह टीमें

छतरपुर-1 खदान के कंटीन्युअस माइनर सेकशन में हुए रूफफाल में तीन कोल कर्मियों की चट्टान में दबने से मौत हो गई थी। इस हादसे से पूरा कोल इंडिया हरकत में आ गया। दरअसल कोल इंडिया की भूमिगत खदानों को एशिया की सबसे सुरक्षित खदानों में गिना जाता है। ऐसे में भूमिगत खदान में रूफफाल होना सुरक्षा में बड़ी चूक होने जैसा है। अब तक सीआईएल की एकसपर्ट टीम, कोल इंडिया डीटी, वेकोलि सीएमडी, वेकोलि डीटी, वेकोलि डीपी, जीएम रेस्कयू, जीएम आईआर, जीएम एसएनसी के अलावा सभी यूनियनों की सुरक्षा टीमों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है।

दोबारा खदान में उतरे डीएमएस

मप्र जोन के डीएमएस हादसे की जांच करने दोबारा खदान में उतरे। निरीक्षण किया और एक-एक कर सभी के बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है कि डीएमए, डीडीएमएस ने जॉय माइनिंग सर्विसेस में घटना वाले दिन कार्य करने वाले तीनों पालियों के कामगारों, सेकशन इंचार्ज, शिपट इंचार्ज, सुरक्षा अधिकारी और नियंत्रण रखने वाले वेकोलि कर्मियों व अधिकारियों के बयान दर्ज किए। हादसे के बाद से उक्त फेस तो बंद है। लेकिन सेकशन चालू है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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