Betul News : विकलांग दम्पत्ति को मिला कलेक्टर का अभयदान
Betul News: Disabled couple gets protection from Collector

बोले कलेक्टर बोले- चिंता ना करो मिलेगी आवास की सुविधा, सुलझाएंगे विवाद
Betul News : (बैतूल)। काफी कम समय मे आम जनता के बीच लोकप्रिय हो चुके कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की सह्रदयता एक बार फिर देखने को मिली है। कलेक्टर ने डहर गांव में रहने वाले एक विकलांग दम्पत्ति के आवास सम्बन्धी विवाद को लेकर पहुंचे दम्पत्ति को आश्वस्त किया कि वे बिल्कुल चिन्ता ना करें उनकी समस्या का समाधान हर हालत में किया जाएगा। खास बात यह है कि अवकाश होने के बावजूद विकलांग दम्पत्ति की फरियाद सुनने वे कार्यालय पहुंचे और अपने चेम्बर में सम्मान से बैठाकर उनकी फरियाद सुनकर उन्हें खुशी-खुशी घर पहुंचाया। कलेक्टर ने तत्काल एसडीएम को निर्देशित किया है कि मौके पर जाकर जांच की जाए और और समस्या का समाधान कर जमीनी विवाद खत्म किया जाए।
यह है पूरा मामला
दरअसल डहर गांव निवासी बुधराव नावंगे को ग्राम पंचायत द्वारा 900 वर्ग फीट का पट्टा प्रदान किया गया है, जिस पर मकान का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन पड़ोसी द्वारा आनेजाने का रास्ता दिए जाने के चलते विवाद की स्थिति खड़ी हो चुकी थी। शुक्रवार नायब तहसीलदार राजकुमार उइके मौके पर पहुंचे और आदेश जारी कर दिया कि शनिवार सुबह 11 बजे जेसीबी मशीन लगाकर अतिक्रमण तोड़ दिया जाए। घबराए दम्पत्ति सुबह 9 बजे ही संवेदन शील कलेक्टर से न्याय की गुहार लेकर कार्यालय पहुंच गए थे। जैसे ही इसकी जानकारी संवेदनशील कलेक्टर को मिली वे कार्यालय पहुंचे और बड़े ध्यान से विकलांग दम्पत्ति की फरियाद सुनी।
नायब को फोन कर कार्यवाही रोकने के दिए आदेश
इस पूरे मामले की सुनवाई के दौरान सबसे पहले कलेक्टर ने नायब तहसीलदार को फोन कर कार्यवाही नहीं किए जाने के निर्देश दिए। इसके बाद दम्पत्ति के चेहरे पर खुशी के भाव भी नजर आए। चर्चा के दौरान दम्पत्ति द्वारा कलेक्टर को जो दस्तावेज दिए गए और जो वस्तुस्थिति बताई गई, उससे ऐसा प्रतीत हुआ कि कहीं ना कहीं कलेक्टर को सम्पूर्ण जानकारी प्रदान नहीं की। लिहाजा उन्होंने तत्काल एसडीएम राजीव कहार को तलब किया और निर्देश दिए कि मौक़े पर पहुंचकर मुआयना कर यह पता लगाएं की इस पूरे मामले में कौनसा पक्ष सही है और कौनसा गलत। दम्पत्ति ने भी कलेक्टर के मार्गदर्शन और निर्देश को सहर्ष स्वीकार किया और जांच के लिए अपनी सहमति दे दी। दम्पत्ति का कहना है कलेक्टर से मिलकर उन्हें भी अब न्याय की उम्मीद बंधी है ।





