Betul News: बैतूल की शांत फिजा में घुल रहा अय्याशी का जहर

Betul News: The poison of debauchery is dissolving in the calm atmosphere of Betul.

युवाओं में बढ़ा शराब और सिगरेट का चलन, आसपास के होटलों में सज रही संदिग्ध जोड़ो की महफ़िल

Betul News: बैतूल। शांति, सद्भाव और शांत फिजा के लिए जाना पहचाना नाम बैतूल शहर इन दिनों आधुनिकता की दौड़ में पूरी रफ्तार से दौड़ रहा है। इसकी बानगी शहर के बाहरी इलाकों में बने उन होटलों में आसानी से देखी जा सकती है। जहां सुबह 11 बजे से लेकर देर रात तक संदिग्ध जोड़ों की महफिलें सजी रहती हैं। आश्चर्य इस बात का है कि होटल संचालक इन जोड़ों को शराब, सिगरेट और अय्याशी की वो सभी सामग्रियां उपलब्ध करवा रहे हैं जिनकी डिमांड की जाती है। जानकारी मिली है कि इन संदिग्ध जोड़ो को जरूरत के हिसाब से कमरे भी उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था कई होटलों में बनाई गई है। यदि पुलिस इन ठिकानों को चिन्हित कर इसकी निगरानी करे तो युवाओं को भटकने से बचाया जा सकता है।

युवक-युवतियों में बढ़ा सिगरेट, स्मोकिंग का ट्रेंड

आधुनिकता की दौड़ में युवा पीढ़ी अपने भविष्य को किस कदर बर्बाद कर रही है। यह इसी बात से समझा जा सकता है कि युवक-युवतियों में सिगरेट शराब के सेवन का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। शहर के कई पान ठेले संचालक भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि उनकी दुकान से युवकों के अलावा कई ऐसी युवतियां भी हैं जो उनकी सिगरेट की परमानेंट ग्राहक हैं। कई नई कम्पनियों की सिगरेट युवक-युवतियों की पहली पसंद होती है। इनमें इंडी मिंट, क्रिस, मार्लबोरो, एडवांस, गरम, गोल्ड फ्लैक लाइट, और गोगो कम्पनी शामिल हैं। गोगो कम्पनी तम्बाकू भरी सिगरेट के अलावा पेपर फ्री रोल भी उपलब्ध करवा रही है। यह वो रोल है जिसमें तम्बाकू अलग से भरी जाती है। युवा वर्ग इस सिगरेट का उपयोग गांजा, और चरस पीने के लिए करते हैं। इस रोल की खरीदी करने वाले युवाओं की संख्या काफी अधिक है, इनमेंं युवतियां भी शामिल हैं।

मुनाफे के लिए दी जा रही सुविधाएं

वर्तमान में शहर के अधिकांश इलाकों में संचालित पान ठेलों के पीछे ग्रीन पर्दे लगे हुए आसानी से देखे जा सकते हैं। जानकारों के मुताबिक यह पर्दे उन युवाओं को सुविधा देने के लिए लगाए गए हैं जो चोरी-छिपे सिगरेट स्मोकिंग का शौक फरमा रहे हैं। इनमें स्कूली विद्यार्थियों के अलावा कॉलेज के भी विद्यार्थी बिना किसी डर के अपने शौक पूरे कर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।

1 हजार रुपये में उपलब्ध हो रहे कमरे

जानकारों के मुताबिक शहर के कई ऐसे होटल हैं जो महज 1000, 500 रुपए प्रतिघंटे के हिसाब से संदिग्ध जोड़ों को कमरे भी उपलब्ध करवा रहे हैं। इन होटलों में काम करने वाले कर्मचारियों की माने तो होटल में आने वाले कई जोड़े ग्रामीण इलाकों से ताल्लुक रखते हैं। कोठी बाजार, गंज और सदर क्षेत्र के कुछ होटल इसके लिए जानी जाती हैं। होटल पर पहुंचने के बाद बकायदा इन संदिग्ध जोड़ों को कमरा उपलब्ध तो करा दिया जाता है, लेकिन इनकी जान पहचान के लिए कोई दस्तावेज नहीं लिए जाते हैं। दिनभर में यदि 5 से 7 जोड़े भी होटल में पहुंच गए तो होटल संचालक को अच्छी खासी कमाई हो जाती है।

कुल मिलाकर शहर में अय्याशियों का यह आलम उस युवा पीढ़ी को अंधकार में धकेल रहा है जिनके माता पिता एक विश्वास और एक उम्मीद के साथ अपने बच्चों को पढ़ने लिखने के लिए शहर में भेज रहे हैं। सांझवीर टाईम्स की पालकों को सलाह है कि अपने बच्चों को सुविधाएं तो पूरी प्रदान करें । उन्हें अच्छी शिक्षा भी दें, लेकिन उन पर नजर जरूर रखे, ताकि बच्चा बदहाली के रास्ते पर ना जाकर एक अच्छा नागरिक बने।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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