Betul News: 35 साल पुरानी दोस्ती बनी मिसाल, धर्म की दीवारें भी नहीं तोड़ सकीं बलवीर और ताज की यारी

Betul News: 35 years old friendship became an example, even the walls of religion could not break the friendship of Balveer and Taj

नवरात्र से रमजान तक साथ निभाते हैं, समाज सेवा में भी रहते हैं अग्रणी

Betul News: बैतूल। धार्मिक विविधताओं के दौर में भी आपसी सौहार्द और भाईचारे की एक अद्भुत मिसाल बैतूल जिले में देखने को मिल रही है। यहां हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के दो व्यक्तियों की 35 वर्षों पुरानी मित्रता आज भी अटूट बनी हुई है। एक ओर भाजपा नेता और महारानी वस्त्र भंडार के संचालक बलवीर मालवी हैं, तो दूसरी ओर सारणी निवासी सिविल कांट्रेक्टर मोहम्मद ताज खान। ये दोनों न केवल समाज में सौहार्द की मिसाल बने हुए हैं, बल्कि एक-दूसरे के पारिवारिक दायित्वों को भी पूरी निष्ठा से निभाते आ रहे हैं।

बलवीर मालवी और ताज खान की मित्रता वर्ष 1991 में स्वर्गीय सांसद विजय खंडेलवाल और मेहताब सिंह ठाकुर के माध्यम से हुई थी। इसके बाद से यह रिश्ता समय की कसौटियों पर खरा उतरता गया। दोनों ने कभी धर्म, समाज या राजनीति को अपनी मित्रता के बीच आने नहीं दिया। बल्कि इन विषयों पर कभी कोई मतभेद तक नहीं हुआ। मोहम्मद ताज मूलत: बिहार के महुआ टांड़ के निवासी हैं। वर्तमान में वे सारणी में सिविल कांट्रेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। वहीं बलवीर मालवी बैतूल शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी और भाजपा से जुड़े सक्रिय नेता हैं। ताज के 5 भाई और 2 बहनें हैं, वहीं बलवीर के 3 भाई और 2 बहनें हैं। दोनों के परिजन भी एक-दूसरे को पूरा सम्मान देते हैं, और हर महत्वपूर्ण निर्णय में एक-दूसरे की राय को अहमियत देते हैं।

ताज रखते नवरात्रि में व्रत, बलवीर रमजान में रोजे

विशेष बात यह है कि मुस्लिम समुदाय से होने के बावजूद ताज खान नवरात्रि पर्व में नौ दिन माता की सेवा में सक्रिय रहते हैं। विश्वकर्मा मंदिर में होने वाले सामूहिक आयोजनों में वे बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाते हैं। वहीं बलवीर मालवी ने भी कई बार ताज की सलाह पर रमज़ान माह में रोजे रखे हैं, जिसमें खासकर 27वां रोजा शामिल है।

शाकाहारी होने पर बर्तन अलग उपयोग होते है

दोनों की दोस्ती की 1 और मिसाल है। बलवीर बताते हैं कि मैं शुद्ध शाकाहारी हूं, लेकिन जब ताज के घर भोजन करता हूं तो मेरे बर्तन अलग रखे जाते हैं। यह आपसी सम्मान का प्रतीक है। वहीं ताज खान ने भी बलवीर के साथ हनुमान जयंती, बाबा मठारदेव मेले जैसे धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लिया है। इसके कई उदाहरण देखने को मिले है। दोनों की दोस्ती के चर्चे पूरे जिले में याद किए जा रहे है। दोनों मित्रों का मानना है कि धर्म का रास्ता चाहे कोई भी हो, इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। उनकी मित्रता जिलेभर में सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश देती है। इनकी मित्रता आज के समय में लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

यही नहीं थमा इनकी दोस्ती का सिलसिला

हिंदू-मुस्लिम समाज से होने के बावजूद बलवीर और मो. ताज की दोस्ती का सिलसिला लगातार जारी है। दोनों के परिवार में जब भी कोई वैवाहिक कार्यक्रम हुए हैं तो एक दूसरे के प्रति स्नेह बनाए रखा। ताज भाई के यहां पुत्र की शादी हुई तो अपने वैवाहिक कार्ड में बलवीर और उनकी पत्नी का नाम डालने से नहीं चुके तो बलवीर मालवीय की पुत्री का मई 2023 में विवाह हुआ तब भी उन्होंने अपने जिगरी यार मो. ताज और उनकी पत्नी का नाम वैवाहिक पत्रिका में डाला। जिसने भी यह वैवाहिक पत्रिका देखी वे कायल बिना हुए नहीं रह सके। इनकी दोस्ती की एक और मिसाल कही जा सकती है कि हर त्यौहारों पर 35 वर्षों से कपड़े, जूते सहित अन्य सामग्री एक रंग की लेकर दूसरों के लिए प्रेरणा दे रहे हैं। बलवीर जहां ताज के लिए रमजान में तो ताज दिवाली पर बलवीर के परिजनों के लिए कपड़े दिलाते आ रहे हैं।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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