Betul News: कॉलेज चौराहे पर बारिश के पानी की निकासी अनदेखी का शिकार
Betul News: Drainage of rain water at college intersection is a victim of neglect.

बिना प्लानिंग के शुरू किया काम, एनजीटी के नियमों को भी किया दरकिनार
Betul News: नगरपालिका द्वारा कॉलेज चौक के विस्तारी करण का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। एन-केन प्रकारेण काम हो जाए, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है, लेकिन बिना सोचे समझे और बिना किसी प्लानिंग के किए जा रहे कार्य का भविष्य में क्या असर देखने को मिलेगा इस पर किसी का ध्यान नहीं है।
चौराहे के चौड़ीकरण करने के चक्कर में इस महत्वपूर्ण तथ्य को नजरअंदाज कर दिया गया है कि बारिश का पानी किस तरह ड्रेनेज के जरिये नाले तक पहुंचेगा। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो कार्य पूर्ण होने के बाद सिर्फ पछतावे के अलावा कुछ हाथ नहीं लगने वाला है।
मुहाने के सामने बना दी कांक्रीट की दीवार
कॉलेज चौराहे से सटे हुए नाले में गणेश चौक, आयकर भवन से होते हुए पानी नाले में जाकर मिलता है। बारिश के समय सड़कों का पानी भी इसी नाले में जाता है। यही स्थिति कंट्रोल रूम चौराहे से कालेज चौक तक बनी सड़क का भी है। यहां चौराहे के ठीक बगल से अंडरग्राउंड नालियों से आने वाले पानी को नाले तक ले जाने के लिए बकायदा रोड क्रॉस कर अंडर ग्राउंड मुहाना बना हुआ है, लेकिन इस मुहाने के ठीक सामने सीमेंट कांक्रीट की दीवार बना दी गई है।
चौराहे के चौड़ीकरण के चलते खाली जगह मुरम का भराव कर दिया गया है, लेकिन दीवार के बाजू में जगह नहीं होने से बारिश का पूरा पानी सागौन बाबा मंदिर के ठीक बाजू में बने गड्ढे में एकत्रित हो जाएगा, इससे परेशानियां कम होने के बजाए और ज्यादा बढ़ जाएगी।
पानी में डूब जाएगी नपा की मेन लाइन
जिस जगह सीमेंट कंक्रीट की दीवार बनाई गई है उसके ठीक बाजू में नगर पालिका की मेन पाइप लाइन गुजर रही है। यह वो पाइप लाइन है जिसके जरिए एनीकेट से पानी सीधे शहर में बनी पानी की टंकियों तक सप्लाई किया जाता है। सुविधाजनक ड्रेनेज सिस्टम न होने से पानी नाले तक नहीं पहुंचकर इसी जगह जमा होगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी निर्मित होगी और नपा की मुख्य पाइप लाइन भी पानी मे डूब जाएगी।
फिल्टर होकर आने वाला पानी दूषित होकर टंकियों तक पहुंचेगा और यही दूषित पानी शहर वासियों को सप्लाई किया जाएगा। इससे पहले भी कालेज चौक पर पाइप लाइन लीकेज होने के कारण कई मर्तबा हजारों लीटर पानी की बर्बाद हो चुकी है। इसके बावजूद नगरपालिका ने कालेज चौक के सौंदर्यीकरण के नाम पर जिस तरह पलीता लगाने का प्रयास किया है। यह शहर के लोगों गर्मी में पानी से वंचित रखने से कम नहीं कहा जा सकता है।
एनजीटी के नियमों का भी खुला उल्लंघन
बिना सोचे समझे किये गए कामों का खामियाजा कई बार नपा भुगत चुकी है। पहले बनाना फिर तोड़ना ही इस बात का सबूत है कि नगर पालिका किसी भी कार्य को बिना सोचे समझे अंजाम तो दे देती है पर बाद में पछताना पड़ता है। यही सब कालेज चौक के चौड़ीकरण कार्य मे भी देखने को मिल रहा है। जानकारों के मुताबिक चौड़ीकरण कार्य मे एनजीटी के नियमों को भी दरकिनार किया जा रहा है।
नियम है कि किसी भी नदी , नाले या डेम के 100 मीटर के दायरे में कंस्ट्रक्शन का कार्य नहीं किया जा सकता लेकिन यहां एनजीटी के इस नियम की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी और इंजीनियरों को इस समस्या पर तत्काल संज्ञान लेने की आवश्यकता है नहीं तो आने वाले दिनों में गम्भीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिसका खामियाजा भी आम जनता को ही भुगतना पड़ेगा।
इनका कहना…..
बारिश के पानी की निकासी को ध्यान में रखा गया है। बकायदा ड्रेनेज सिस्टम बनाकर पानी की निकासी की व्यवस्था करेंगे।
नगेन्द्र वागद्रे, सब इंजीनियर नगर पालिका परिषद बैतूल





