Prashasnik Kona : प्रशासनिक कोना: वर्दी वाले साहब ने जांच के नाम कौनसा च्यवनप्राश खाया कि रिपोर्ट सार्वजनिक करने में लग गए 5 महीने?? राजस्व अधिकारियों को किसने सुनाई खरी- खोटी??? कप्तान के चेम्बर में कौन करवा रहा घुसपैठ की कोशिश???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……
Prashasnik Kona: Administrative corner: What kind of Chyavanprash did the officer in uniform eat in the name of investigation that it took 5 months to make the report public??

जांच के नाम कौन सा च्वनप्राश खाया?
जिले के दो ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों के घोटाले में एक साहब को एसआईटी प्रमुख बनाया गया। इन्होंने जांच के नाम पर पांच माह में इतनी लीपापोती कर दी है कि नए साहब के आने के बाद इनके द्वारा पूर्व में खाया गया च्वनप्राश की क्वालिटी पूछी जाने लगी है। चर्चा है कि पांच माह में यह अधिकारी संबंधित मामले में केवल दो आरोपियों को पकड़ने में सफलता अर्जित कर पाया है। शेष मुख्य आरोपियों को तलाशने में नाकाम रहे। कुछ जनप्रतिनिधि खुलेआम मुख्य आरोपियों को बचाने के लिए अधिकारियों द्वारा दी जा रही छूट का मुद्दा भी उठा चुके हैं। हालांकि पुराने साहब के खास होने के कारण अब तक करोड़ों के घोटाले के जांच की फाइल आगे नहीं बढ़ पाई, लेकिन नए साहब के आने के बाद इस मामले की फाइल बाहर निकलने की खबर है। चर्चा है कि साहब ने इस मामले में दो मर्तबा इस अधिकारी को तलब भी कर लिया है।
बड़े साहब को जब आया गुस्सा
राजस्व अधिकारियों की बैठक में बड़े साहब का गुस्सा एक बार फिर चर्चा में है। तमाम कवायद के बावजूद उनके अधीनस्थ अपने काम में सुधार नहीं ला रहे हैं। नतीजा यह हुआ कि भैंसदेही और बैतूल के राजस्व अधिकारी बड़े साहब के फुल टारगेट में रहे। दोनों ही जगह की काम की गति की कछुवा चाल पर इतने भड़के कि उन्होंने कह डाला कि दोनों से कुछ नहीं हो रहा है। साहब के इतने कहते ही बैठक में सन्नाटा पसर गया। हमेशा बातों में उलझाने वाले अधिकारी साहब के तेवर देखकर चुप्पी साधे बैठे रहे। साहब ने आने वाली बैठक में कार्यप्रणाली में सुधार लाने की हिदायत भी दे डाली है। इससे दोनों अधिकारियों के हाथ-पैर फुले हैं।
कप्तान के चेंबर में घुसपैठ की कोशिश
वर्दी वाले विभाग में करीब डेढ़ वर्ष बाद बड़ा बदलाव हुआ है। यहां पर नए कप्तान की आमद के साथ अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगने की अब दावे किए जा रहे हैं। इस बीच नए कप्तान के चेंबर में घुसपेठ करने के लिए पुराने कप्तान से सिफारिश करने की खूब चर्चा है। जानकारी सामने आई है कि नए कप्तान को इस बात की भनक लगते ही वे फूंक -फूंक कर कदम रख रहे हैं। नए कप्तान को पता चल गया है कि हर किसी को लिफ्ट करने की आदत मेें ही पुराने साहब की जिले से लुपलाइन में रवानगी हुई है।




